मनोहर पुरी

करीब चालीस वर्षों से पत्रकारिता में व्यस्त। विशेष संवाददाता, सह संपादक, संपादक के पद पर रह चुके हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्यापन। दो सौ से अधिक वार्ताओं, संसद समीक्षाओं और समसामयिक टिप्पणियों का प्रसारण। पांच सौ से अधिक कहानियाँ, कविताएँ, व्यंग्य एवं समसामयिक लेख देश विदेश की ख्याति लब्ध पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित। समालोचनात्मक, सृजनात्मक, विवरणात्मक लेखन में रुचि।
20 queries in 0.378