लेखक परिचय

डा. राधेश्याम द्विवेदी

डा. राधेश्याम द्विवेदी

Library & Information Officer A.S.I. Agra

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refugee dayडा. राधेश्याम द्विवेदी
उद्देश्य:- विश्व शरणार्थी दिवस दुनिया भर के शरणार्थियों के दुखों और तकलीफों को वैश्विक रूप से सामने लाने का दिन है। शरणार्थियों की शक्ति, हिम्मत और दृढ़ निश्चय को स्वीकृति देने के लिए संयुक्त राष्ट्र 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस के रूप में मनाता है। प्रत्येक वर्ष विश्व शरणार्थी दिवस उन शरणार्थी पुरुषों, स्त्रियों और बच्चों की शक्ति और साहस को सलाम करता है जिन्हें सतत हिंसा और अत्याचार के डर के कारण अपनी जमीन, अपना देश छोड़कर जाने को मजबूर होना पड़ा है। यह दिवस प्रत्येक वर्ष 20 जून को उन लोगों के साहस, शक्ति और संकल्प के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है, जिन्हें प्रताड़ना, संघर्ष और हिंसा की चुनौतियों के कारण अपना देश छोड़कर बाहर भागने को मजबूर होना पड़ता है। शरणार्थियों की दुर्दशा की ओर ध्यान आकर्षित करने और शरणार्थी समस्याओं को हल करने के लिए ही यह दिवस मनाया जाता है।
अफ्रीकी देशों की एकता को अभिव्यक्त करने के लिए, 4 दिसंबर 2000 को संयुक्त राष्ट्र परिषद द्वारा एक प्रस्ताव पारित किया गया था। शुरुआत:-दिसंबर 2000 में संयुक्त राष्ट्र ने अफ्रीका शरणार्थी दिवस यानी 20 जून को प्रतिवर्ष विश्व शरणार्थी दिवस मनाने का निर्णय लिया। वर्ष 2001 से प्रतिवर्ष संयुक्त राष्ट्र द्वारा 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन को मनाने का मुख्य कारण लोगों में जागरुकता फैलानी है कि कोई भी इंसान अमान्य नहीं होता फिर चाहे वह किसी भी देश का हो। एकता और समंवय की भावना रखते हुए हमें सभी को मान्यता देनी चाहिए। म्यांमार, लीबिया, सीरिया, अफगानिस्तान, मलेशिया, यूनान और अधिकांश अफ़्रीकी देशों से हर साल लाखों नागरिक दूसरे देशों में शरणार्थी के रूप में शरण लेते हैं। संयुक्त राष्ट्र की संस्था यू.एन.एच.सी.आर. (United Nations High Commissioner for Refugees) शरणार्थी लोगों की सहायता करती है। अफ्रीकी एकता संगठन (OAU) भी 20 जून के लिए सहमत हो गया क्योंकि अफ्रीकी शरणार्थी दिवस अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी दिवस के साथ मेल खाता है। इस प्रस्ताव में वर्ष 2001 को शरणार्थियों की स्थिति से संबंधित 1951 संधि के 50वें वर्षगाँठ के रूप में चिह्नित किया गया, और ऑर्गनाइजेशन ऑफ़ अफ्रीकन यूनिटी (ओएयू) अंतर्राष्ट्रीय शरणार्थी दिवस को अफ्रीका शरणार्थी दिवस के साथ-साथ 20 जून को मनाने के लिए सहमत हो गया। इसलिए परिषद ने सन 2001 से प्रत्येक वर्ष 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। संयुक्त राष्ट्र उच्चायोग ने दुनिया भर के लगभग 1 करोड़ 40 लाख शरणार्थियों की दुर्दशा की ओर ध्यान आकृष्ट करने के लिए यह दिन निर्धारित किया था।’ अंतर्राष्ट्रीय संगठन जैसे इंटरनेशनल रेस्क्यू कमिटी (आई आर सी) और एमनेस्टी इंटरनेशनल इस अवसर पर अनेक गतिविधियाँ आयोजित करता है। इन गतिविधियों में शामिल है: शरणार्थी स्थलों का निरीक्षण, शरणार्थियों और उनकी समस्याओं से संबंधित फिल्मों का प्रदर्शन, गिरफ्तार शरणार्थियों की मुक्ति के लिए विरोध प्रदर्शन और जेल में बंद शरणार्थियों के लिए सही चिकित्सकीय सुविधा और नैतिक समर्थन उपलब्ध कराने के लिए रैलियाँ निकालना वर्ष 2013 के विश्व शरणार्थी दिवस का विषय रखा गया- पलायन करने को मजबूर किसी परिवार की 1 मिनट के लिए सहायता करें। वर्ष 2012 के विश्व शरणार्थी दिवस का विषय था- शरणार्थियों के पास कोई विकल्प नहीं है, आपके पास है।
