जन-जागरण जरूर पढ़ें दिल्ली में ‘आम आदमी पार्टी’ की अभूतपूर्व विजय और मज़दूर आन्दोलन के लिए कुछ सबक February 12, 2015 / February 12, 2015 | Leave a Comment कांग्रेस और भाजपा जैसे बड़े पूँजीपतियों के हितों की सेवा करने वाले चुनावी राजनीतिक दलों, तमाम छोटे-बड़े क्षेत्रीय पूँजीवादी दलों और संसदीय वामपंथियों से ऊबी हुई दिल्ली की जनता ने पिछली बार अधूरी रह गयी अपने दिल की कसर को तबीयत से निकाला है। ‘आप आदमी पार्टी’ को हालिया विधानसभा चुनावों में 70 में […] Read more » मज़दूर आन्दोलन
मीडिया छोटी गलती पर बड़ी पकड़ नहीं होनी चाहिए February 6, 2015 | 1 Comment on छोटी गलती पर बड़ी पकड़ नहीं होनी चाहिए मोहम्मद आसिफ इकबाल देश की राजधानी दिल्ली फ़िलहाल सियासी पार्टियों और उनके प्रत्याशियों का अखाड़ा बनी हुई है। हर तरफ शोर-शराबा, जलसे-जुलूस, भाषण और घोषणाएं हैं जिन्होंने दिल्ली में एक विचित्र माहौल पैदा कर दिया है। ऐसा नहीं है कि दिल्ली में पहली बार चुनाव होने जा रहे हैं। इसके बावजूद देश की दो बड़ी […] Read more » छोटी गलती पर बड़ी पकड़ नहीं होनी चाहिए
जन-जागरण शहीद होने का मतलब क्या है? February 2, 2015 / February 2, 2015 शहीद पिता की पार्थिव देह के सामने फफक उठी बेटी ने अपने पापा को वही आवाज दी थी…जिस वीरता की कहानियां सुनाकर पापा ने लाडली को पाला था..। जाने कितनी रातों में कितनी बार गोद में बेटी को बताया था पापा ने, रण में गोरखा रेजीमेंट की हुंकार भी बतायी थी..सैनिकों जीत होगी या नहीं, […] Read more » कर्नल मुनींद्र नाथ राय शहीद होने का मतलब
बच्चों का पन्ना हीरों का हार January 10, 2015 / January 10, 2015 | Leave a Comment एक रानी नहाकर अपने महल की छत पर बाल सुखाने के लिए गई। उसके गले में एक हीरों का हार था, जिसे उतार कर वहीं आले पर रख दिया और बाल संवारने लगी। इतने में एक कौवा आया। उसने देखा कि कोई चमकीली चीज है, तो उसे लेकर उड़ गया। एक पेड़ पर […] Read more » हीरों का हार
टॉप स्टोरी इन्तिहां-पेशावर की मासूमियत December 18, 2014 / December 18, 2014 | Leave a Comment घने कोहरे और ठण्ड़ के चलते रज्जाक अभी रजाई में ही दुबका पड़ा था। मन ही मन अपनी आंखें मूंदे शायद यह सोच रहा था कि आज स्कूल न जाना पड़े और छुट्टी का कोई बहाना मिल जाये। मगर अम्मीजान के बनाए परांठों की महक आते ही तपाक से उठ खड़ा हुआ। अब कोई बहाना […] Read more » पेशावर
चिंतन कौन करेगा वरिष्ठ नागरिकों की रखवाली ? December 11, 2014 / December 11, 2014 | Leave a Comment आज कल मुंबई जैसे महानगर में वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित रह पाना मुश्किल हो गया है । खास कर अकेले रह रहे निराश्रित वरिष्ठ नागरिकों का । हाल ही मे पालघर जिले के दहानु में रहने वाले वरिष्ठ पारसी दंपति की हत्या कर दी । यह दंपति अकेले रहते थे । इसके पूर्व भी […] Read more » who will care for senior citizens वरिष्ठ नागरिकों की रखवाली
