लेखक परिचय

पंडित दयानंद शास्त्री

पंडित दयानंद शास्त्री

ज्योतिष-वास्तु सलाहकार, राष्ट्रीय महासचिव-भगवान परशुराम राष्ट्रीय पंडित परिषद्, मोब. 09669290067 मध्य प्रदेश

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(घर के दरवाजे के साथ खुलता है आपका भाग्य)

घर के दरवाजे सुंदर और आकर्षक होने चाहिए। इसके पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों की कारण मौजूद हैं। दरवाजे ही हमारे घर की वास्तविक स्थिति बता देते हैं। यदि किसी व्यक्ति के घर के दरवाजे टूटे हुए हैं तो अधिकांश परिस्थितियों में ऐसा होता है कि उस घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं रहती है। टूटे दरवाजे नकारात्मक ऊर्जा को अधिक सक्रिय कर देते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रोक देते हैं। ऐसे घर में रहने वाले लोगों के विचार भी नेगेटिव ही रहते हैं।

ऐसे दरवाजे की वजह से किसी भी कार्य को करने से पहले उस कार्य में असफलता का ख्याल पहले हमारे दिमाग में आता है। जिससे आत्मविश्वास में कमी आती है और कार्य बिगडऩे की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। झालरापाटन के प्रसिद्द वास्तुविद पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की वास्तु के अनुसार भी टूटे दरवाजे वास्तु दोष उत्पन्न करते हैं। धर्म के अनुसार देखा जाए तो महालक्ष्मी उसी घर में सदैव निवास करती हैं जिस घर में साफ-सफाई, स्वच्छता के साथ ही सुंदरता भी हो। यदि घर में प्रवेश कराने वाला दरवाजा ही टूटा हुआ होगा तो ऐसे घर में महालक्ष्मी की कृपा की कमी रहती है। इन्हीं कारणों के चलते हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि घर के सभी दरवाजे सुंदर और व्यवस्थित रहें।आपको अपना पैसा प्यारा है तो घर के दरवाजे पर ध्यान देना जरूरी है वरना धीरे-धीरे आपके घर से पैसा खत्म होने लगेगा। घर में बरकत नहीं होगी।

झालरापाटन के प्रसिद्द वास्तुविद पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की आपकी इनकम और फायदे पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है घर के मुख्य दरवाजे का। अगर आपके घर का मेन गेट सही दिशा में नहीं है तो जल्दी ही आपको गरीबी का मुंह देखना पड़ सकता है।

हमारे घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं दरवाजे। क्या आप जानते हैं दरवाजे किस्मत चमका भी सकते हैं और बिगाड़ भी सकते हैं। जी हां किसी भी घर के लिए यह जरूरी है कि दरवाजे किसी भी प्रकार से टूटे हुए नहीं होना चाहिए। दरवाजा हमारे घर का वो प्रवेश द्वार होता है, जिससे गुजरकर हम अपने घर के भीतर प्रवेश करते हैं। घर में दरवाजे का होना घर की सुरक्षा व सुंदरता दोनों ही दृष्टि से आवश्यक होता है।काफी हद तक घर  के  मुख्य द्वार  पर  निर्भर  करता है  कि वहाँ रहने  वाले  लोगों का भाग्य कितना अच्छा है  और  वह अपने  जीवन में कितनी उपलब्धियां हासिल करेंगे

– इसी वजह से  वास्तु के  अनुसार  कई ऐसे  नियम बताए गए हैं जो  हमारे  भाग्य को  मदत करते  हैं । वास्तु के  अनुसार  दरवाजो  से  पाँजीटिव ओर  नेगेटिव दोनो प्रकार  की एनर्जी प्रवेश कर ती है  । यदि दरवाजे  में वास्तु दोष होगे  तो  नेगटिव एनर्जी घर  में ज्यादा प्रभाव डालती है  और  पाँजीटिव इफेक्ट को  कम करती है  ।

हमारे घर का दरवाजा कैसा हो और कहाँ पर हो, इस संबंध में वास्तु में कुछ सिद्धांत दिए गए हैं, आइए जानते हैं वास्तु के इन्हीं सिद्धांतों के बारे में –

——-पूर्व दिशा में घर का दरवाजा है तो ऐसा व्यक्ति कर्ज में डुब जाता है। इसके लिए सोमवार को रुद्राक्ष घर के दरवाजे के मध्य लटका दें और पहले सोमवार को हवन करें। रुद्राक्ष व शिव की आराधना करने से आपके समस्त कार्य सफल होंगे।

