लेखक परिचय

संजय स्‍वदेश

संजय स्‍वदेश

बिहार के गोपालगंज में हथुआ के मूल निवासी। किरोड़ीमल कॉलेज से स्नातकोत्तर। केंद्रीय हिंदी संस्थान के दिल्ली केंद्र से पत्रकारिता एवं अनुवाद में डिप्लोमा। अध्ययन काल से ही स्वतंत्र लेखन के साथ कैरियर की शुरूआत। आकाशवाणी के रिसर्च केंद्र में स्वतंत्र कार्य। अमर उजाला में प्रशिक्षु पत्रकार। दिल्ली से प्रकाशित दैनिक महामेधा से नौकरी। सहारा समय, हिन्दुस्तान, नवभारत टाईम्स के साथ कार्यअनुभव। 2006 में दैनिक भास्कर नागपुर से जुड़े। इन दिनों नागपुर से सच भी और साहस के साथ एक आंदोलन, बौद्धिक आजादी का दावा करने वाले सामाचार पत्र दैनिक १८५७ के मुख्य संवाददाता की भूमिका निभाने के साथ स्थानीय जनअभियानों से जुड़ाव। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के साथ लेखन कार्य।

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नागपुर। विदर्भ राज्य संग्राम समिति की ओर से 1 मई को महाराष्ट्र दिवस पर प्रस्तावित कला दिवस में भारतीय जनता पार्टी हिस्सा नहीं लेगी। इसकी तो मुझे जानकारी भी नहीं है। यह कहना है कि भाजपा के नवनियुक्त महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुधीर मुनगट्टीवार का। वे धंतोली स्थित तिलक पत्रकार भवन में पत्रकारों को अनौपचारिक चर्चा कर रहे थे। ज्ञात हो कि पृथक विदर्भ के गठन के लिए विदर्भ के विदर्भवादी नेताओं ने विदर्भ राज्य संग्राम समिति का गठन किया था। समिति के प्रमुख नेता जामुवंतराव धोटे और रणजीत देशमुख समेत कई नेताओं ने एक प्रेस परिषद में कहा था कि 1 मई को राज्य की स्वर्ण जयंती महोत्सव के दिन काला दिवस दिवस मनाएंगे। इसके लिए विदर्भ की जनता से आह्वान भी किया था कि वे 1 मई को घर-घर काले झंडे लगाएं और राज्य सरकार के किसी भी समारोह में न जाएं।

मुन्नगट्टीवार ने कहा कि 1 मई, महाराष्ट्र स्थापना दिवस से पूर्व ही भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी जाएगी। 1 मई से पार्टी को मजबूत करने और नये कार्यकर्ताओं को जोडऩे के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस संपर्क अभियान से कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ेगी। जून माह में तहसील स्तर कार्यकर्ताओं का संपर्क अभियान चलेगा। इसी समय एक हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ा जाएगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने केंद्र और राज्य की सत्तारुढ़ कांग्रेसनीत सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सरकार की नीतियां असफल हो चुकी है। हर ओर बिजली का टोटा है। गरीबी रेखा के लिए हुए सर्वेक्षण अमल नहीं हो रहे हैं। राज्य में करीब 31 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। राज्य में निवास करने वाले 1.96 करोड़ जनता की प्रति व्यक्ति आया महज 13 रूपया है, जो महाराष्ट्र की बदहाली बताती है। 20 हजार गांवों में 50 प्रतिशत फसल बर्बाद हो चुकी हैं। विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत गरीबों के कल्याण के लिए सरकार ने करीब गत 9 माह में 300 करोड़ रूपये के फंड का उपयोग नहीं कर पाई।

महिलाओं और बच्चों के लिए जो योजनाए बनी है, सरकार ने उसकी केवल घोषणा भर की है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सरकार के पास फंड ही नहीं है। सरकार केवल लोकलुभावनी घोषणाए कर जनता को भ्रम में रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता जनसंपर्क कर सरकार की जनविरोधी नीतियों को जनता तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि 44 हजार छोटी और 853 बड़ी औद्योगिक इकाईयां सरकार के पास बेहतर नीति नहीं हेाने के कारण बंद हो चुकी है।

मुनगट्टीवार ने कहा कि 1 मई को महाराष्ट्र के स्थापना दिवस का स्वर्ण महोत्सव मनाया जाएगा। भाजपा राज्य सरकार के इस महोत्सव में शामिल होगी। यह महोत्सव केवल राज्य का नहीं बल्कि पूरे महाराष्ट्र का है। उन्होंने कहा कि पृथक विदर्भ राज्य का आंदोलन चलता रहेगा, लेकिन शिवसेना को साथ उनका गठबंधन कायम रहेगा। विदर्भ आंदोलन के कारण कुछ लोग भाजपा-शिवसेना गठबंधन तोडऩे की का भ्रम फैला रहे हैं। जबकि विदर्भ आंदोलन के साथ शिवसेना का भाजपा के साथ संबंध और मजबूत होगा। मुनगट्टीवार ने कहा कि शिवसेना प्रमुख बाला साहब ठाकरे विदर्भ की जनता के विरोधी नहीं है। भाजपा और शिवसेना ने राष्ट्रहित में गठबंधन किया है, सत्त्ता के लिए नहीं। लेकिन गठबंधन तोडऩे का सवाल ही नहीं उठता है।

-संजय स्वदेश

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