ब्रह्मानंद राजपूत

मोदी की आगरा रैली भाषण में शुरू से अंत तक गरीब और मध्यम वर्ग रहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगरा परिवर्तन रैली ने बसपा प्रमुख मायावती की आगरा रैली में जुटी भीड़ के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर आये उससे घंटों पहले ही आगरा का कोठी मीना बाजार मैदान खचाखच भर चुका था। और लोगों का आने का सिलसिला आगरा की सड़कों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन तक रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिवर्तन रैली के लिए लोगों का उत्साह उनके चेहरे से दिख रहा था। लोग कई किलोमीटर से पैदल चलकर मोदी की झलक पाने के लिए पहुंचे और हजारों लोग तो आगरा शहर में जाम के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभा स्थल तक ही नहीं पहुँच पाए।

खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी : रानी लक्ष्मीबाई

(रानी लक्ष्मीबाई के  181वें जन्मदिवस 19 नवंबर  2016 पर विशेष) 1857 के प्रथम भारतीय स्वतन्त् रता संग्राम में अहम् भूमिका नि भाने वाली झाँसी की रानी लक्ष् मीबाई का जन्म मोरोपन्त तांबे औ र भागीरथीबाई के घर वाराणसी जि ले के भदैनी में 19 नवम्बर  1935 को हुआ था। रानी लक्ष्मीबा ई के बचपन का नाम मणिकर्णिका था । परन्तु प्यार से लोग उसे मनु  कहकर पुकारते थे। रानी लक्ष्मी बाई जब 4 साल की थी तब उनकी माँ  भागीरथीबाई का देहांत हो गया। 

बिना बाल शिक्षा के देश के उज्जवल भविष्य की कल्पना करना निरर्थक

वर्तमान में भारत देश में कई जगहों पर आर्थिक तंगी के कारण माँ-बाप ही थोड़े पैसों के लिए अपने बच्चों को ऐसे ठेकेदारों के हाथ बेच देते हैं, जो अपनी सुविधानुसारउनको होटलों, कोठियों तथा अन्य कारखानों आदि में काम पर लगा देते हैं। और उन्हीं होटलों, कोठियों और कारखानों के मालिक बच्चों को थोड़ा बहुत खाना देकरमनमाना काम कराते हैं। और घंटों बच्चों की क्षमता के विपरीत या उससे भी अधिक काम कराना, भर पेट भोजन न देना और मन के अनुसार कार्य न होने पर पिटाईयही बाल मजदूरों का जीवन बन जाता है।

डोनल्ड ट्रंप के नेतृत्व मे अमेरिका बनेगा भारत का अहम साझेदार 

डोनल्ड ट्रम्प ने अपने प्रचार अभियान के दौरान पाकिस्तान के प्रति भी अपना कड़ा रुख दिखाया था। उन्होंने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि पाकिस्तान एक अस्थिर देश है और वहां मौजूद परमाणु हथियारों से पूरी दुनिया खतरे में है। ट्रम्प ने कहा था कि पाकिस्तान ने 9/11 के बाद अमेरिका को कई बार धोखा दिया है। उन्होंने अपने राष्ट्रपति बनने पर पाकिस्तान को हर गलती के लिए सजा देने की बात भी कही थी।

मंगलिक कार्य आरम्भ होने का दिन है ‘‘देवोत्थान एकादशी’’

प्रबोधिनी एकादशी अथवा देवोत्थान एकादशी के दिन भीष्म पंचक व्रत भी शुरू होता है, जो कि देवोत्थान एकादशी से शुरू होकर पांचवें दिन पूर्णिमा तक चलता है। इसलिए इसे इसे भीष्म पंचक कहा जाता है। कार्तिक स्नान करने वाली स्त्रियाँ या पुरूष बिना आहार के रहकर यह व्रत पूरे विधि विधान से करते हैं। इस व्रत के पीछे मान्यता है कि युधिष्ठर के कहने पर भीष्म पितामह ने पाँच दिनो तक (देवोत्थान एकादशी से लेकर पांचवें दिन पूर्णिमा तक) राज धर्म, वर्णधर्म मोक्षधर्म आदि पर उपदेश दिया था।

