लेखक परिचय

पंडित दयानंद शास्त्री

पंडित दयानंद शास्त्री

ज्योतिष-वास्तु सलाहकार, राष्ट्रीय महासचिव-भगवान परशुराम राष्ट्रीय पंडित परिषद्, मोब. 09669290067 मध्य प्रदेश

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लाल किताब के अनुसार ग्रह चाहे शुभ स्थिति में हो या अशुभ उसका उपाय करने से जहाँ उसके फल में स्थायित्व रहता है, वही दूसरी तरफ अशुभ ग्रह का उपाय करने से उसके दुष्प्रभाव की शान्ति होती है. इस लेख के माध्यम से मंगल ग्रह के प्रत्येक भाव मेँ स्थित होने पर उसके उपाय की जानकारी दी गई है. प्रत्येक व्यक्ति जिनका मंगल जिस-2 भाव में स्थित है वह यहाँ दी गई सूची के आधार पर उपाय कर सकता है.

 

प्रथम भाव में स्थित म़ंगल के उपाय़—–

1) शरीर पर सोना धारण करें.

2) झूठ बोलने से बचने का प्रयास करें.

3) चने के दाल नदी में प्रवाहित करें.

4) केसर का तिलक लगाएं.

 

द्वितीय भाव में स्थित म़ंगल के उपाय़—–

1) कपडे का कारोबार करें.

2) रेवडियां व बेतासे बहते पानी में प्रवाहित करें.

3) भाइयों एंव मित्रो की सहायता करें.

4) दान करते रहें.

 

तृ्तीय भाव में स्थित म़ंगल के उपाय़——

1) दया क्षमा जैसे सदगुणों को अपनाएं.

2) भाइयों से सम्बन्ध बनाकर रखें.

3) हाथी दान्त घर में रखें.

 

चतुर्थ भाव में स्थित म़ंगल के उपाय़——

1) चांदी का चौकोर टुकडा अपने पास रखें.

2) त्रिधातु (सोना, चाँदी, ताम्बा) की अगूठी पहने.

3) वट़ बृ्क्ष की जड़ में दूध-पानी डालकर उसकी गीली मिट्टी से तिलक लगाएं

 

पंचम भाव में स्थित म़ंगल के उपाय़—–

1) मीठी वाणी का प्रयोग करें.

2) शराव, अण्डा मीट का प्रयोग ना करें.

3) रातो को सिरहाने पानी रख कर सोए.

 

छ्टे भाव में स्थित म़ंगल के उपाय़—–

1) छोटी कन्यांओ का आशीर्वाद ले़

2) पुत्र के जन्म दिन पर मिठाई न बाटे.

3) भाईयों सम्बन्ध आच्छे बनाकर रखें.

4) अपने पुत्र को सोना न पहनने दें.

 

सप्तम भाव में स्थित म़ंगल के उपाय——

1) घर में ठोस चांदी सम्भाल कर रखें.

2) घर आई बहन मौसी, साली आदी को मिठाई दे कर विदा करें.

3) छोटी सी दीवार बनाकर गिराते रहें.

 

अष्टम भाव में स्थित म़ंगल के उपाय़——-

1) विधवा स्त्री की सेवा करें.

2) घर में तन्दूर न बनाऎं.

3) रसोई घर में बैठ कर भोजन करें.

4) मिट्टी के बर्तन में देसी खाण्ड भरकर जमीन में दबाएं.

5) मन्दिर में चावल, गुड़, चने की दाल चढाएं.

6) आठ मीठी रोटी तन्दूर में पकाकर (जिस पर लोहा ना लगे) कुत्ते को खिलाएं.

 

नवम भावमें स्थित म़ंगल के उपाय़———–

1) शराव, अण्डा मांस का प्रयोग ना करें.

2) लाल रंग का कपडा अपने पास रखें.

3) नीम के पेड को पानी से सीचें.

4) बडे भाई का सम्मान करें.

5) मन्दिर में दूध चावल चढाएं.

6) नास्तिक न बनें.

 

दशम भाव में स्थित म़ंगल के उपाय़————-

1) पिता की सेवा करें .

2) पिता को शहद की शीशी दें.

3) दूध, पानी व चने की दाल दरिया में प्रवाहित करें.

 

एकादश भाव में स्थित म़ंगल के उपाय़———–

1) काँच के गिलास में गुड़ भरकर सुनसान जगह में दबाएं.

2) घर में शहद रखें.

3) शहद की मक्खी पालें.

4) कुत्ता पाले़.

 

द्वादश भावमें स्थित मंगल के उपाय——————–

1) मन्दिर में बतासे चढाएं.

2) कुत्ते को मीठी तन्दूरी रोटी खिलाएं.

3) शराव, मांस, अण्डा सेवन से परहेज करें.

4) दूसरे को मीठा ना बाटें.

 

इस प्रकार लाल किताब के अनुसार मंगल के उपाय करने से तुरन्त लाभ मिलता हैं.

 

नोट————–

1) एक समय में केवल एक ही उपाय करें.

2) उपाय कम से कम 40 दिन और अधिक से अधिक 43 दिनो तक करें.

3) उपाय में नागा ना करें यदि किसी करणवश नागा हो तो फिर से प्रारम्भ करें.

4) उपाय सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक करें.

5) उपाय खून का रिश्तेदार ( भाई, पिता, पुत्र इत्यादि) भी कर सकता है.

 

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