जन-जागरण छलनीगढ़ में बदलता छत्तीसगढ़ December 4, 2014 / December 8, 2014 | Leave a Comment अभिषेक तिवारी साल के आखिरी महीने के पहले दिन की शुरूआत छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने अपने सुनियोजित परंतु कायरतापूर्ण तरीके से सीआरपीएफ के 14 जवानों को मौंत की नींद सुलाकर की। शायद उनका ये 14 जवानों को मारना 2014 को अलविदा कहने का तरीका हो। लेकिन 14 साल के हो चुके इस छत्तीसगढ़ राज्य के […] Read more » छत्तीसगढ़ छलनीगढ़ बदलता छत्तीसगढ़
प्रवक्ता न्यूज़ अमित शाह ने किया ‘मैनेजमेंट गुरू नरेंद्र मोदी’ का विमोचन November 25, 2014 | Leave a Comment नई दिल्ली, 25 नवंबर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने डायमंड बुक्स से प्रकाशित हिमांशु शेखर की पुस्तक ‘मैनेजमेंट गुरु नरेंद्र मोदी’ का विमोचन किया. इस मौके पर श्री शाह ने ऐसी पुस्तक के प्रकाशन के लिए डायमंड बुक्स के निदेशक श्री नरेंद्र वर्मा को बधाई दी और कहा की आप आगे भी ऐसी पुस्तकों का […] Read more » मैनेजमेंट गुरू नरेंद्र मोदी
व्यंग्य भैंस को सताना बंद करो….रहम करो जी रहम करो November 10, 2014 / November 15, 2014 | Leave a Comment जिसने ये कहावत बनाई अकल बड़ी है या भैंस वह जरूर भैंस का सताया हुआ रहा होगा। कदाचित उसे किसी गुस्साई भैंस ने पटखनी मार दी होगी। पर सदियों पुरानी इस कहावत के कारण भोली भाली भैंसों को बार-बार गुस्सा आता है। और वह कई बार ऐसी हरकतें करती है जिसमें वह ये सिद्ध कर […] Read more » stop harrassing buffaloes भैंस को सताना बंद करो
जन-जागरण पत्थर खाकर भी कश्मीर में सेवा की संघ और सेना दोनों ने November 4, 2014 | Leave a Comment रमेश शर्मा जम्मू कश्मीर में बाढ़ का पानी उतर गया है। जिंदगी दोबारा अपनी रफ़्तार पकडऩे के लिए जूझ रही है। तूफान की धुंध खत्म हो गई है। तूफान के दौरान क्या घटा, मौन उजड़ा, कौन बचा सब साफ दिखने लगा है। इन साफ तस्वीरों में कुछ बातें चौंकाने वाली है। सबसे पहली तो यही […] Read more » पत्थर खाकर भी कश्मीर में सेवा की संघ और सेना दोनों ने
समाज समाज में निहित है ‘हेट स्पीच’ October 29, 2014 | Leave a Comment राजीव यादव चुनाव आए और गए पर सवाल उन विवादास्पद सवालों का है जिनसे ‘हेट स्पीच’ के नाम से हम परिचित होते है। हेट स्पीच से हमारा वास्ता सिर्फ चुनावों में ही नहीं होता पर यह जरुर है कि चुनावों के दरम्यान ही उनका मापन होता है कि वो हेट स्पीच के दायरे में है। […] Read more » हेट स्पीच
कविता बेवफा October 24, 2014 | Leave a Comment कांबले साहेबराव मैंने उसको सहलाया ,दुलारा ,प्यार से देखा उसके आने का इंतज़ार किया। अपना पसीना बहा कर उसे सींचा पर आज ओ इतरा रहा है , किसी रेस्तरा मैं एक सेठ के प्लेट के सामने पड़ा हुआ थोड़ा गौर से मैंने उसे देखा , तो उसका रंग बदल गया था मेरे पसीने की […] Read more » बेवफा