लेखक परिचय

अनुज अग्रवाल

अनुज अग्रवाल

लेखक वर्तमान में अध्ययन रत है और समाचार पत्रों में पत्र लेखन का शौक रखते हैं |

Posted On by &filed under राजनीति.


vampanthसाहब लोग नक्सलियों के समर्थक है | साहब लोग अपना अपना एनजीओ चलाते हैं | साहब लोग छंटे हुए कथाकार हैं कहानियाँ लिखने में माहिर हैं | साहब लोगो का चार खुरों वाला नया भगवान् है | कहाँ से आया, कौन लाया, क्या किया इस भगवान् ने पता नहीं | साहब लोग आर्य अनार्य का विवाद खड़ा करते हैं | इसके पक्ष में संस्कृत कोट करते हैं बिना यह जाने कि संस्कृत तो आर्यों की भाषा थी | साहब लोग संघ को गाली देते हैं | यहाँ तक कि जिस संघ का कभी हिस्सा नहीं रहे उस पर कवर पेज स्टोरी लिखते हैं | कहने की जरूरत नहीं कि साहब लोग जेएनयू वाले बौधिक आतंकवाद की उपज हैं | ऐसे तथाकथित “साहब लोग” हमारे देश में बुद्धिजीवी और समाजसेवी कहे जाते हैं |

इन “घाघ” बुद्धिजीवियों के हाथ में पूरे 60 साल देश की शिक्षा व्यवस्था का दारोमदार था | इन्हीं लोगो ने वीर शिवाजी को “पहाड़ी चूहा” और और सिख गुरुओं के हत्यारे औरंगजेब को “सूफी बादशाह” बनाया | भगत सिंह को “आतंकवादी” और शोभा सिंह को “महिमामंडित” करने वाले यही लोग थे | इतिहास के नाम पर जमा कूड़ा करकट देश के युवाओ को पीड़ी दर पीड़ी शर्बत बता पिलाया गया | यहाँ तक कि हमारी जड़ो से हमें काट के रख दिया | हेमू कौन था और दाहिर कौन हमें नहीं पता | हरी सिंह नलवा का नाम पूछने पर हम अपने कान खुजाते नजर आते हैं | क्यों भाई कौन बताएगा हमें इनके बलिदान के बारे में ? कौन कहेगा उन अनाम अनाम शहीदों की गाथा जो पिछले १२०० सालो में देश के लिए बलिदान हो गये ?

पूरे 60 साल देश ने इन लोगो को बिना उफ़ किये भुगता है | मगर आज महज पांच महीनों में साहब लोगो के तख़्त हिलने लगे हैं | एक “हाफ चड्डी” पहने कल का चाय वाला छोकरा आज “लाल सलाम” का भगवाकरण करने में लगा है और साहब लोग कुछ नहीं कर पा रहे हैं | तय नहीं कर पा रहे हैं कि वैचारिक प्रतिरोध करें या फिर से मार्क्स की “खूनी क्रांति” लिख दें | पर क्या करें पूरा राष्ट्र केरल तो है नहीं जहाँ सघियों के आप कबाब बना कर खा सकें | “माना आपके शास्त्रों में लिखा है कि सत्ता बन्दूक की नालियों से होकर गुजरती है | पर ये चीन या रूस नहीं है जहाँ कत्ल की नयी -२ इबारतें लिखी गयी | ये भारत है जहाँ हमेशा शास्त्र ने शस्त्र को जीता है |

ये तो महज एक शुरुवात है | मिर्च अभी और तेज होगी | वामपंथ अभी और बेनकाब होगा | आपका सामंतवाद अब समाप्ति की ओर है | आवाहन हो चुका है | ध्यान से सुनिए आपको नए भारत की पदचाप सुनाई देगी | भारत नव निर्माण के पवित्र यज्ञ में आहूति लगना शुरू हो चुकी हैं | हो सके तो आप भी इस यज्ञ हिस्सा बनिए और खुद को शुद्ध कीजिये | वरना तय जानिए कि इस बार इतिहास हमारी कलमे लिखेंगी | जिसमे आपका असल वर्णन विस्तार से होगा |

-अनुज अग्रवाल

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz