मोहम्मद आसिफ इकबाल

मोहम्मद आसिफ इकबाल दिल्ली में रहते हैं और एक स्वतंत्र लेखक हैं, उनसे maiqbaldelhi@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है। 9891113626

शमसोई गांव के वाल्मीकि समाज के लोग क्यों मुसलमान होना चाहते हैं ?

दूसरी तरफ कुछ सवालात उन लोगों से भी होने चाहिए जो लगता है कि इस्लाम मज़हब को दूसरों को ब्लैकमेल करने का ज़रिया समझ बैठे हैं। आपकी नज़र में इस्लाम क्या है ? यह सब से पहला सवाल है। क्या आप जानते हैं कि इस्लाम ही वह मज़हब है जो कहता है कि अगर तुम मुझ पर मुकम्मल यक़ीन रखोगे और मेरे बताए तरीक़े पर अमल करोगे तो दुन्या और परलोक दोनों में तुम्हारी कामयाबी स्पष्ट है।

शोषण व उत्पीड़न से प्रभावित – भारतीय महिला !

इसी समाज में पलने बढ़ने वाले लफंगे और गुंडे अपनी बुरी नज़रों के साथ छेड़खानी करते हुए हर गली-कूचे में साल के बारह महीने और दिन के चौबीस घंटे अपनी माँ, बहन और बेटियों समान औरत को अपमानित करने से रुकते नहीं हैं। यह भयानक तस्वीर उस समाज की है जिसे भारतीय समाज कहा जाता है। लेकिन जहां समाज की यह तस्वीर उभर कर सामने आती है वहीं यह सवाल भी उठता है कि आखिर यह व्यवहार भारतीय समाज में महिलाओं के साथ क्यों बरता जाता है?