धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द के कारण हम सृष्टि के आदिकालीन ज्ञान वेद व अपने सभी पूर्वजों द्वारा सृष्ट व अधीत व ग्रन्थों के अध्येता हैं May 1, 2019 / May 1, 2019 | Leave a Comment ” –मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। महाभारत काल के बाद वेदों का अध्ययन-अध्यापन बाधित हो गया था। कालान्तर में वेद लगभग लुप्त से हो गये थे। वेदों की महत्ता भी लोग भूल चुके थे। वेद के अप्रचलन से वेदों में निहित ईश्वर व जीवात्मा विषयक ज्ञान से भी लोग अनभिज्ञ थे। ईश्वर व आत्मा के […] Read more »
धर्म-अध्यात्म “गो अवध्य प्राणी है” April 30, 2019 / May 1, 2019 | Leave a Comment ओ३म् –मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हमारा यह संसार मनुष्यों सहित अन्यान्य प्राणियों से युक्त है। हमारा जीवन मुख्यतः वायु, जल, अन्न सहित गो दुग्ध पर निर्भर है। वायु परमात्मा की कृपा से सर्वत्र उपलब्ध होती है। जल भी नदियों, जलाशयों व भूमि में नलकूप से अथवा सरकारी जल-प्रबन्धन व्यवस्था से सुलभ हो जाता है। […] Read more »
लेख ईश्वर है तो दिखाई क्यों नहीं देता? April 29, 2019 / April 29, 2019 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम मनुष्य है और हमारा जन्म हुआ है। मनुष्य की आयु पर विचार करें तो यह अनिश्चित होती है। कुछ ऐसे बच्चे होते तो जन्म लेते ही व गर्भ में ही मृत्यु का ग्रास बन जाते हैं और कुछ जन्म के बाद के वर्षों में किसी रोग व अज्ञात कारणों से […] Read more »
धर्म-अध्यात्म सत्यार्थप्रकाश अविद्या दूर कर मनुष्य को सच्चा विद्वान बनता है April 29, 2019 / April 29, 2019 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य सत्यार्थप्रकाश आर्यसमाज के संस्थापक महर्षि दयानन्द सरस्वती जी का लिखा हुआ ग्रन्थ है। यह ग्रन्थ पहली बार सन् 1874 में लिखा गया था। इसका संशोधित संस्करण सन् 1883 में तैयार हुआ था जो ऋषि दयानन्द की 30-10-1883 को मृत्यु के बाद सन् 1884 में प्रकाशित हुआ था। सत्यार्थप्रकाश इस लिये लिखा […] Read more » satyarth prakash सत्यार्थप्रकाश
समाज शिशु के लिये अपनी माता का दूध सर्वोत्तम पोषणयुक्त आहार है April 26, 2019 / April 26, 2019 | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य यह संसार परमात्मा ने सत्व, रज व तम गुणों वाली सूक्ष्म जड़ प्रकृति से इससे पूर्व बनाये संसार के अनुरूप बनाया है। संसार में एक ईश्वर सहित जीवात्माओं तथा प्रकृति का अस्तित्व है। यह तीनों सत्तायें अनादि व नित्य हैं और इसी कारण यह अनन्त, अविनाशी एवं अमर भी हैं। परमात्मा […] Read more » mothers milk is best for child माता का दूध
शख्सियत समाज “महात्मा हंसराज जी का प्ररेणादायक, आदर्श एवं महनीय जीवन” April 24, 2019 / April 24, 2019 | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, महर्षि दयानन्द सरस्वती, वैदिक धर्म वा आर्यसमाज की विचारधारा को आदर्श मानकर जिस व्यक्ति ने अपना जीवन देश व समाज से अज्ञान, अशिक्षा व अविद्या को दूर करने में समर्पित किया उसे हम महात्मा हंसराज जी के नाम से जानते हैं। जो मनुष्य अपने जीवन में धन-सम्पत्ति एवं अपनी सुख-सुविधाओं का […] Read more » mahatma hansraj the great life of Mahatma Hansraj महात्मा हंसराज
