भारत का स्वतंत्रता दिवस – 15 अगस्त 2016

Posted On by & filed under लेख, साहित्‍य

भारत में प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को “स्वन्त्रता दिवस” के रुप में मनाया जाता है। वर्ष 2016 में भारत अपना 70वाँ स्वतंत्रता दिवस मनायेगा।15 अगस्त 1947 को भारत में प्रथम स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। भारत के लोगों के लिये ये दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है। वर्षों की गुलामी के बाद ब्रिटिश शासन से इसी… Read more »

अकबर जैसे पहाड़ से टकराने को उद्यत हो गये महाराणा प्रताप

Posted On by & filed under लेख, साहित्‍य

राकेश कुमार आर्य महाराणा से अपेक्षित व्यवहार महाराणा प्रताप के जीवन का उद्देश्य (राजकाज संभालने के पश्चात) अकबर का विरोध करना ही हो सकता था या कोई और भी? क्या उस समय कोई ऐसा मार्ग था -जिसे अपनाकर महाराणा प्रतापसिंह अपना और अपने देश का सम्मान बचा सकते थे? यदि इस प्रश्न पर गंभीरता से… Read more »

भारत का सबसे युवा शहीद खुदीराम बोस

Posted On by & filed under लेख, साहित्‍य

11 अगस्त पर विशेष:- मृत्युंजय दीक्षित क्रांतिकारी खुदीराम बोस भारत के ऐये महान सपूत थे जिन्होने सबसे कम आयु मंे भारत को आजादी दिलाने के लिए व अंग्रेजों के मन में भय उत्पन्न करने के कारण फांसी का फंदा चूम लिया। खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसम्बर 1889 को बंगाल के मिदनापुर जिले के एक… Read more »

गुदड़ी के लाल : लालबहादुर शास्त्री

Posted On by & filed under लेख, शख्सियत, साहित्‍य

डा. राधेश्याम द्विवेदी संक्षिप्त जीवनी:- भारत के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर, 1904 को मुगलसराय, उत्तर प्रदेश के एक सामान्य निम्नवर्गीय परिवार में हुआ था। आपका वास्तविक नाम लाल बहादुर श्रीवास्तव था। शास्त्री जी के पिता शारदा प्रसाद श्रीवास्तव एक शिक्षक थे अत: सब उन्हें मुंशीजी ही कहते थे । बाद में… Read more »

संस्कृत भाषा: विश्व की प्रथम अमरभाषा है

Posted On by & filed under लेख, साहित्‍य

डा. राधेश्याम द्विवेदी जिस प्रकार देवता अमर हैं उसी प्रकार सँस्कृत भाषा भी अपने विशाल-साहित्य, लोक हित की भावना ,विभिन्न प्रयासों तथा उपसर्गो के द्वारा नवीन-नवीन शब्दों के निर्माण की क्षमता आदि के द्वारा अमर है ।आधुनिक विद्वानों के अनुसार संस्कृत भाषा का अखंड प्रवाह पाँच सहस्र वर्षों से बहता चला आ रहा है। भारत… Read more »

भक्तिधारा के महान कवि – गोस्वामी तुलसीदास

Posted On by & filed under कला-संस्कृति, लेख, साहित्‍य

10 अगस्त पर विशेष:- मृत्युंजय दीक्षित हिंदी साहित्य के महान कवि संत तुलसीदास का जन्म संवत् 1956 की श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन अभुक्तमूल नक्षत्र में हुंआ था।इनके पिता का नाम आतमा रामदुबे व माता का नाम हुलसी था। जन्म के समय तुलसीदास रोये नहीं थे अपितु उनके मुंह से राम शब्द निकला था। साथ… Read more »

गोरी हुकूमत को खुली चुनौती थी काकोरी कांड

Posted On by & filed under लेख, साहित्‍य

क़ाकोरी कांड विशेष -9 अगस्त स्वतंत्रता आंदोलन का बहुचर्चित काकोरी कांड जिसने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला कर रख दी थी। वह काकोरी कांड 9 अगस्त 1947 को काकोरी स्टेशन पर हुआ था किन्तु यदि हमारे क्रांति पुरोधाओं को पहुँचने में देरी न हुई होती तो इस कांड को 8 अगस्त 1947 को ही अंजाम… Read more »

नैतिक मूल्य मानवता की पहचान होते हैं

Posted On by & filed under लेख

डा. राधेश्याम द्विवेदी असंतोष, अलगाव, उपद्रव, आंदोलन, असमानता, असामंजस्य, अराजकता, आदर्श विहीनता, अन्याय, अत्याचार, अपमान, असफलता अवसाद, अस्थिरता, अनिश्चितता, संघर्ष, हिंसा यही सब घेरे हुए है आज हमारे जीवन को.व्यक्ति में एवं समाज में साम्प्रदायिकता, जातीयता, भाषावाद, क्षेत्रीयतावाद, हिंसा की संकीर्ण कुत्सित भावनाओं व समस्याओं के मूल में उत्तरदायी कारण है मनुष्य का नैतिक और… Read more »

नये सपने बुनकर स्वतंत्रता को सार्थक दिशा दें

Posted On by & filed under लेख

ललित गर्ग पन्द्रह अगस्त हमारे राष्ट्र का गौरवशाली दिन है, इसी दिन स्वतंत्रता के बुनियादी पत्थर पर नव-निर्माण का सुनहला भविष्य लिखा गया था। इस लिखावट का हार्द था कि हमारा भारत एक ऐसा राष्ट्र होगा जहां न शोषक होगा, न कोई शोषित, न मालिक होगा, न कोई मजदूर, न अमीर होगा, न कोई गरीब।… Read more »

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती ‘कवि दिवस’

Posted On by & filed under लेख, शख्सियत, साहित्‍य

मैथिलीशरण गुप्त

डा. राधेश्याम द्विवेदी जीवन परिचय:- मैथिलीशरण गुप्त का जन्म ३ अगस्त सन १८८६ ई. में पिता सेठ रामचरण कनकने और माता कौशिल्या बाई की तीसरी संतान के रुप में उत्तर प्रदेश में झांसी के पास चिरगांव में हुआ। माता और पिता दोनों ही वैष्णव थे। वे “कनकलता” नाम से कविता करते थे। इनके पिता सेठ… Read more »