पुनीता सिंह

हिन्दी से एम.ए, साहित्य पढना व लिखना आपकी रुची है। उपल्ब्धि के तौर पर अभिवयाक्ति (कव्य संग्रह) का प्रकाशन, आकाशवाणी से कई रचनाएँ प्रसारित, पत्र - पत्रिकाओं आदि मे पचास से भी अधिक रचनाएँ प्रकाशित।

विश्व जंनसख्या दिवश पर- बढ्ती आबादी-बढ्ती मुसीबतें

१९८९ में संयुक्त राष्ट विकास कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व की बढ्ती आबादी की पड्ताल करने के लिये विश्व ज़नसंख्या दिवस...

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