धर्म-अध्यात्म रामनवमी संसार के एक प्राचीन आदर्श राजा राम से जुड़ा पावन पर्व है April 18, 2019 / April 18, 2019 | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य भारत का सौभाग्य है कि इस देश की धरती पर सृष्टि के आरम्भ में सर्वव्यापक ईश्वर से चार ऋषियों को चार वेदों का ज्ञान प्राप्त हुआ था। इन चार वेदों के विषय ज्ञान, कर्म, उपासना एवं विशिष्ट ज्ञान है। वेद ईश्वर से ही उत्पन्न हुए हैं। यह पौरूषेय रचना नहीं अपितु […] Read more » ramnavami रामनवमी
धर्म-अध्यात्म वेदों का पुनरुद्धार ऋषि दयानन्द की विश्व को अनोखी महत्वपूर्ण देन April 18, 2019 / April 18, 2019 | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द के नाम से विश्व का समस्त धार्मिक एवं सामाजिक जगत परिचित है। ऋषि दयानन्द ने सृष्टि के आरम्भ में ईश्वर प्रदत्त वेद ज्ञान जो महाभारत के बाद विलुप्त हो गया था, उसका पुनरुद्वार किया है। पांच हजार वर्ष पूर्व हुए महाभारत के बाद के इतिहास पर दृष्टि डालें तो […] Read more »
कविता ऐसा लगता लाल किला मर्दानी भाषा बोल गया।। April 15, 2019 / April 15, 2019 | 1 Comment on ऐसा लगता लाल किला मर्दानी भाषा बोल गया।। वर्षों बन्द कुबेर खजाने का दरवाजा खोल गया। गोरा बादल शत्रु कंठ को तलवारों से तोल गया। सात दशक का पाप जाप की अग्नि शिखा से डोल गया। ऐसा लगता लाल किला मर्दानी भाषा बोल गया।। अद्भुत चतुर खिलाड़ी आया दाग गोल पर गोल गया। ऐसा लगता लाल किला मर्दानी भाषा बोल गया।। सैनिक की […] Read more » ऐसा लगता लाल किला मर्दानी भाषा बोल गया।।
धर्म-अध्यात्म “ऋषि दयानन्द जयन्ती वेद, धर्म एवं संस्कृति का पुनरुद्धार दिवस” March 6, 2019 / March 6, 2019 | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द का जन्म फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी सम्वत १८८१ विक्रमी (12-2-1825) को हुआ था। यह वह समय था जब सारा देश ही नहीं अपितु विश्व भी वेद व उसकी सत्य शिक्षाओं को भूल चुका था। ऋषि दयानन्द एक कट्टर पौराणिक पिता व परिवार में जन्में थे। उनके पिता […] Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ ऋषि दयानन्द के बतायें मार्ग पर चलकर जीवन को सफल बनायें March 6, 2019 / March 6, 2019 | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य हम वेदों के पुनरुद्धार एवं देश से अविद्या व अन्धविश्वासों को दूर करने के लिये ऋषि दयानन्द, उनके गुरु स्वामी विरजानन्द, स्वामी दयानन्द के संन्यास गुरु स्वामी पूर्णानन्द जी, स्वामी जी के योग-गुरुओं सहित स्वामी श्रद्धानन्द, पं. लेखराम, पं. गुरुदत्त विद्यार्थी, स्वामी दर्शनानन्द सरस्वती, पं. श्यामजी कृष्ण वर्म्मा, लाला लाजपत राय, भाई […] Read more »
धर्म-अध्यात्म शिवरात्रि और ऋषि-दयानन्द-बोधोत्सव ईश्वरोपासना के रहस्य को जानने का पर्व March 5, 2019 / March 5, 2019 | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, शिवरात्रि एक पौराणिक पर्व है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को यह पर्व मनाया जाता है। इस पर्व में शिवपुराण की कथा सुनते हैं और उपवास रखकर मन्दिरों में शिव की पिण्डी पर जल आदि चढ़ाकर वा जलसे उस मूर्ति को स्नान कराने सहित वहां बेल-पत्र, फूल व फल […] Read more »