राजनीति विधि-कानून बड़ी मछलियों तक ‘पेपर लीक कांड’ की जांच पहुंचने के आसान कम? May 15, 2026 / May 15, 2026 by रमेश ठाकुर | Leave a Comment ‘नीट प्रश्नपत्र लीक’ मामले में धर पकड़ जारी है। पड़ताल का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया है। राजस्थान से कुछ आरोपी गिरफ्तार हुए हैं लेकिन जो आरोपी पकड़े गए हैं वह सियासत से संबंध रखते हैं। Read more » पेपर लीक कांड
लेख विधि-कानून मनुस्मृति और भारतीय संविधान, भाग – 13 ख May 14, 2026 / May 14, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment वर्तमान न्याय प्रणाली के दोषों पर विचार व्यक्त करते हुए न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने लंबित मामलों और उनमें हो रही देरी की समस्या पर कहा था कि भारत की जिला अदालतों में लगभग 26.8 करोड़ वाद लंबित हैं। यह तभी संभव हुआ है जब न्यायालय में पड़े मामलों में देरी से सुनवाई की जाती है। प्रक्रिया को लंबा खींचा जाता है। Read more » मनुस्मृति और भारत का सर्वोच्च न्यायालय मनुस्मृति और भारतीय संविधान
राजनीति विज्ञान विधि-कानून नीट पेपर लीक: अब फैसला करना होगा – पुरानी व्यवस्था बचानी या भविष्य बनाना है May 14, 2026 / May 14, 2026 by राजेश जैन | Leave a Comment इस बार की जांच में जो जानकारियां सामने आईं, उन्होंने यह साफ कर दिया कि पेपर लीक अब किसी एक सेंटर या छोटे गिरोह तक सीमित नहीं है। देहरादून, सीकर, जयपुर, गुरुग्राम और कई अन्य शहरों से जुड़े नेटवर्क यह संकेत देते हैं कि Read more » NEET paper leak NEET paper leak: A decision now – whether to preserve the old system or build the future नीट पेपर लीक मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी-2026 रद्द
विधि-कानून समाज मातृभाषा, संस्कृति और शिक्षा : राजस्थानी के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय May 13, 2026 / May 13, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment यह फैसला पदम मेहता एवं अन्य द्वारा दायर याचिका पर न्यायमूर्ति (जस्टिस) विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति(जस्टिस) संदीप मेहता की पीठ ने सुनाया है। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस पूर्व निर्णय को पलट दिया, जिसमें यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी गई थी कि शिक्षा नीति के मामलों में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकता। Read more » राजस्थानी के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय संस्कृति और शिक्षा
लेख विधि-कानून मनुस्मृति और भारतीय संविधान, भाग – 13 क May 12, 2026 / May 12, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment अंग्रेजों ने हमारे देश में जब अपने न्यायालय स्थापित किये तो उन्होंने संवेदनाशून्य न्याय प्रणाली की स्थापना की। जिनका भारतीय लोगों के प्रति तनिक सा भी लगाव नहीं था। वे सारे के सारे न्यायाधीश उपनिवेशवादी व्यवस्था की उपज थे। जिन्हें उपनिवेशवादी अधिकारियों , कर्मचारियों और स्वदेश के लोगों का बचाव करना था। Read more » Manusmriti and the Indian Constitution मनुस्मृति और भारत का सर्वोच्च न्यायालय मनुस्मृति और भारतीय संविधान
राजनीति विधि-कानून न्यायपालिका, आलोचना और लोकतंत्र : क्या न्यायालयों को आलोचना से भयभीत होना चाहिए? May 7, 2026 / May 7, 2026 by डॉ. शैलेश शुक्ला | Leave a Comment रत में न्यायालय की अवमानना का कानून औपनिवेशिक मानसिकता की देन माना जाता है। संविधान के अनुच्छेद 129 और 215 सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों को अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 भी इस शक्ति को परिभाषित करता है। Read more » न्यायालयों को आलोचना
विधि-कानून समाज ब्रेकअप अपराध नहीं: सुप्रीम कोर्ट का वह फैसला जो युवाओं की आज़ादी की रक्षा करता है April 29, 2026 / April 29, 2026 by ओंकारेश्वर पांडेय | Leave a Comment बहुत से लोग पूछ रहे हैं – क्या उत्तराखंड का UCC (एकसमान नागरिक संहिता) इस फैसले से उलट है? उत्तर है: बिल्कुल नहीं। उत्तराखंड UCC (जनवरी 2025 से प्रभावी) की धारा 385 साफ कहती है कि “दोनों साथी... समाप्ति का बयान रजिस्ट्रार को दे सकते हैं।” यह केवल सूचना देने की प्रक्रिया है – अपराध नहीं। सजा (6 माह जेल, ₹25,000 जुर्माना) केवल पंजीकरण न कराने पर है, संबंध तोड़ने पर नहीं। Read more » ब्रेकअप अपराध नहीं मैरिज-लाइक रिलेशनशिप
विधि-कानून समाज विवाह संस्था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच नई खाई April 20, 2026 / April 20, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment आधुनिकता के संक्रमणकालीन दौर में सबसे अधिक यदि कोई संस्था प्रश्नों के घेरे में है, तो वह विवाह और रिश्तों की पारंपरिक अवधारणा है। बदलती जीवनशैली, आर्थिक आत्मनिर्भरता, तकनीक, वैश्वीकरण और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बढ़ती चेतना ने रिश्तों की परिभाषा, अपेक्षाएँ और संरचना-सब कुछ बदल दिया है Read more » A new divide between the institution of marriage and individual freedom विवाह संस्था विवाह संस्था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता
लेख विधि-कानून भारत का संविधान और हमारे जनप्रतिनिधि ( भाग -9 ) April 13, 2026 / April 13, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment शुचिना सत्यसन्धेन यथाशास्त्रानुसारिणा । प्रणेतुं शक्यते दण्डः सुसहायेन धीमता ॥ Read more » The Constitution of India and our representatives भारत का संविधान और हमारे जनप्रतिनिधि
राजनीति विधि-कानून मतांतरण और आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला March 26, 2026 / March 26, 2026 by राजेश कुमार पासी | Leave a Comment हाईकोर्ट ने कहा था कि जो लोग ईसाई धर्म अपनाते हैं और सक्रिय रूप से उसका पालन करते हैं, वे अनुसूचित जाति का दर्जा बनाये नहीं रख सकते। Read more » Important decision of Supreme Court on conversion and reservation मतांतरण और आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट
राजनीति विधि-कानून धर्म और जाति को लेकर आए ‘सुप्रीम आदेश’ के राजनीतिक-सामाजिक मायने March 25, 2026 / March 25, 2026 by कमलेश पांडेय | Leave a Comment एससी/एसटी आरक्षण लाभ और अत्याचार निवारण अधिनियम का संरक्षण खत्म हो जाता है Read more » supreme court on sc st act खत्म हो जाता है
विधि-कानून समाज धर्म, जाति और धर्मांतरण: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय March 25, 2026 / March 25, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment धर्मांतरण का प्रश्न भारत में केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं रहा है, बल्कि कई बार यह सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और जनसंख्या संतुलन से भी जुड़ जाता है Read more »