टेक्नोलॉजी समाज डिजिटल इंडिया की डगर October 23, 2015 | Leave a Comment शुभम श्रीवास्तव मानव सभ्यताओं के लाखों वर्षों से चले आ रहे क्रम में आज हम एक ऐसे मुहाने पर आ कर खड़े हो गए है जहाँ से भौतिकी दुनिया के विकास से इतर हम एक ऐसी आभासी दुनिया में पाँव जमाने जा रहे हैं जो आने वाले समय के लिहाज़ से एक क्रांतिकारी कदम साबित […] Read more » Featured डिजिटल इंडिया डिजिटल इंडिया की डगर
टेक्नोलॉजी समाज जंगल मे मोर नाचा तो किसने देखा?? October 23, 2015 | Leave a Comment पंकज कसरादे विदेश नीति के रंग डिजिटल इंडिया ,मेक इन इंडिया,स्किल इंडिया में हम इतने सराबोर हो चुके है कि हमारे आंतरिकता में स्थित देश की पहचान जो गाँवो से है , किसानो से है ,खेतो से है ,जंगलो से है ,मज़दूरों से है उसे लगभग भूल चुके है। यह पहल सही है की विदेश […] Read more » Featured जंगल मे मोर नाचा
कला-संस्कृति बदलते शहर में बस, नाम रह जाएगा October 21, 2015 | Leave a Comment कुदसिया बाग नलिन चौहान दिल्ली की ऐतिहासिक विरासतों को सहेजने की ज़िम्मेदारी भले ही उत्तरी दिल्ली के हिस्से ज्यादा नहीं आती हो, लेकिन बहुत कम लोगों को ये पता है कि, यह शहर का सबसे अधिक दिलचस्प इलाका है जो पग-पग पर स्वप्नदर्शी पुरातन स्थलों से भरा हुआ है। इस शहर में पुरानी दिल्ली के […] Read more » कुदसिया बाग नाम रह जाएगा बदलते शहर में बस शहर
विविधा सिनेमा कहाँ से पहुंचे कहाँ तक, हिन्दी फिल्में और दिल्ली October 21, 2015 | Leave a Comment नलिन चौहान देश में आरंभ से ही हिंदी फिल्मों का दूसरा मतलब बंबई और अब मुंबई रहा है और इसका सबसे बड़ा प्रमाण हाॅलीवुड की नकल पर बालीवुड का नाम रहा है। ऐतिहासिक कारणों से हिंदी फिल्मों के निर्माण से लेकर कथानक तक में बंबई का वर्चस्व रहा। सन् 1947 में देश को आजादी मिलने […] Read more » कहाँ से पहुंचे कहाँ तक हिन्दी फिल्में हिन्दी फिल्में और दिल्ली
राजनीति ये कैसी राजनीति ? October 19, 2015 | Leave a Comment सुप्रिया सिंह बिहार विधानसभा चुनाव में व्यस्त भाजपा के लिए इस समय उसके सहयोगी ही उसकी परेशानियों का कारण बने हुए है और पार्टी की फजीहत कराने में लगे है। लम्बे समय से गठबंधन में रहे भाजपा और शिवसेना इस समय एक दूसरे पर बयानी वार छोड़ने का काम कर रहे है। महाराष्ट्र विधानसभा […] Read more » ये कैसी राजनीति
कविता आरक्षण या भीख October 17, 2015 | Leave a Comment हमें भीख दे दो.. हम अपाहिज जो हो चले, अब तो हमारे भी हाथ पैर में जंग और दिमाग में अलीगढ़ के ताले पड़ गये | कुछ करना अब असंभव सा हो गया है अब तो हमको भी आरक्षण चाहिए | हम भी अब २०-३० नंबर से आई.आई.टी. , एम.बी.बी. एस.पास करेंगे, आरक्षण के फायदे […] Read more » आरक्षण या भीख
मीडिया आत्ममंथन करे मीडिया October 16, 2015 | Leave a Comment डॉ.अमित प्रताप सिंह पत्रकारों से मार-पीट या जान से मार देने जैसी घटनाओं की के समाचार आजकल आम होते जा रहे हैं, ऐसी घटनाओं के बाद सामान्यतः लोकतंत्र के झंडाबरदार अंततः जुबानी जमाखर्च करके अपने – अपने काम में लग जाते हैं और बेचारा मीडिया अपने फूटे सर और शरीर पर बंधी पट्टियों के साथ […] Read more » आत्ममंथन करे मीडिया
