खेल जगत नौकरशाह बनाम दिल्ली के विद्यार्थी September 22, 2010 / December 22, 2011 | 2 Comments on नौकरशाह बनाम दिल्ली के विद्यार्थी -लालकृष्ण आडवाणी पिछले सप्ताह जब राष्ट्रमण्डल खेलगांव अनौपचारिक रुप से खोला गया तो जिसने देखा वही उसकी भूरि-भूरि प्रशंसा करने लगा। वेल्स के चे्फ डि मिशन ने जो कहा वह छपा है: ”अपनी सुविधाओं और वैभव से परिपूर्ण विलेज असामान्य है।” इससे मुझे एनडीए सरकार के समय जब पहली बार नई दिल्ली में यह खेल […] Read more » Commanwealth Games राष्ट्रमेंडल खेल
विविधा सितम्बर का महत्व September 22, 2010 / December 22, 2011 | 1 Comment on सितम्बर का महत्व -लाल कृष्ण आडवाणी व्यक्तिगत रुप से आज (12 सितम्बर) का दिन मेरे लिए अविस्मरणीय है। ठीक इसी दिन 1947 में मैंने अपना जन्मस्थान कराची छोड़ा था। इन पिछले 63 वर्षों में, मैं सिर्फ दो बार कराची जा सका- पहली बार 1978 में और दूसरी बार 2005 में। पाकिस्तान के जनरल मुशर्रफ दिल्ली में पैदा हुए। […] Read more » September सितम्बर
राजनीति स्वायतत्ता तोहफा नहीं, गुलामी की दावत September 21, 2010 / December 22, 2011 | 3 Comments on स्वायतत्ता तोहफा नहीं, गुलामी की दावत – भरतचंद्र नायक गत दिनों लोक सभा में जब कश्मीर के बिगड़ते हालात पर चर्चा के दौरान ठोस कदम उठाने की पुरजोर वकालत की जा रही थी, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और केन्द्र सरकार में मंत्री डॉ.फारुख अब्दुल्ला ने फरमाया कि ऐसे वक्त जब भारत सरकार दुनिया की एक बड़ी ताकत है और जम्मू-कश्मीर के […] Read more » Autonomy जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता
स्वास्थ्य-योग एक साथी के साथ सोने से बढ़ती है उम्र September 20, 2010 / December 22, 2011 | 3 Comments on एक साथी के साथ सोने से बढ़ती है उम्र -चांदनी हृदय बीमारियों के बाद सैक्सुअल लाइफ पर विशेष फोकस किया जाना चाहिए. शादी के बाद इतर संबंध होना हृदय रोगियों के लिए सुरक्षित नहीं होता है, क्योंकि वे अपनी उम्र से बहुत कम उम्र के साथी के साथ संबंध बनाते हैं जिससे परिस्थियां, जगह, समय को लेकर तनाव रहता है। शादी के इतर संबंध […] Read more » Age उम्र
धर्म-अध्यात्म श्रीराम जन्मभूमि पर बने भव्य राम मन्दिर September 20, 2010 | 3 Comments on श्रीराम जन्मभूमि पर बने भव्य राम मन्दिर समय की मांग है कि संसद कानून बनाए – हृदयनारायण दीक्षित श्रीराम जन्मभूमि के विषय में उच्च न्यायालय के आदेश का देश को बेसब्री से इंतजार है। केन्द्र व राज्य की सरकार ने अतिरिक्त पुलिस बल की चर्चा व अतिरिक्त सावधानी की बातें करके आम जनता में दहशत पैदा की है। भूमि का स्वामित्व विवाद […] Read more » अयोध्या आंदोलन श्रीरामजन्मभूमि
समाज स्वाभिमानी राष्ट्र गुलामी के कलंकों को बर्दाश्त नहीं करते : आर्नोल्ड टॉयन्बी September 19, 2010 / December 22, 2011 | 8 Comments on स्वाभिमानी राष्ट्र गुलामी के कलंकों को बर्दाश्त नहीं करते : आर्नोल्ड टॉयन्बी आर्नोल्ड टॉयन्बी आधुनिक युग के सर्वश्रेष्ठ इतिहासज्ञ माने गये। वर्ष 1960 में वे भारत आये तथा उन्होंने तीन भाषण दिये। इन भाषणों में उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि काशी और मथुरा के जन्मस्थलों पर अभी भी मस्जिद बनी हैं तथा उन्हें हटाने का कोई प्रयास भी नहीं हुआ है। हम उनके भाषणों पर आधारित यह […] Read more » Krishna Birthplace अर्नोल्ड टॉयन्बी कृष्ण जन्मभूमि पर बनी ईदगाह ज्ञानवापी मस्जिद बाबरी मस्जिद विवाद