———–पश्विम दिशा में दरवाजा होने से घर की बरकत खत्म होती है। ऐसे दरवाजे से दोष उत्पन्न होने पर रविवार को सूर्योदय से पूर्व दरवाजे के सामने नारियल के साथ कुछ सिक्के रखकर दबा दें। किसी लाल कपड़े में बांध कर लटका दें। सूर्य के मंत्र से हवन करें। द्वार दोष दूर होगा।

———–वास्तु के अनुसार उत्तर का दरवाजा हमेशा लाभकारी होता है। यदि द्वार दोष उत्पन्न होता है, तो भगवान विष्णु की आराधना करें। पीले फूले की माला दरवाजे पर लगाएं। लाभ होगा।

——-दक्षिण दिशा में घर कर मेन गेट शुभ नहीं हैं तथा इसके कारण घर में लगातार आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके लिउ बुधवार या गुरुवार को नींबु या सात कौडिय़ां धागे में बांधकर लटका देना चाहिए।

—– घर में प्रवेश का केवल एक मुख्य द्वार होना चाहिए।

—– विपरीत दिशा में दो मुख्य द्वार नहीं बनाना चाहिए।

—– मुख्य ‍दीवार, जिसमें आपको दरवाजा लगाना है। उसे नौ बराबर भागों में बाँटिए। दाएँ से पाँच भाग छोड़कर तथा बाएँ से तीन भाग छोड़कर बीच में बचे खाली भाग में दरवाजा लगाएँ।

—– मुख्य द्वार पर भगवान गणेश की प्रतिमा या धर्म संबंधी शुभ संकेत लगाना वास्तु के अनुसार शुभ माना जाता है।

—– घर के सभी खिड़की व दरवाजे एक समान ऊँचाई पर होने चाहिए।

—– दरवाजे के भीतर दरवाजा नहीं बनाना चाहिए।

—– किसी मंदिर में चारों दिशाओं में आप दरवाजे लगा सकते हैं।

—-घर के ऊपरी माले के दरवाजे निचले माले के दरवाजों से कुछ छोटे होने चाहिए।

—- सीढ़ियों के दरवाजे का मुख उत्तर या दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए।

——वास्तु के  अनुसार  यदि दरवाजा बंद करने  या खोलने  पर  किसी भी प्रकार  की आवाज आती है  तो  यह शुभ नहीं हो ता है  । ऐसा होने  पर  घर  के  सदस्यो को  मानसिक तनाव तो

झेलना पडता है  साथ ही नकारत्मक ऊर्जा भी सक्रिय हो  जाती है  । घर  मे धन के  प्रवाह पर  बुर प्रभाव पडता है  । इसी वजह से  दरवाजा बंद करते  और  खोलते  समय आवाज नहीं आनी चाहिए । दरवाजा अंदर  की ओर  खुलना चाहिए, शुभ रहता है  ।

——दरवाजे   के  वास्तु दोष को  दूर  कर ने  का सबसे  अच्छा उपाय यही है  कि इस पर  कोर् इ शुभ चिन्ह लगा दिया जाए । शुभ चिन्ह जैसे  गणेशजी का चित्र, स्वस्तक, आदि बनवाए जा सकते  है। ऐसा करने  पर  कुछ समय मे घर  के  सभी सदस्यों के  भाग्य को  बल मिलेगा और  समस् याएँ दूर  होगी ।

——–फेंगशुई के अनुसार घर के दरवाजे में लाल रिबन से बंधे सिक्के लटकाने से घर में धन और समृद्धि आती है। अपने घर के दरवाजे के हैंडल में सिक्के लटकाना घर में संपत्ति व सौभाग्य लाने का सर्वोत्तम मार्ग है। सिर्फ तीन सिक्के ही लगाएं और वह भी दरवाजे के अंदर की ओर। बाहर सिक्के लगाने से लक्ष्मी द्वार पर ही ठहर जाती है। आप तीन पुराने चीनी सिक्कों को लाल रंग के धागे अथवा रिबन में बांध कर अपने घर के हैंडल में लटका सकते हैं। इससे घर के सभी लोग लाभान्वित होंगे। ये सिक्के दरवाजे के अंदर की ओर लटकाने चाहिए न कि बाहर की ओर। केवल मुख्य द्वार के हैंडल में सिक्के लटकाएं।

 

 

 

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