लेखक परिचय

एल. आर गान्धी

एल. आर गान्धी

अर्से से पत्रकारिता से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में जुड़ा रहा हूँ … हिंदी व् पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है । सरकारी सेवा से अवकाश के बाद अनेक वेबसाईट्स के लिए विभिन्न विषयों पर ब्लॉग लेखन … मुख्यत व्यंग ,राजनीतिक ,समाजिक , धार्मिक व् पौराणिक . बेबाक ! … जो है सो है … सत्य -तथ्य से इतर कुछ भी नहीं .... अंतर्मन की आवाज़ को निर्भीक अभिव्यक्ति सत्य पर निजी विचारों और पारम्परिक सामाजिक कुंठाओं के लिए कोई स्थान नहीं .... उस सुदूर आकाश में उड़ रहे … बाज़ … की मानिंद जो एक निश्चित ऊंचाई पर बिना पंख हिलाए … उस बुलंदी पर है …स्थितप्रज्ञ … उतिष्ठकौन्तेय

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एल.आर.गान्धी

भारतीय राजनयिक अधिकारी अनिल वर्मा ने अपनी पत्नी को क्या पीट दिया ‘सारे सभ्य समाज में बवाल मच गया. भारत ने भी अपने अधिकारी को वापिस बुला लिया और उसके खिलाफ सख्त कारर्वाही की जाएगी?

इसी बीच वर्मा की पत्नी प्रोमिता ने अपने और पांच वर्षीय बेटे के लिए लन्दन में शरण देने की गुहार लगाई है. एक सभ्य समाज में पति द्वारा अपनी पत्नी को पीटना एक अक्षम्य अपराध है और होना भी चाहिए!

यदि लन्दन के स्थान पर यहि राजनयिक साउदी अरब में होता तो क्या वहाँ की सरकार भी एसी ही कारर्वाही करती- जाहिर है बिल्कुल नहीं. एक मुस्लिम देश में कुरान की हिदायतों के अनुरुप ‘शरियत’ कानून नासिर हैं और शरियत में पति द्वारा औरत को पीटना कोइ जुर्म नहीं! ‘किसी आदमी से यह नहीं पुछा जायगा कि उसने अपनी बीवी को क्यों पीटा – पैगम्बर…. इस्लाम में एक समय में चार बीवियाँ तक रखने की इज़ाज़त है और इसके इलावा उतनी लौंडियाँ भी जितनी कोइ रख सके ! औरत को आदमी के साथ् बराबरी का कोइ अधिकार नहीं इस्लाम में…. तभी तो पिता की ज़ायदाद में लड्की को लड़के से आधे हिस्से का अधिकार दिया गया है. (२.११,४.१२,१७५ ) .

पिछले दिनों एक पश्चमी देश में किसी मुस्लिम महिला ने कोर्ट में फरियाद की कि उसका पति उसको पीटता है, इसलिए उसे तलाक की इज़ाज़त दी जाए. कोर्ट ने कुरान के दृष्टान्त दे कर महिला की अर्जी खारिज कर दी. क्योंकि महिला मुसलमान है और कुरान को मानती है इस लिए उसके पति को उसे पीटने का अधिकार है.

मुस्लिम देशों में भी अब ‘शरियत कानूनों की आड़ में मर्दों द्वारा औरतों पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध आवाज बुलन्द होने लगी है. पिछ्ले दिनों बंगलादेश में चार बीवियों ने अपने शौहर की खूब धुनाई कर डाली. हुआ यों कि ४६ वर्षीय औटो रिक्षा चालक युसुफ मियाँ अपनी दो बिवियों को जब मेला दिखा रहा था तो वहाँ उन्हें उसकी तीसरी बीवी मिल गई – यहीं पर बस नहीं – तीसरी बीवी ने पहली दो बीवियों को बताया कि एक बीवी और भी है. बस फिर क्या था सभी बीवियों ने युसुफ मियाँ की खूब धुनाई की …और शरियत के कानून धरे के धरे रह गए! ऐसा ही एक किस्सा इस्लामिक रिपब्लिक पाक साफ ‘पाकिस्तान के पंजाब प्रदेश का है. गुजरांवाला शहर के मियाँ इसहाक अपने एक दोस्त के निकाह समारोह में मश्रूफ थे और उसके साथ थी उनकी तीसरी बेगम! तभी दर्ज़नों सगे सम्बंधियों संग इसहाक मियां की दो बीवियां मेह्विश और उज्मा वहाँ पहुँच गईं- और सभी ने मिल कर मियाँ इसहाक की खूब धुनाई की, क्योंकि उन्हें भनक लगी थी की इसहाक मिया पाँचवी बार निकाह की योजना बना रहा था….

वर्मा साहेब पर भारत की सैकुलर सरकार कानून के अन्तर्गत कारर्वाही करने जा रही है और करनी भी चाहिए. क्योंकी हमारे संविधान में सभी नर नारियों को समान अधिकार प्राप्त हैं. शायद ये संविधानिक अधिकार मुस्लिम औरतो के लिए कतई नहीं हैं. जब देश की सर्वोच्च अदालत ने शाहबनों को ‘गुज़र बसर भत्ते’ का अधिकार देते हुए फैसला सूनाया तो इस्लाम के पैरोकार मौल्वियों के विरोध के आगे हमारे सैकुलर राजवाड़े घिघियाने लागे और अदालत का फैसला संसद में ‘रद्द’ कर दिया. इस्लाम में तो बीवी को पीटने का पति को पूरा अधिकार दिया गया है और एक समय में बेंत से दस वार करने की हिदायत है .. और जो स्त्रियाँ एसी हों , जिनके विद्रोह से तुम्हें भय हो , उन्हें डांटो, फटकारो ‘विस्तार में उन्हें तनह छोड दो और मारो. फिर यदि वे तुम्हारी बात मानने लागें तो उनके विरुद्ध कोइ राह मत ढूंढ़ो! निस्सन्देह अल्लाह सबसे उच्च और सबसे महान है…. कुरान ..४.३४ ..

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