लेखक परिचय

संजीव कुमार सिन्‍हा

संजीव कुमार सिन्‍हा

2 जनवरी, 1978 को पुपरी, बिहार में जन्म। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक कला और गुरू जंभेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में स्नातकोत्तर की डिग्रियां हासिल कीं। दर्जन भर पुस्तकों का संपादन। राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर नियमित लेखन। पेंटिंग का शौक। छात्र आंदोलन में एक दशक तक सक्रिय। जनांदोलनों में बराबर भागीदारी। मोबाइल न. 9868964804 संप्रति: संपादक, प्रवक्‍ता डॉट कॉम

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आज 16 अक्‍टूबर है। इसी दिन सन् 2008 में ‘प्रवक्‍ता डॉट कॉम’ की शुरुआत हुई थी। 

सोचा यही था कि मुख्यधारा के मीडिया से ओझल हो रहे जनसरोकारों से जुड़ी खबरों व मुद्दों को प्रमुखता से प्रकाशित करें और उस पर गंभीर विमर्श हो। साथ ही एक अरब से अधिक की जनसंख्या वाले देश की राष्ट्रभाषा हिंदी को इंटरनेट पर प्रभावी सम्मान दिलाने के लिए सार्थक प्रयास हो। 

इस काम में हम कितना सफल हो पाए हैं, यह तो सुधी पाठक और विद्वत लेखकगण ही बता सकेंगे। 

‘प्रवक्‍ता’ के फलक को हम और विस्‍तारित करने जा रहे हैं। पूरी दुनिया में मानव-समाज का संकट गहरा रहा है। विकल्‍पहीनता की स्थिति है। ऐसे में हम सभ्‍यतामूलक विमर्श पर विशेष ध्‍यान केन्द्रित करेंगे। ‘भारतीय सभ्‍यता बनाम पश्चिमी सभ्‍यता’ ‘प्रवक्‍ता’ के विमर्श के केन्‍द्रबिंदू होंगे। 

आशा है आपका स्‍नेह और सहयोग हमें पूर्व की भांति सतत् मिलता रहेगा। 

इस अवसर पर हम ‘प्रवक्‍ता’ के प्रबंधक श्री भारत भूषण, सुधी पाठक व विद्वत लेखकगण तथा विज्ञापनदाताओं के प्रति आभार प्रकट करते हैं। 

आपका,

संजीव कुमार सिन्‍हा

संपादक

प्रवक्‍ता डॉट कॉम

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26 Comments on "तीन साल का हो गया ‘प्रवक्‍ता डॉट कॉम’"

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dr dhanakar thakur
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देश की राष्ट्रभाषा हिंदी नहीं है
देश की राजभाषा हिंदी है
देश की राष्ट्रभाषा सरल संस्कृत ही बन सकती है (द्विवचन रहित, तीन कालों एवं अनेक एनी सरलीकरण के साथ) या संस्कृतनिष्ठ आधे से अधिक ऐसे शब्दों के साथ का सुझाव केरल के KM पनिक्कर का संविधान सभा में था हिंगलिश या उर्दू की खिचडी हिन्दी हिन्दुस्तानी देश की राष्ट्रभाषा नहीं हो सकती – वैसे देश की सभी भाषाएँ और बोलियाँ देश की राष्ट्रभाषा हैं ,उनमे देश का इतिहास छिपा है संस्कृति छिपी है

dr dhanakar thakur
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मुझे लगता है की बहुत महीनो के बाद प्रवक्ता को देखा है रायपुर के चन्दन ने जोड़ा था इससे
इसकी प्रगति और अछे लेख देख अच्छा lagaa

प्रेम सिल्ही
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प्रेम सिल्ही

संजीव जी, उत्कृष्ट हिंदी वेब पत्रकारिता में एक, प्रवक्ता.कॉम के तीन वर्ष पूरे होने पर मेरी हार्दिक बधाई स्वीकार करें| भविष्य में भी ऐसे सुअवसर आते रहें, ऎसी मेरी शुभकामना है|

Rajesh Kashyap
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‘प्रवक्ता डॉट कॉम’ के वेब पत्रकारिता की दुनिया में शानदार तीन वर्ष पूरे करने पर श्री संजीव कुमार सिन्हा जी एवं उनकी पूरी टीम को ढ़ेरों-ढ़ेरों हार्दिक बधाईयां एवं शुभकामनाएं। निश्चित तौर पर ‘प्रवक्ता डॉट कॉम’ ने निर्भिक एवं निष्पक्ष होकर वेब पत्रकारिता में एक नया विकल्प और नया आयाम स्थापित किया है। पुन: इस शानदार उपलब्धि पर ढ़ेरों-ढ़ेरों हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाईयां।
-राजेश कश्यप, स्वतंत्रत पत्रकार, लेखक एवं समीक्षक, टिटौली (रोहतक) (हरियाणा)-१२४००५ (मोबाईल : ०९४१६६२९८८९)

मुकेश चन्‍द्र मिश्र
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बहुत बहुत बधाई …………..

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