कुछ आंकड़े:- दुनिया भर में शरणार्थियों का समर्थन करने के लिए दुनिया भर से बीस से अधिक हस्तियों ने 30 सेकंड की एक वीडियो श्रृंखला जारी की। इस वीडियो में, मशहूर हस्तियों ने विश्व शरणार्थी दिवस 2014 के समन्वित अभियान के हिस्से के रूप में शरणार्थियों का समर्थन किया। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) की वार्षिक ग्लोबल ट्रेंड्स रिपोर्ट के अनुसार, आंतरिक रूप से विस्थापित और दुनिया भर में शरण चाहने वालों सहित शरणार्थियों की संख्या पहली बार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे ज्यादा है, जो वर्ष 2013 में 50 लाख को पार कर गया। यू.एन.एच.सी.आर. की रिपोर्ट सरकारी और गैर सरकारी संगठनों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर आधारित है। वर्ष 2013 के आँकड़ों में शरणार्थियों की संख्या में 6 मिलियन की वृद्धि हुई जो वर्ष 2012 में 45.2 मिलियन थी।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) की वार्षिक ग्लोबल ट्रेंड्स रिपोर्ट के अनुसार, आंतरिक रूप से विस्थापित और दुनिया भर में शरण चाहने वालों सहित शरणार्थियों की संख्या पहली बार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे ज्यादा है, जो वर्ष 2013 में 50 लाख को पार कर गया. यूएनएचसीआर की रिपोर्ट सरकारी और गैर सरकारी संगठनों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर आधारित है. वर्ष 2013 के ऑकड़ो में शरणार्थियों की संख्या में 6 मिलियन की वृद्धि हुई जो वर्ष 2012 में 45.2 मिलियन थी. विश्व शरणार्थी दिवस 20 जून 2014 को दुनिया भर में मनाया गया. यह दिवस शरणार्थियों की दुर्दशा की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रतिवर्ष मनाया जाता है, यह दिवस उनके साहस और शरणार्थी समस्याओं को हल करने की प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए मनाया जाता है. यह विभिन्न देशो से जुड़े हुए, उनकी मेजबानी करते हुए शरणार्थीयों के योगदान को भी मान्यता देता है. दुनिया भर में शरणार्थियों का समर्थन करने के लिए दुनिया भर से बीस से अधिक हस्तियों ने 30 सेकंड की एक वीडियो श्रृंखला जारी की. इस वीडियो में, मशहूर हस्तियों ने विश्व शरणार्थी दिवस 2014 के समन्वित अभियान के हिस्से के रूप में शरणार्थियों का समर्थन किया.
दुनिया भर में, विभिन्न देश कई वर्षों से अपने शरणार्थी दिवस मना रहे हैं. कुछ देशों में यह एक सप्ताह के रूप में मनाया जाता हैं. अफ्रीकी शरणार्थी दिवस 20 जून को शरणार्थी दिवस के रूप में कई देशों में मनाया जाता है. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 4 दिसम्बर 2000 को 55/76 प्रस्ताव को अपनाया और हर वर्ष 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस के रुप में मनाने का निर्णय लिया. प्रस्ताव पारित होने के दिन महासभा ने वर्ष 2001 को शरणार्थियों की स्थिति से संबंधित 1951 कन्वेंशन की 50 वीं वर्षगांठ के रूप में चिह्नित किया. अफ्रीकी एकता संगठन (OAU) भी 20 जून के लिए सहमत हो गया क्योंकि अफ्रीकी शरणार्थी दिवस अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी दिवस के साथ मेल खाता है.

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