लेखक परिचय

अन्नपूर्णा मित्तल

अन्नपूर्णा मित्तल

एक उभरती हुई पत्रकार. वेब मीडिया की ओर विशेष रुझान. नए - नए विषयों के लेखन में सक्रिय. वर्तमान में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परस्नातक कर रही हैं. समाज के लिए कुछ नया करने को इच्छित.

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राम ने रावण से – ”आ जाओ आ जाओ। कुत्ते से डरो नहीं।”
रावण – ”क्यों, क्या यह काटता नहीं ?”
राम – ”यही तो मैं देखना चाहता हूं – आज ही खरीद कर लाया हूं न!”


राम – यार, तुम्हारी बीबी तो बहुत ही नाटी है!
श्याम – भाई, बला जितनी छोटी हो उतनी ही अच्छी!


राम – क्या आप ने ही कल मेरे लड़के को डूबने से बचाया था ?
श्याम – हां, मगर अब उस बारे में मेरी तारीफ करके मुझे शर्मिन्दा मत कीजिये।
राम – अजी करूं क्यों नहीं ? बताइये उस लड़के की टोपी कहां है ?


एकमुखी – यार मेरे 5 साल के बेटे ने मेरी सारी कविताएं फाड़ डाली।
तीनमुखी – बधाई हो, इतनी कम उम्र में तुम्हारा बेटा साहित्य का पारखी बन गया है।


एक आलसी से मित्र ने कहा – सुना है तुम फौज में भरती हो रहे हो ?
आलसी – अरे नहीं, मुझे तो यह भी पता नहीं कि बंदूक का मुंह किधर रखकर चलाते हैं।
मित्र – इसमें क्या है ? तुम बंदूक का मुंह किधर भी रखकर चलाओ, देश का भला ही करोगे।


मीना – मेरे पति को छोड़कर आज तक किसी और ने मेरा चुम्बन नहीं लिया।
टीना – इसका तुम्हें गर्व है या पश्चाताप ?


एकमुखी – “20 बरस की उम्र में मैं समझता था कि मैं दुनिया को बचा लूँगा.”
तीनमुखी – “अब तो आप 30 बरस के हो गए होंगे.”
एकमुखी – “हाँ, अब मानता हूँ कि अगर अपने वेतन में से कुछ बचा सकूं तो अपने को भाग्यशाली समझूं!”


मोहन – यार तू फोन पर इतनी धीमी आवाज़ में बात क्यों कर रहा है ?
सोहन – बीवी है यार !
मोहन – तो क्या हुआ ?
सोहन – तेरी है ….. !


पिंटू (चिंटू से)- ये कैसे पता चलेगा कि सामने जो जानवर है वह बकरा है या बकरी।
चिंटू (पिंटू से)- सिंपल है, उसको पत्थर मारना यदि वह भागा तो बकरा और भागी तो बकरी।


एकमुखी – अरे यार …. ये मोबाइल तो मुझे कंगाल कर देगा …!
तीनमुखी – क्यों ? क्या हुआ ?
एकमुखी – बार-बार दिखाता है – बैटरी लो (battery low), और मैं अब तक 56 बैटरी बदल चुका हूँ !!!


सोहन – यदि तुम्हारी शादी एक जैसी शक्लो-सूरत वाली जुड़वां बहनों में से किसी एक से हो जाये तो तुम अपनी पत्नी को कैसे पहचानोगे ?
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सोहन – मैं क्यों पहचानूं ???


एक दोस्त ने दूसरे से मुझे यह कार ख्ररीदे दो साल से जयादा हो चले हैं, लेकिन आपको यह जान कर हैरत होगी कि अभी तक इस की सर्विसिंग और मरम्मत का मैने एक भी पैसा नही दिया है ।’
दूसरे ने कहा “जी नही, बिलकुल हैरत नही हुई।”
पहले ने “क्यो?”
दूसरे ने क्योकि मुझे सर्विस स्टेश्न? के मालिक ने पहले ही बता दिया था कि आपने दो साल से उसके बिलों का भुगतान नही किया है।”


फौज के एक सिपाही ने बडे अरमान से अपनी पत्नी के नाम व पत्ते के लेटरपैड छपवाए ताकि वह जब उसे पत्र भेजे तो उन छपे हुए खूबसूरत कागजो पर ही भेजे। जब लेटरपैड छप कर आ गए तो अपने एक साथी को दिखाते हुए उस ने पूछा, ” कहो कैसे छपे हैं ?”
साथी बोला, ” छपे तो अच्छे हैं लेकिन साथ ही इन पर संबोधन की जगह अपना नाम भी छपवा लेते तो बेहतर था।”
“वह क्यो”
“इसलिए कि इन कागज़ों पर किसी और को पत्र न लिखा जा सके।”


सलमान और आमिर रा-वन देख रहे थे!
आमिर- यार इससे अच्छी तो तेरी बाडीगार्ड थी!
सलमान- पर तेरी डेली बैली से यह आगे निकल गई!
आमिर- वो कैसे?
सलमान- सिनेमा हॉल में इतनी गालियाँ तो डेली बैली में भी नहीं सुनाई दी थी!


रा-वन देखने के बाद सलमान शाहरुख़ से-
मुझ पर एक एहसान करना, दुबारा ऐसी मूवी मत बनाना!


हर आदमी का सपना-
7 अंकों में सेलरी, 6 अंकों में बचत, 5 बेडरूम का घर, 4 पहियों की गाड़ी, 3 हफ्ते की छुट्टियाँ, 2 प्यारे बच्चे और 1 गूंगी बीवी!


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