धर्म-अध्यात्म वर्त-त्यौहार नवरात्रों में दूर करें अपने घर के वास्तुक्षेत्रों से अस्त-व्यस्तता October 14, 2015 | Leave a Comment नवरात्रों में मां दुर्गा की पूजा का सही विधान, सही दिशा एवं पूजा रूम की सजावट के साथ एक और महत्वपूर्ण पक्ष भी है जिसका ध्यान रखना जरूरी है। और वह है घर का साफ़-सुथरा होना व चीज़ों का सही स्थान पर रखा होना। इस बारे में बता रहे हैं वास्तुशास्त्री प्रसाद कुलकर्णी सीईओ […] Read more » Featured वास्तुक्षेत्रों से अस्त-व्यस्तता
धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार वर्त-त्यौहार विविधा नवरात्रोत्सव में देवी की उपासना धर्मशास्त्रानुसार कैसे करें ? October 13, 2015 | Leave a Comment आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवरात्रोत्सव आरंभ होता है । इस वर्ष नवरात्रोत्सव १३ अक्टूबर, २०१५ से आरंभ हो रहा है । इस काल में नवरात्रोत्सव में घटस्थापना करते हैं । अखंड दीप के माध्यम से नौ दिन श्री दुर्गादेवी की पूजा करना अर्थात नवरात्रोत्सव मनाना । नवरात्रि के काल में श्री दुर्गादेवी का तत्त्व अधिक […] Read more » Featured नवरात्रोत्सव में देवी की उपासना
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म छत्तीसगढ़ में देवी उपासना के शक्तिपीठ October 13, 2015 | Leave a Comment अनामिका नवरात्रि का छत्तीसगढ़ में विशेष महत्व है। प्राचीन काल में देवी के मंदिरों में जवारा बोई जाती थी और अखंड ज्योति कलश प्रज्वलित की जाती थी। यह परम्परा आज भी अनवरत जारी है। ग्रामीणों द्वारा माता सेवा और ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तमी का पाठ और भजन आदि की जाती है। छत्तीसगढ़ में अनादिकाल से […] Read more » Featured छत्तीसगढ़ में देवी उपासना देवी उपासना देवी उपासना के शक्तिपीठ
कविता साहित्य रहस्यमयी सूर्य October 12, 2015 / October 12, 2015 | Leave a Comment पवन प्रजापति उदय प्रताप इंटर कालेज, वाराणसी तीक्ष्ण किरण के आदि अंत में हे दिनकर! तुम हो अन्नत में सौर कुटुम्ब के तुम आधार शून्य जगत में निराकार ।। अमिट अथाह उर्जाओं का श्रोत अति उष्मा से ओत प्रोत दुग्घ्ध मेखला के परितः चलायमान अन्नत आकाश में उदियमान ।। अंधकार है शत्रु तुम्हारा संपूर्ण विश्व […] Read more » रहस्यमयी सूर्य
जन-जागरण समाज सूचना का अधिकार व सामाजिक परिवर्तन October 12, 2015 | Leave a Comment आदिमकालीन मानव शनैः शनैः सभ्यता की ओर अग्रसर हुआ .भाषा व लिपि का अविष्कार होने के पश्चात् मानव समाज ने अनुशासन की आवश्यकता पूर्ति के लिये नियमों एवं रीति – रिवाजों की स्थापना की .उस समय मानव ने महसूस कर लिया था कि जंगल का कानून मानव समाज के हित में नहीं है .विश्व की […] Read more » Featured सामाजिक परिवर्तन सूचना का अधिकार
विविधा शिक्षा मित्र या शिक्षा शत्रु? October 6, 2015 | 1 Comment on शिक्षा मित्र या शिक्षा शत्रु? डॉ.अमित प्रताप सिंह समय के साथ साथ दिन प्रतिदिन सरकारी कामकाज में तकनीक का प्रयोग बढ़ता जा रहा है, खासतौर से जब से प्रधानमंत्री जी ने डिजिटल इंडिया का नारा बुलंद किया है तब से तो जिसे देखो वो बिना कुछ आगे-पीछे सोचे ई-गवर्नेंस, एम-गवर्नेंस के नाम पर नित नया ज्ञान बाँट रहा है. […] Read more » Featured शिक्षा मित्र शिक्षा मित्र या शिक्षा शत्रु शिक्षा शत्रु?
