लेखक परिचय

पवन कुमार अरविन्द

पवन कुमार अरविन्द

देवरिया, उत्तर प्रदेश में जन्म। बी.एस-सी.(गणित), पी.जी.जे.एम.सी., एम.जे. की शिक्षा हासिल की। सन् १९९३ से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में। पाँच वर्षों तक संघ का प्रचारक। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्तीय मीडिया सेण्टर "विश्व संवाद केंद्र" गोरखपुर का प्रमुख रहते हुए "पूर्वा-संवाद" मासिक पत्रिका का संपादन। सम्प्रतिः संवाददाता, ‘एक्सप्रेस मीडिया सर्विस’ न्यूज एजेंसी, ऩई दिल्ली।

Posted On by &filed under प्रवक्ता न्यूज़, विश्ववार्ता.


अमेरिका के डेन्वेर विश्वविद्यालय में विधि विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक एवं वर्ल्ड ज्यूरिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश नन्दा को “छठा भारतवंशी गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया। डॉ. नन्दा को यह सम्मान दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित मालवीय भवन के सभागार में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी ने प्रदान किया।

कार्यक्रम का आयोजन अंतरराष्ट्रीय सहयोग न्यास के तत्वावधान में किया गया था। इस दौरान मुख्य रूप से पूर्व राज्यपाल केदारनाथ साहनी, पूर्व पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री संतोष गंगवार, वरिष्ठ पत्रकार अशोक टण्डन, दिल्ली की मेयर प्रो. रजनी अब्बी, मृदुला सिन्हा, मीडिया नैपुण्य संस्थान के निदेशक आशुतोष भटनागर, भाजपा नेता विजय जौली, पी.एन. पाठक सहित कई गण्यमान्य उपस्थित थे।

डॉ. नन्दा ने अमेरिका में प्रवासी भारतीयों के बीच भारत की संस्कृति व सभ्यता के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वह विदेशों में कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किये जा चुके हैं। इसके अलावा अभी हाल ही में वह इण्डियन लॉ टीचर्स एसोसिएशन के द्वारा सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान से सम्मानित किये जा चुके हैं।

डॉ. नन्दा ‘लॉ जर्नल’ व ‘नेशनल मैगजीन’ का प्रकाशन भी करते हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून पर उनकी 23 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वह अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ‘डेन्वेर पोस्ट’ के नियमित स्तम्भकार हैं। उन्होंने बीबीसी व वॉयस ऑफ अमेरिका सहित विश्व के विभिन्न रेडियो व टीवी चैनलों पर समीक्षक के नाते भी अपनी विशेष पहचान बनायी है।

यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद के द्वारा प्रदान किया जाता है। यह देश की पहली ऐसी संस्था है जो विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के लोगों से संबंध स्थापित करने और भारत की संस्कृति व सभ्यता के प्रचार-प्रसार का कार्य करती है। इसकी स्थापना वर्ष 1960 में वरिष्ठ पत्रकार एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ श्री बालेश्वर अग्रवाल ने की। 94 वर्षीय श्री अग्रवाल परिषद के संस्थापक अध्यक्ष और जे.सी. शर्मा अध्यक्ष हैं। संस्था का केंद्रीय कार्यालय दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित प्रवासी भवन में है।

इस पुरस्कार का चयन उच्चस्तरीय समिति के द्वारा किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से मॉरीशस के राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ, फिजी के पूर्व प्रधानमंत्री महेंद्र चौधरी, त्रिनिडाड के पूर्व प्रधानमंत्री बासुदेव पाण्डेय, पूर्व केंद्रीय विधि मंत्री एवं जनता पार्टी के अध्यक्ष डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी, दैनिक जागरण के प्रधान सम्पादक संजय गुप्ता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद के संस्थापक अध्यक्ष बालेश्वर अग्रवाल, जी टेलीफिल्म्स लिमिटेड के एमडी सुभाष चन्द्रा, वरिष्ठ पत्रकार मनोहर पुरी, अंतरराष्ट्रीय सहयोग न्यास के सचिव विजेंद्र मित्तल और नरेश गुप्ता शामिल हैं।

विदित हो कि संस्था के द्वारा ‘पहला भारतवंशी गौरव सम्मान’ 25 अक्टूबर 2005 को दक्षिण अफ्रीका निवासी श्री रणजीत रामनारायण को प्रदान किया गया था। उनको यह पुरस्कार मॉरीशस के प्रधानमंत्री श्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने प्रदान किया था। ‘दूसरा भारतवंशी गौरव सम्मान’ त्रिनिदाद व टोबैगो निवासी श्री सत्यनारायण महाराज को 23 दिसम्बर 2006 को पूर्व प्रधानमंत्री श्री इंदर कुमार गुजराल ने प्रदान किया था। ‘तीसरा भारतवंशी गौरव सम्मान’ ग्लोबल ऑर्गनाइजेशन ऑफ पीपुल्स ऑफ इण्डिया (जीओपीआईओ) के चेयरमैन डॉ. थामस अब्राहम को 4 जनवरी 2008 को तत्कालीन उप-राष्ट्रपति श्री भैरोंसिंह शेखावत ने प्रदान किया था।

‘चौथा भारतवंशी गौरव सम्मान’ मॉरीशस के ह्यूमन सर्विस ट्रस्ट (एचएसटी) नामक गैर-सरकारी संगठन को 11 जनवरी 2009 को पूर्व उप-प्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी ने प्रदान किया था और ‘5वां भारतवंशी गौरव सम्मान’ थाईलैंड के श्री शिवनाथ राय बजाज को 10 जनवरी 2010 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज ने प्रदान किया था।

चित्र परिचय : बाएं से दूसरे डॉ. वेद प्रका‍श नन्‍दा

Leave a Reply

2 Comments on "डॉ. वेद प्रकाश नन्दा को भारतवंशी गौरव सम्मान"

Notify of
avatar
Sort by:   newest | oldest | most voted
vanita singh
Guest

Dr ved prakash ko bahut bahut badhai.Aap jaise logon ki wajah se hee aaj hindustan ka naam itna uncha hai.

डॉ. मधुसूदन
Guest
डॉ. वेदप्रकाश नंदा जी के सम्मान और गौरव में एक गीत की पंक्ति स्मरण हो रही है। है मराठी में, पर समझने में कठिन नहीं है ॐ हा अखंड “नंदा” दीप जळणार सतत जळणार। हा असाच तेवत जगती निज प्रकाश नित देणार॥ अर्थ: यह “आरतिका” दीपक हमेशा जलता रहेगा। ऐसे ही जलते हुए संसार में प्रकाश फैलाएगा॥ नंदा जी (इसी संबोधन से वे यहां अमरिकामें पहचाने जाते हैं।) के इस सम्मान से बहुत सारे भारतीय संस्कृति के चाहक और वाहक जो अमरिका में भी भारतीय संस्कृति का नंदा दीप जलाए हुए हैं, उन सभी की ओर से बधाई॥ ॥नंदा जी… Read more »
wpDiscuz