अखिलेश आर्येन्दु

वरिष्‍ठ पत्रकार, टिप्पणीकार, समाजकर्मी, धर्माचार्य, अनुसंधानक। 11 सौ रचनाएं 200 पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। 25 वर्षों से साहित्य की विविध विधाओं में लेखन, अद्यनत-प्रवक्ता-हिंदी।

आस्तिकवाद और विकासवाद (भौतिकवाद): विज्ञान और चिंतन की कसौटी पर

अखिलेश आर्येन्दुविकासवाद प्राणी विकास का आधुनिक सिद्धांत है। यह विश्वभर में पढ़ा-पढ़ाया जाता है। अनेक चर्चाएं और शोध इस पर...

पश्चिमी इतिहासकारों के ऐतिहासिक षड्यंत्र और दृष्टि-दोष का परिणाम

अखिलेश आर्येन्दु आर्य और द्रविण को लेकर ईसाई पादरियों द्वारा जाति, भाषा, सभ्यता, संस्कृति, क्षेत्र और धर्म के आधार पर...

होली के वासंती रंग में बाजार का कृतिम रंग न चढ़ाएं 

अखिलेश आर्येन्दु हम यदि होली के विभिन्न संदर्भों की बात करें तो पाते हैं कि न जाने कितने संदर्भ, घटनाएं,...

सरकार अपने मुताबिक मीडिया को क्यों चलाना चाहती है

अखिलेश आर्येन्दु बात महज इतनी-सी नहीं है कि जम्मू-कश्मीर सरकार मीडिया पर जो आरोप लगा रही है उसमें सच्चाई कितनी...

आजादी की दूसरी लड़ार्इ ग्राम निर्माण के लिए होनी चाहिए

अखिलेश आर्येन्दु मौजूदादौर में देश में चल रहे तमाम आंदोलनों की दिशा देश से भ्रश्टाचार की समापित, बढ़ते पलायन और...

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