वायु प्रदूषण से निपटने के लिये  बने सख्त कानून

जब प्रदूषण स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो स्वास्थ्य के लिए घा तक हो जाता है, और तमाम तरह की स्वास्थ्य समस्याएं जैसे कि फेफड़ों में संक्रमण व आंख, नाक व गले में कई तरह की बीमारियों और ब्लड कैंसर जैसी तमाम घातक बीमारियों को जन्म देता है। अगर क् षेत्र में वायु प्रदूषण मानकों से ज्यादा है तो लोगों को मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए।

स्वच्छता व प्रकाश की प्रतीक दीपावली 

दीपावली स्वच्छता व प्रकाश का पर्व है। लोग कई दिनों पहले से ही दीपावली की तैयारियाँ आरंभ कर देते हैं, और सब अपने घरों, प्रतिष्ठानों आदि की सफाई का कार्य आरंभ कर देते हैं। दिवाली के आते ही घरों में मरम्मत, रंग-रोगन, सफेदी आदि का कार्य होने लगता है। लोग अपने घरों और दुकानों को साफ सुथरा कर सजाते हैं। इसके पीछे मान्यता है कि लक्ष्मी जी उसी घर में आती है यहाँ साफ-सफाई और स्वच्छता होती है।

तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार की पराकाष्ठा

आजकल मुस्लिम समाज में तीन तलाक के मुद्दे पर इन दिनों देश में खूब बहस चल रही है और इसे हटा ने की मांग की जा रही है। मु सलमानों में तलाक मुस्लिम पर् सनल लॉ यानी शरिया के जरिए होता है।यह बहुत ही रूढ़िवादी कानून है आज देश का कानून भारतीय संवि धान के अनुसार चलता है फिर भी मु

तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार की पराकाष्ठा

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कानून से मुस्लिम महिलाओं को तमाम अत्याचार झेलने पड़ते हैं। तीन तलाक तो इसकी पराकाष्ठा है। साथ ही साथ मुस्लिम पुरुष समाज को एक पत्नी होते हुए बहुविवाह की आजादी भी मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार है।

आतंकवाद रुपी रावण का दहन जरूरी

विजयदशमी सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक ही नहीं है, बल्कि आपसी सद्भाव का उत्कृष्ट उदाहरण भी है। विजयदशमी के दिन प्रत्येक नागरिक को अपने अंदर मानवीय मूल्यों का संचार करने का संकल्प लेना चाहिए और समाज में ऐसा माहौल बनाने कि कोशिश करनी चाहिए जहां हमेशा शांति और भाईचारा हो। आज के दिन प्रत्येक व्यक्ति को शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए, जो देश के विकास और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।

