लेखक परिचय

अब्दुल रशीद

अब्दुल रशीद

सिंगरौली मध्य प्रदेश। सच को कलमबंद कर पेश करना ही मेरे पत्रकारिता का मकसद है। मुझे भारतीय होने का गुमान है और यही मेरी पहचान है।

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अब्दुल रशीद

आजादी के बाद से गरीबों के नाम पर राजनीति करने वाले कांग्रेस के युवराज ने एक कदम आगे चल कर भिखारियों की राजनीति कि शुरुआत की है। गलती से या जान बूझकर लेकिन कांग्रेस के लम्बे कार्यकाल की हकीक़त खुद युवराज ने बयां कर दिया के कांग्रेस शासन काल में आम गरीब जनता अब भिखारी हो गई है। उनका यह कहना सच ही है कि देश को सर्वाधिक प्रधानमंत्री देने वाली उत्तर प्रदेश कि जनता आज कटोरा लेकर भीख मांगने को विवश है। आजादी के छ: दशक में अबतक कांग्रेस ने केन्द्र में 50साल तक और उत्तर प्रदेश में 40 साल तक का शासन किया है। अपने इस शासन काल में कांग्रेस न तो राज्य को ही खुश कर सका न ही देश को जर्मनी ,जापान व इजराइल जैसा शक्तिशाली देश बना पाया। दो दो विश्व युद्ध की विभिषिका झेलने के बाद भी इन देशो का विकास अवरुद्ध नहीं हो सका और हमें आज भी कोई ठोस कदम उठाने से पहले अमेरिका का मुँह देखना पड़ता है। जहां तक उत्तर प्रदेश की बात है तो प्रदेशवासियों को भीख का कटोरा थमाने के लिए कौन जिम्मेदार रहा है? किसी प्रदेश के विकास व आर्थिक सम्पन्न बनाने के लिए 40 साल समय कम नहीं होता। यह हालत तब है जब सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश ने दिया और सबसे ज्यादा दुखःद तथ्य यह है की उनका परिवार ही सबसे ज्यादा राज किया है। यह सिलसिला जवाहरलाल नेहरु, इन्दिरा गांधी से लेकर राजीव गांधी तक बनी रही। ऐसा क्या कारण था के यह राजपरिवार अपने ही प्रदेश में अपनी केन्द्रीय नीति लागू कर सकने में असफल रहा जबकि प्रदेश में उनकी ही सरकार आती जाती रही। कांग्रेस के लम्बा कार्यकाल महज घोषणा काल ही बन कर रह गया जिसमें आम जनता को सपने दिखाया गया और सत्ता का सुख के साथ आम जनता कि गाढ़ी कमाई का लुट पाट चलता रहा। स्वयं स्वर्गीय राजीव गांधी के अनुसार विकास मद के एक रुपये का केवल 25 पैसा ही जरुरतमंद लोगों तक पहुँच पाता है। अब यह ठीकरा उत्तर प्रदेश में सपा,बसपा,और भाजपा के सर फोड़ने से नंगा सच तो नही छुप सकता।

भट्टा परसौल की उनकी यात्रा,गरीब बस्ती के झुग्गी झोपड़ी में अचानक घुसकर साग रोटी खा लेना उत्तर प्रदेश कि जनता का भाग्य नहीं बदल सकता है। अगर देश भ्रष्टाचार से मुक्त हो जाए तो गरीबी अपने आप मिट जाएगी और देश के किसी भी प्रदेश कि आम जनता कटोरा लेकर भीख मांगता नज़र नहीं आएगा।

राहुल गांधी के चुनावी नारा “जवाब हम देंगे” का मतलब कांग्रेस के पोस्टर के मध्यम युवराज साफ दे रहें है कि उनकी कांग्रेस जवाहरलाल से चल कर उन तक पहुँच चुकी है और वह अपने परिवार का दृष्टिकोण को ही एक कदम आगे गरीब कि राजनीति को भिखारियों तक बढाने जा रहें हैं।

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2 Comments on "कांग्रेस का सफर-गरीब से भिखारी तक"

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इक़बाल हिंदुस्तानी
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कांग्रेस कुछ भी कर ले उसे उ. प. में सत्ता मिलने वाली नहीं है.

डॉ. मधुसूदन
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बिम्न एक डॉलर = ५२.२१ रुपए का दर आज घोषित हुआ।
{1.00 USD = 52.2113 इनर}

गत तीन चार सप्ताह में यह ४५ रुपयोंसे फिसल कर आज बावन (५२) रुपए से भी ज्यादा हो गया है।
१९४७ में पढा है, कि १ डॉलर = १ रुपया था।
सातवे दशक में १ डॉलर के ४.७६ रुपए होते थे।
आज १ डालर= ५२ रुपए २१ पैसे
अब कोइ बताए कि ????????
हम ने कितनी उन्नति (तरक्की) की है?
हर देश शुभेच्छक के लिए दुःख की बात है?

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