निर्मल रानी

अंबाला की रहनेवाली निर्मल रानी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट हैं, पिछले पंद्रह सालों से विभिन्न अखबारों, पत्र-पत्रिकाओं में स्वतंत्र पत्रकार एवं टिप्पणीकार के तौर पर लेखन कर रही हैं...

मायावती की ‘माया’ और बहुजन समाज पार्टी

जिस भाजपा को मायावती मनुवादियों की पार्टी बताया करती थीं तथा तिलक तराजू और तलवार,इनको मारो जूते चार जैसे असभ्य नारे पार्टी में लगवाकर अपने मतदाताओं में जोश पैदा किया करती थीं आखिरकार जब 2005 में मुलायम सिंह यादव की सरकार गिराकर वे भाजपा की गोद में जा बैठीं उसी समय इस बात का अंदाज़ा हो चला था कि बसपा भी अन्य दलों से अलग कतई नहीं है।

तेजिंद्र चौहान: व्यक्ति एक प्रतिभाएं अनेक

तेजिंद्र चौहान संगीत के भी बेहद प्रेमी हैं। उच्चकोटि का संगीत तथा स्तरीय गायन उन्हें बहुत पसंद है। वे अपने जीवन में सबसे अधिक नुसरत फतेह अली खां तथा मेंहदी हसन जैसे गायकों को सुनना पसंद करते हैं। नुसरत फतेहअली व मेंहदी हसन के गाए हुए शायद ही कोई गीत,गज़ल या कव्वाली ऐसी हो जो उनके पास न हो।

शहर की चिंता में क़ाज़ी जी का दुबला होना

ऐसा प्रतीत होता है कि आलोचना की आड़ में प्रसिद्धि कमाने की जुगत में लगे रहने वाले यह लोग भी मौका देखकर अपनी ज़हरीली आवाज़ बुलंद करते हैं। क्योंकि पीवी सिंधु,साक्षाी मलिक और दीपा करमारकर जैसी होनहार लड़कियां जब भारत के लिए पद जीतकर लाईं उस समय इन सभी खिलाडिय़ों की पोशाकें वही थीं जो उनके खेलों के लिए खेल नियम के अनुसार निर्धारित की गई थीं। परंतु चूंकि इनकी विजय का जश्र भारत में इतना ज़बरदस्त तरीके से मनाया जा रहा था कि पूरा देश इनके समर्थन में खड़ा था।