धर्म-अध्यात्म आकाश प्रथम तत्व है ! September 19, 2010 / December 22, 2011 | 3 Comments on आकाश प्रथम तत्व है ! – हृदयनारायण दीक्षित भारतीय दर्शन के पांच तत्व गांव-गांव तक चर्चित है। रामचरित मानस की क्षिति जल पावक गगन समीरा वाली चौपाई हिन्दी भाषी क्षेत्रों में गंवई गंवार भी गाते हैं। तुलसीदास ने पांच तत्वों वाली बात कोई अपनी तरफ से ही नहीं कही थी। लेकिन यही पांच तत्व समूचे भारतीय साहित्य में भी मौजूद […] Read more » Sky आकाश
धर्म-अध्यात्म मन ही बंधन, मन ही मुक्ति September 19, 2010 / December 22, 2011 | 1 Comment on मन ही बंधन, मन ही मुक्ति -हृदयनारायण दीक्षित आनंद सबकी इच्छा है। सुख, स्वस्ति और आनंद का प्रत्यक्ष क्षेत्र यही प्रकृति है। यहां शब्द हैं, रूप, रस, गंध और स्पर्श आनंद के उपकरण हैं लेकिन आनंद की अनुभूति का केंद्र भीतर है। भौतिकवादी भाषा में कहें तो सारा मजा’मन’ का है लेकिन मन है कि भागा-भागा फिरता है। मन की ताकत […] Read more » Freedom मुक्ति
समाज गंवई गंवार की प्रतीति आत्मगंध की अनुभूति September 19, 2010 / December 22, 2011 | Leave a Comment – हृदयनारायण दीक्षित गांव की अपनी सुरभि है, अपनी गंध है। गंवई-गंवार की अपनी प्रतीति है और आत्मगंध की अपनी अनुभूति है। गांवों से बाहर जाती और सांझ समय खेतों से लौटती गायों की पदचाप से उठी धूलि गंध देवों को भी प्रिय है। गांव में गेंदा है, चमेली है, रातरानी है, गुलाब हैं तथा […] Read more » Cognition अनुभूति
साहित्य राजभाषा हिन्दी और संवैधानिक सीमाएं September 19, 2010 / December 22, 2011 | Leave a Comment -हरिकृष्ण निगम क्या हमारे देश के करोड़ों हिंदी प्रेमियों को इस बात का अहसास है कि संवैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत हिंदी को यद्यपि संघ की राजभाषा का दर्जा मिला है, पर उसके ऊपर जो अंकुश प्रारंभ से ही लगाए गए हैं वे इसके सर्वांगीण विकास में आज भी रोड़ा बने हुए हैं। संविधान का यह […] Read more » hindi हिन्दी
धर्म-अध्यात्म संवेदनाशून्यता में संस्कृति विनाश September 19, 2010 / December 22, 2011 | Leave a Comment – हृदयनारायण दीक्षित सृष्टि एक है। दो नहीं। यह अद्वैत है। ढेर सारे रूप हैं, जीव और वनस्पतियां हैं लेकिन समूची सृष्टि में परस्परावलम्बन है। अथर्ववेद के ऋषि गौंओं से प्रार्थना करते हैं, आपकी सन्तति बढ़े, आप स्वच्छ चारा खायें। शुध्द जल पियें – प्रजावतीः सूयवसे रूशन्ती शुध्दा अपः। (अथर्व0 4.21.7) कहते हैं, आप अपनी […] Read more » Destruction of culture संस्कृति विनाश
धर्म-अध्यात्म वृहदारण्यक उपनिषद् की मैत्रेयी सौभाग्यशाली September 19, 2010 / December 22, 2011 | Leave a Comment – हृदयनारायण दीक्षित वैदिक काल और उत्तर वैदिक काल में ढेर सारी तत्ववेत्ता महिलाएं हैं। लोपामुद्रा ऋग्वेद की मंत्रद्रष्टा हैं लेकिन मैत्रेयी की तत्व अभीप्सा बेजोड़ है। वह तत्ववेत्ता कुलपति याज्ञवल्क्य की दो पत्नियों में से एक थी। याज्ञवल्क्य ने संन्यास की तैयारी की। उन्होंने दोनाें पत्नियों मैत्रेयी व कात्यायनी को बुलाया, कहा कि हमारी […] Read more » Blessed सौभाग्यशाली