अखिलेश आर्येन्दु

वरिष्‍ठ पत्रकार, टिप्पणीकार, समाजकर्मी, धर्माचार्य, अनुसंधानक। 11 सौ रचनाएं 200 पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। 25 वर्षों से साहित्य की विविध विधाओं में लेखन, अद्यनत-प्रवक्ता-हिंदी।

सृष्टि के विधानानुसार प्राप्त होता है मनुष्य को सुख और दुःख – अखिलेश आर्येन्दु

आमतौर पर सुख और दुःख की जो लोक-प्रचलित धारणाएं या मान्यताएं हैं, उनमें ज्यादातर न

सच्चाई से धर्म का पालन करके धरती पर स्वर्ग उतारा जा सकता है – अखिलेश आर्येन्दु

छान्दोग्योपनिषद् में धर्म शब्द की उत्पत्ति ‘धृ’ धातु में ‘मन्’ प्रत्यय से बताई गई है।