हास्य-व्यंग्य/चवन्नी की मौत पर

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पंडित सुरेश नीरव मैं और मेरे जैसे देश के तमाम चवन्नी छाप आजकल भयानक राष्ट्रीय सदमें में हैं। सरकार ने अचानक चवन्नी की नस्ल को खत्म करने का जो जघन्य पराक्रम किया है उसे इतिहास कभी माफ नहीं करेगा। और इतिहास-वितिहास से हमें क्या लेना-देना। हम कोई हिस्ट्रीशीटर हैं क्या। हां, हम चवन्नीछाप लोग जरूर… Read more »

चवन्नी का अवसान : चवनिया मुस्कान

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श्‍यामल सुमन सच तो ये है कि चवन्नी से परिचय बहुत पहले हुआ और “चवनिया मुस्कान” से बहुत बाद में। आज जब याद करता हूँ अपने बचपन को तो याद आती है वो खुशी, जब गाँव का मेला देखने के लिए घर में किसी बड़े के हाथ से एक चवन्नी हथेली पर रख दिया जाता… Read more »

राजा दिल मांगे चवन्नी उछाल के . . .

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लिमटी खरे कांग्रेसनीत केंद्र सरकार को भले ही न लगता हो कि देश मंहगाई को मंहगाई का दावानल निगल रहा है, किन्तु हालात यही बता रहे हैं कि देश में आम आदमी की कमर मंहगाई ने तोड़ रखी है। एक रूपए को छोड़कर एक एक करके कम मूल्य के सिक्के बाजार से बाहर हो गए… Read more »