Archive for the Category ‘विधि-कानून’
गणतंत्र दिवस पर शक्ति प्रदर्शन का औचित्य क्या है?
आजादी के लगभग तीन साल बाद भारत राष्ट्र के तत्कालीन सुविग्य्जनों और कानूनविदों ने भारतीय संविधान को अंगीकृत करते हुए उसकी प्रस्तावना में कहा था ”हम भारत के लोग एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न लोकतंत्रात्मक ,धर्मनिरपेक्ष,समाजवादी गणतंत्र स्थापित करने; आर्थिक,राजनैतिक,सामाजिक ,न्याय,विचार-अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता औरअवसरों की समानता स्थापित करने के निमित्त ……..के ...लोकपाल-हमाम में सभी नंगे!
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’
लोकपाल विधेयक के बहाने कॉंग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबन्धन यूपीए और भाजपा के नेतृत्व वाले मुख्य विपक्षी गठबन्धन एनडीए सहित सभी छोटे-बड़े विपक्षी दलों एवं ईमानदारी का ठेका लिये हुंकार भरने वाले स्वयं अन्ना और उनकी टीम के मुखौटे उतर गये! जनता के समक्ष कड़वा सत्य ...न्यायिक कर्मचारियों और न्यायधीशों के लिए आदर्श आचार संहिता
सलमान खुर्शीद ,
माननीय विधि एवं न्याय मंत्री ,
भारत सरकार ,
नई दिल्ली
मान्यवर,
न्यायिक कर्मचारियों और न्यायधीशों के लिए आदर्श आचार संहिता
आपको ज्ञात ही है कि हाल ही में भारत में न्यायिक दुराचरण के मामले बढे हैं| अमेरिका में न्यायिक कर्मचारियों और न्यायधीशों के लिए आचार संहिता भी बनी हुई है| इसी आचार ...न्यायिक सुधारों की दिशा मे जड़ से ही सुधार हो
वीरेन्द्र जैन
अभी सरकारी अधिकारियों, चुनाव लड़ने वालों, मंत्रियों, सांसदों विधायकों आदि जन प्रतिनिधियों के साथ न्यायधीशों की सम्पत्ति की घोषणा से सम्बन्धित बहस शांत ही नहीं हुयी थी कि न्यायिक सुधारों से सम्बन्धित नये विधेयक की सुगबुगाहट सुनाई देने लगी है। इस सम्भावित विधेयक के अनुसार न केवल न्यायधीशों के ...
