राजनीति जंगल में मोर नाचा तो किसने देखा ? October 3, 2015 | Leave a Comment विदेश नीति के रंग डिजिटल इंडिया ,मेक इन इंडिया,स्किल इंडिया में हम इतने सराबोर हो चुके है कि हमारे आंतरिकता में स्थित देश की पहचान जो गाँवो से है , किसानो से है ,खेतो से है ,जंगलो से है ,मज़दूरों से है उसे लगभग भूल चुके है। यह पहल सही है की विदेश नीति का […] Read more » जंगल में मोर नाचा तो किसने देखा ?
विविधा कैसे होगा 2019 तक स्वच्छ मध्यप्रदेश ? October 1, 2015 / October 1, 2015 | 2 Comments on कैसे होगा 2019 तक स्वच्छ मध्यप्रदेश ? डॉ. परशुराम तिवारी सुना है गाँधीजी ने भारत की आजादी की तुलना में देश में देश में स्वच्छता को अधिक महत्त्वपूर्ण माना था. इसके बावजूद देश को स्वच्छता से पहले आजादी ही मिली. गाँधी जी ने देश के सही रूप में विकास के लिए, पहले गाँव के विकास पर जोर दिया था. इसके बाबजूद, अतीत […] Read more » Featured swachh bharat mision in madhya pradesh स्वच्छ मध्यप्रदेश
कविता विविधा मैं नमाज़ नहीं पढ़ूँगा September 30, 2015 / September 30, 2015 | 4 Comments on मैं नमाज़ नहीं पढ़ूँगा क़ैस जौनपुरी मैं नमाज़ नहीं पढ़ूँगा आज बक़रीद है सुबह सुबह किसी ने टोका ईद मुबारक़ हो ईद मुबारक़ हो नमाज़ पढ़ने नहीं गए लेकिन स्वीमिंग करने जा रहे हो हाँ मैं नहीं गया क्यूँकि मैं नाराज़ हूँ उस ख़ुदा से जो ये दुनिया बना के भूल गया है कहीं खो गया है या शायद […] Read more » Featured मैं नमाज़ नहीं पढ़ूँगा
कला-संस्कृति अक्षरा सिंह : कब बदलेगा भोजपुरी सिनेमा September 25, 2015 | Leave a Comment अक्षरा सिंह उन हीरोइनों में शामिल हैं, जिसे ग्रामीण समाज में कहा जाता है कि रूपवती भी हैं और गुणवती भी। यानी सिनेमा की भाषा में कहें तो उनमें ग्लैमर और एक्टिंग समान भाव से मौजूद है। डेढ़ दर्जन से भी ज्यादा फिल्में कर चुकी अक्षरा के चेहरे पर संतोष का आह्लाद नहीं है, इसलिये […] Read more » अक्षरा सिंह
राजनीति मूल्यों पर आधारित राजनीतिक पार्टी की जरूरत September 18, 2015 | 2 Comments on मूल्यों पर आधारित राजनीतिक पार्टी की जरूरत न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी फिलहाल भारतीय नागरिकों की रुचि का अगर कोई विषय है तो वह बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव ही हैं। हालांकि चुनाव बिहार में हैं इसके बावजूद हर उस स्थान पर जहां बिहार के लोग रहते बस्ते हैं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष चुनाव में व्यस्त हैं। दूसरी ओर […] Read more »
जन-जागरण विविधा वायु प्रदूषण से जूझता पीएम मोदी का बनारस September 18, 2015 / September 18, 2015 | Leave a Comment उमा तिवारी ट्रैफिक जाम होना बनारस में आम बात है। घाटों और मंदिरों के शहर के रूप में मशहूर यह शहर पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसदीय सीट बनने के बाद दुनिया भर में चर्चा में आ गया। डीजल वाहनों से निकलने वाले धुएं के चलते यहां के लोग टहलते या साइकिल चलाते वक्त […] Read more » Featured