मोदी ने पाक को दिखाया 56 इंच का सीना

जिस प्रकार से भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर मे घुसकर आतंकी कैम्पों को  नेस्तनाबूद किया है। यह काबीलेतारीफ है। उरी हमले के बाद जिस प्रकार से पीएम नरेंद्र मोदी ने इस हमले की निंदा करते हुए उन्होंने अपने ट्वीट में उरी में हुए हमले की निंदा की थी, और देश को आश्वासन दिया था कि इस हमले के पीछे जो भी लोग हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।’’ उससे  अंदाजा हो गया था की मोदी सरकार जल्द ही पकिस्तान को ईंट का जवाब पत्थर से देगी। यह लक्षित हमला उसी का परिणाम था। कहा जाए तो उरी हमले के  शहीदों का बदला था। पकिस्तान को एहसास कराने के लिए भी ये कार्यवाही जरूरी थी। भारत भी अमेरिका या अन्य देशों की तरह लक्षित हमलों को अंजाम दे सकता है, और हमारी बहादुर सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर मे आतंकी कैम्पों पर लक्षित हमला कर पूरी दुनिया में भी अपनी मजबूती का लोहा मनवा लिया। आतंकवादियों के खिलाफ इस लक्षित हमले के दौरान सेना ने आतंकवादियों को तो नुकसान पहुंचाया ही साथ ही साथ उनको समर्थन देने वाले पाक सैनिको को भी नहीं बख्शा। क्योंकि पाक सेना के नेतृत्व में ही आतंकवादियों को प्रशिक्षित किया जाता है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लक्षित हमला आतंकवादियों को निष्क्रिय करने के उद्देश्य से अंजाम दिया गया। जिसमे भारतीय सेना कामयाब भी हुयी। और दर्जनों आतंकियों को ढेर कर दिया। जिन आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया वे नियंत्रण रेखा से दो से तीन किलोमीटर के दायरे में स्थित थे और इन ठिकानों पर एक सप्ताह से अधिक समय से नजर रखी जा रही थी। सेना और इस हमले के रणनीतिकारों ने पूरी रणनीति के तहत इस हमले को अंजाम दिया। इसकी जितनी तारीफ की जाये उतनी कम है। आतंकवादियों और उनके आकाओं के खिलाफ की गयी यह सैन्य कार्रवाई हेलीकाप्टर सवार और जमीनी बलों का समिश्रण था। जिसको उन्होने बिना जान-माल की हांनि के बखूबी अंजाम दिया। भारतीय सेना ने म्यांमार जैसी कार्रवाई कर आतंक को पोषित करने वाले देश पाकिस्तान को सख्त संदेश दे दिया है। जिस तरह से जून 2015 में उग्रवादियों ने म्यांमार बॉर्डर से सटे मणिपुर के चंदेल में आर्मी जवानों को ले जा रहे ट्रक पर हमला किया था। इसमें हमारे 18 बहादुर जवान शहीद हुए थे। हमले के दो दिन बाद मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के प्लान के तहत आर्मी ने सर्जिकल कमांडो ऑपरेशन चलाया और म्यांमार बॉर्डर के अंदर घुसकर उग्रवादियांे को मार गिराया था। कहा जाये तो यह लक्षित हमला उसी का प्रतिरुप है। लम्बे समय से देश ऐसे हमले की बाट जोह रहा था। जिसे जन आकांक्षाओं के मुताबिक अंजाम दिया गया। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर मे सेना द्वारा किये गये लक्षित हमले से पूरे देश में जश्न का माहौल है। जिस प्रकार से पकिस्तान अलगाववादियों के सहयोग से जम्मू-कश्मीर बॉर्डर द्वारा आतंकियों कि घुसपैठ कराता है, इस हमले के बाद इसमें काफी हद तक रोक लगेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री मनोहर पर्णिकर, राष्टीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित सेना के आला अधिकारियों ने जिस तरह से इस लक्षित हमले की रणनीति बनायी, वह काबिलेतारीफ है। वास्तव में प्रधानमंत्री ने अपना 56 इंच का सीना दिखा दिया। नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा की गयी इस कार्यवाही का उनके विरोधियों ने भी समर्थन किया है। भारतीय सेना ने इस गुप्त हमले को अंजाम देकर अपनी ताकत दिखा दी और बता दिया कि पकिस्तान की सोच यहाँ खत्म होती है, हिंदुस्तान की सोच वहां से शुरू होती है। सीमा पार भारतीय सेना द्वारा किए गए आतंकी कैम्पों पर सर्जिकल ऑपरेशन के लिए कांग्रेस सहित सभी राजनैतिक पार्टियों ने सेना द्वारा की गयी कार्यवाही का जोरदार समर्थन किया है। और सन्देश दिया है कि किसी भी आपात स्थिति मैं सभी राजनैतिक पार्टियां एकजुट हैं। ल्क्षित हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने से पंजाब और जम्मू-कश्मीर में बॉर्डर से सटे 10 किलोमीटर दायरे के 1000 गांव खाली करा लिए गए हैं। पाक से पिछली दो जंग में सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले पंजाब में हाई अलर्ट है। आर्मी और बीएसएफ के जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। अगर पाकिस्तान पलटवार करता है तो भारतीय सशस्त्र बल किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। – ब्रह्मानंद राजपूत