पुनीता सिंह

हिन्दी से एम.ए, साहित्य पढना व लिखना आपकी रुची है। उपल्ब्धि के तौर पर अभिवयाक्ति (कव्य संग्रह) का प्रकाशन, आकाशवाणी से कई रचनाएँ प्रसारित, पत्र - पत्रिकाओं आदि मे पचास से भी अधिक रचनाएँ प्रकाशित।