खेल जगत सिनेमा भोजपुरी इण्डस्ट्री की सबसे बड़ी और सार्थक फ़िल्म “प्रेम-बिद्रोही” October 15, 2015 | Leave a Comment नया कीर्तिमान रचेगी भोजपुरी इण्डस्ट्री की सबसे बड़ी और सार्थक फ़िल्म “प्रेम-बिद्रोही” पुरवइया इंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रदर्शन को तैयार भोजपुरी की बहुप्रतीक्षित फ़िल्म प्रेम~बिद्रोही अतिशीघ्र बिहार के चलचित्र गृहों में धूम मचाने को तैयार है। फ़िल्म में उत्तर प्रदेश और बिहार की जातिगत राजनीति, सामाजिक दुर्व्यवस्था, आरक्षण जैसे मुद्दों को बड़ी बारीकी से फिल्माया […] Read more » "प्रेम-बिद्रोही"
कला-संस्कृति विविधा ब्राह्मणवाद व श्रमणवाद October 15, 2015 | Leave a Comment राम पुनियानी (लेखक आई.आई.टी. मुंबई में पढ़ाते थे और सन् 2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं।) हिंदू धर्म और विशेषकर ब्राह्मणवाद व श्रमणवाद के साथ उसके रिश्तों के संबंध में कई भ्रांतियां हैं। ‘हिंदुत्व’शब्द ने इस भ्रांति में इज़ाफा ही किया है। हिंदुत्व, धर्म के नाम पर की जा रही राजनीति का […] Read more » Featured ब्राह्मणवाद ब्राह्मणवाद व श्रमणवाद श्रमणवाद
विविधा समाज जनजातीय संस्कृति पर छाया संकट October 14, 2015 | Leave a Comment शैलेन्द्र सिन्हा 9 अगस्त विश्व आदिवासी पुरे दुनिंया में मनाया जा रहा है।लेकिन झारखंड में आदिवासियों की जनसंख्या में लगातार ह्नास परिलक्षित हो रहा है,उनका राजनीतिक,सामाजिक व आर्थिक विकास धीमा हो गया है।आदिवासियों की जनसंख्या के कम होने से जनजातीय संस्कृति पर संकट आ गया है। झारखंड के आदिवासी की अस्मिता खतरे में […] Read more » decreasing population of adiwasi in Jharkhand Featured जनजातीय संस्कृति जनजातीय संस्कृति पर छाया संकट
धर्म-अध्यात्म वर्त-त्यौहार नवरात्रों में दूर करें अपने घर के वास्तुक्षेत्रों से अस्त-व्यस्तता October 14, 2015 | Leave a Comment नवरात्रों में मां दुर्गा की पूजा का सही विधान, सही दिशा एवं पूजा रूम की सजावट के साथ एक और महत्वपूर्ण पक्ष भी है जिसका ध्यान रखना जरूरी है। और वह है घर का साफ़-सुथरा होना व चीज़ों का सही स्थान पर रखा होना। इस बारे में बता रहे हैं वास्तुशास्त्री प्रसाद कुलकर्णी सीईओ […] Read more » Featured वास्तुक्षेत्रों से अस्त-व्यस्तता
धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार वर्त-त्यौहार विविधा नवरात्रोत्सव में देवी की उपासना धर्मशास्त्रानुसार कैसे करें ? October 13, 2015 | Leave a Comment आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवरात्रोत्सव आरंभ होता है । इस वर्ष नवरात्रोत्सव १३ अक्टूबर, २०१५ से आरंभ हो रहा है । इस काल में नवरात्रोत्सव में घटस्थापना करते हैं । अखंड दीप के माध्यम से नौ दिन श्री दुर्गादेवी की पूजा करना अर्थात नवरात्रोत्सव मनाना । नवरात्रि के काल में श्री दुर्गादेवी का तत्त्व अधिक […] Read more » Featured नवरात्रोत्सव में देवी की उपासना