भारत में बढ़ती बाघ आबादी के मायने

Posted On by & filed under पर्यावरण, सार्थक पहल

डॉ. मयंक चतुर्वेदी दुनिया में विलुप्त प्राय: स्थिति में पहुंचने के बाद पुन: अपने अस्तित्व को बनाने की दिशा में आगे आए बाघों ने जिस प्रकार प्रकृति के साथ तालमेल बनाते हुए अपनी जीवसंरचना के विकास में प्रगति की है, खासकर यह भारत के लिए आज खुशी की बात अवश्य है, क्योंकि पिछले कुछ सालों… Read more »

”भगवान” माने जाने वाले डाक्टरों का इलाज कौन कर सकता है ?

Posted On by & filed under जन-जागरण, सार्थक पहल, स्‍वास्‍थ्‍य-योग

इक़बाल हिंदुस्तानी पी एम मोदी भी अस्पतालों में गरीबों की अनदेखी से चिंतित हैं।    ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टिट्यूट यानी एम्स के एक समारोह में प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों डाक्टरों द्वारा गांवो और गरीब मरीज़ों की अनदेखी का मुद्दा उठाकर एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी नज़र… Read more »

गाँव की जमीन पर आदर्श निबंध लिखिए, सांसद जी !

Posted On by & filed under सार्थक पहल

अरुण तिवारी पंडित दीनदयाल उपाध्याय, महात्मा गांधी और जे पी; तीन वैचारिक शक्तियां, तीन तारीखें और तीन श्रीगणेश: क्रमशः 25 सितम्बर को ’मेक इन इंडिया’, दो अक्तूबर को ’स्वच्छ भारत’ और 11 अक्तूबर को ’सांसद आदर्श ग्राम’। हर सिक्के के दो पहलू होते हैं; इसके भी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अच्छी राजनीति की शुरुआत… Read more »

बचपन खिलाने का सबक

Posted On by & filed under जन-जागरण, सार्थक पहल

संदर्भः- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छात्रों से बातचीत प्रमोद भार्गव हमारी शिक्षा प्रणाली में विद्यार्थी द्वारा शिक्षक से प्रश्न करने का अधिकार लगभग गुम है। इसीलिए जब कोई मंत्री या अधिकारी किसी पाठशाला का निरीक्षण करने जाते हैं तो वे बच्चों से ऐसे सवाल पूछते हैं जो सूचना आधारित होते हैं। यानी उनसे जीवन-दर्शन का… Read more »

भारतीय मंगल अभियान की मंजिल तय

Posted On by & filed under टेक्नोलॉजी, विज्ञान, सार्थक पहल

प्रमोद भार्गव आखिरकार 66.60 करोड़ किलोमीटर की लंबी यात्रा के बीच आने वाली सभी बाधाओं को दरकिनार कर भारतीय मंगलयान का मंगल की धरती पर पहुंचना तय है। क्योंकि यान के सभी कल-पूर्जे वैज्ञानिकों द्वारा किए परीक्षण के बाद सही काम करते पाए गए हैं। इसके मुख्य इंजन को दस महीने बाद चालू करके देखा… Read more »

रैगिंग : प्रभुत्व स्थापित करने की विकृत मानसिकता

Posted On by & filed under सार्थक पहल

प्रो. एस. के. सिंह सिंधिया स्कूल में घटित रैगिंग की घटना से देश में एक नई बहस प्रारंभ हो गई है, कि अब उच्चतर शैक्षणिक संस्थानों की तरह स्कूलों में भी रैगिंग को लेकर कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। सूचनाओं के तेज प्रवाह एवं समय से पहले युवा होने एवं दिखने वाले बच्चों पर… Read more »

तिब्बत मामले पर सन्नाटे को तोड़ता संघ

Posted On by & filed under जन-जागरण, सार्थक पहल

तिब्बती जनता पर चीन के दमनचक्र के विरुद्ध राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने तिब्बतियों के संघर्ष को स्वर देने शुरु कर दिए है। इसकी एक झलक राष्ट्रीय जनक्रांति की 54 वर्षगांठ पर दिल्ली में चीन के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में देखने को मिली। हजारों की संख्या में उपसिथत तिब्बतियों और भारतीय नागरिकों को सम्बोधित… Read more »

“सेव पेपर कैम्पेन”-डीयू छात्रों की अनोखी पहल

Posted On by & filed under सार्थक पहल

  दिल्ली विश्वविद्यालय में अमूमन फ़रवरी-मार्च के महीनों में काफी चहलपहल रहती है। यहाँ पढ़ने वालों के शब्दों में कहें तो दूसरी जगहों पर बसंत महसूस किया जाता है, यहाँ वह प्रत्यक्ष झूमते, गाते, गुनगुनाते छात्रों की मस्तानी भीड़ के रूप में दिखाई पड़ती है। यही वह महिना होता है जब डीयू के कॉलेजों में… Read more »

पुराने वर्ष को जरूर विदा करें ,मगर अपनी बुराइयों के साथ

Posted On by & filed under सार्थक पहल

डॉ. दीपक आचार्य पूरी दुनिया साल भर बाद आज फिर पुराने वर्ष को विदा देने के लिए जबर्दस्त उतावली और आतुर है। इसी दौड़ में हम भारतीय भी पिछलग्गू बने हुए सन् 2012 को अलविदा कहने के लिए क्या-क्या नहीं कर गुजर रहे। कई दिनों से हमने जाने कितने जतन किये हैं अपने इस वर्ष… Read more »

एक आंदोलन में बदलता शौचालय अभियान

Posted On by & filed under सार्थक पहल

प्रमोद भार्गव   घर घर में शौचालय निर्माण अभियान को केंद्र्र में लाने का श्रेय केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश को दिया जा सकता है। हालांकि उनके मंदिर से शौचालय की तुलना करने वाले बयान से सहमति नहीं जतार्इ जा सकती, लेकिन उन्होंने बेटियों से जिस घर में शौचालय न हो, उस परिवार की… Read more »