लेखक परिचय

डॉ. दीपक आचार्य

डॉ. दीपक आचार्य

स्वतंत्र वेब लेखक व ब्लॉगर

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bhamashahडॉ. दीपक आचार्य

उप निदेशक

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, कोटा

 

लोक कल्याण और समग्र सामुदायिक उत्थान के लक्ष्यों को मूर्त रूप देने के लिए लक्ष्य समूह या जरूरतमन्दों की स्पष्ट पहचान व राज द्वारा प्रदत्त समस्त प्रकार के लाभों, अनुदान आदि का सतत संवहन उन तक बनाए रखने की आवश्यकता स्वयंसिद्ध है। वहीं इनसे संबंधित सभी प्रकार की सूचनाओं का डाटा संग्रहण भी अद्यतन स्वरूप में हमेशा उपलब्ध रहना जरूरी है।

आम आदमी के सर्वांगीण कल्याण से जुड़ी योजनाओं, परियोजनाओं, कार्यक्रमों तथा तमाम प्रकार की विकासकारी गतिविधियों का प्रवाह निरन्तर बनाए रखने तथा लक्ष्य समूह तक सीधा व सरल नेटवर्क स्थापित करने के प्रयास से ही आशातीत सफलता पायी जा सकती है।

राजस्थान सरकार इस दिशा में बहुआयामी दृष्टिकोण सामने रखकर सामाजिक सरोकारों के निर्वहन में भामाशाह योजना के माध्यम से जो कार्य कर रही है वह ऎतिहासिक कीर्तिमान की दिशा में निरन्तर आगे बढ़ने का संकेत कर रहे हैं।

आम जन के सर्वतोमुखी कल्याण के लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए जिस पारदर्शिता, संवेदनशीलता व जवाबदेही के साथ विभिन्न स्तरों पर भामाशाह योजना का युद्धस्तर पर गंभीरतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है वह राजस्थान प्रदेश के सुनहरे भविष्य का सुस्पष्ट संकेत है जो यह इंगित करता है कि वह दिन दूर नहीं जब अपना राजस्थान लोक कल्याण के लिए समर्पित और सामाजिक सरोकारों के प्रति संकल्पित प्रदेश के रूप मेंं देश भर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने का गौरव प्राप्त कर लेगा।

भामाशाह योजना हर आयु वर्ग, क्षेत्र एवं श्रेणियों के व्यक्तियों, समुदायों और सभी के लिए सामाजिक एवं आर्थिक विकास का पैगाम दे रही है। महिला सशक्तिकरण को ठोस एवं स्थायी जमीनी आधार देने वाली भामाशाह योजना पारिवारिक सँरचना से जुड़े बुनियादी तत्वों को मजबूती देने के साथ ही आधे आसमाँ के पूरे वजूद का दिग्दर्शन करा रही है।

भामाशाह योजना ने आम लोगों से जुड़ी सभी प्रकार की योजनाओं के लाभार्थियों को एक ही सुविधा मंच प्रदान कर लोगों की कई चिन्ताओं, हिचक और समस्याओं का अनकहे ही निर्णायक समाधान कर दिया है।  इससे जुड़े लाभार्थियों के लिए भामाशाह योजना ‘‘ सौ तालों की एक चाबी’’ की तरह सिद्ध होने वाली है।

हर इंसान चाहता है कि उसे अपने जीवन निर्वाह के साथ ही जिंदगी को हर प्रकार से आसान बनाने के लिए बार-बार की औपचारिकताओं के झंझटों से मुक्ति मिले तथा उसका हक़ बिना किसी बाधा या विलम्ब के सहज स्वाभाविक रूप से स्वतः प्राप्त होता रहे। इस मायने में भामाशाह योजना हर दृष्टि से आदर्श है जहाँ एक ही प्लेटफार्म से जुड़ जाने पर सब कुछ तत्काल हाजिर है और वह भी आसानी से। लाभ प्रदान करने वाली सभी योजनाओं का कल्पवृक्ष ही है यह।

भामाशाह कार्ड अपने आप में लोगों के लिए कल्याण का कार्ड है जिसके माध्यम से इलैक्ट्रॉनिक प्रक्रिया से सारे लाभ सीधे बैंक खाते में होने, अपने घर के पास लाभों की उपलब्धता, नगद राशि पाने की सुविधाएं, लेन-देन की जानकारी मोबाइल पर आ जाने, सुरक्षित कार्ड एवं बैंकिंग व्यवस्था होने जैसे कई सारे आयाम इससे जुड़े हुए हैं जिनकी वजह से यह योजना आम लोगों की अपनी योजना बन गई है।

आज प्रदेश का आम इंसान भामाशाह योजना की उपादेयता को अच्छी तरह समझ चुका है तभी तो इस योजना ने इतने कम समय में सरकार के अनथक व युद्धस्तरीय प्रयासों की बदौलत आज लोकप्रियता व जन स्वीकार्यता का रिकार्ड कायम कर जन भागीदारी का नवीन इतिहास रचने का काम कर दिखाया है।

राजस्थान सरकार की इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यह भी है कि सूचना संग्रहण, योजनाओं के बीच स्थायी और सीधा नेटवर्क,  एक ही स्थान पर सम्पूर्ण और सही-सही तथा अपडेट सूचनाओं की उपलब्धता, प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय स्तर पर योजनाओं के निर्माण, क्रियान्वयन, बहुआयामी विश्लेषण, शोध-अध्ययन एवं बहुविध उपयोग के साथ ही सटीक मूल्यांकन का बेहतर आधार स्थापित हो रहा है।

इससे व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं के क्रियान्वयन में मदद मिलने के साथ ही सामुदायिक विकास की रफ्तार कई गुना तेज होगी और आम आदमी के जीवन से लेकर परिवेश तक में तरक्की का सुस्पष्ट रूप से दिग्दर्शन और अनुभव हो सकेगा।

सार में कहा जाए तो भामाशाह योजना लोक कल्याण की वह भगीरथी है जिसकी सुगंध सदियों तक महसूस की जाती रहेगी। यह योजना अपनी उपादेयता और दीर्घकालीन प्रभाव के चलते अन्य प्रदेशों के लिए  भी अनुकरणीय सिद्ध होगी।

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