शैलेन्द्र चौहान

कविता, कहानी, आलोचना के साथ पत्रकारिता भी। तीन कविता संग्रह ; 'नौ रुपये बीस पैसे के लिए'(1983), श्वेतपत्र (2002) एवं, 'ईश्वर की चौखट पर '(2004) में प्रकाशित। एक कहानी संग्रह; नहीं यह कोई कहानी नहीं (1996) तथा एक संस्मरणात्मक उपन्यास पाँव जमीन पर (2010) में प्रकाशित। धरती' नामक अनियतकालिक पत्रिका का संपादन। मूलतः इंजीनियर। फिलहाल जयपुर में स्थायी निवास एवं स्वतंत्र पत्रकार।

महाराष्ट्र की महानायिका सावित्रीबाई फुले

शैलेन्द्र चौहान महाराष्ट्र के लोकसमाज में सावित्रीबाई फुले का जीवन स्त्रियों के लिए सदैव प्रेरणास्पद

शराबबंदी और लोकायुक्त के लिए एक प्रतिबद्ध गांधीवादी ने त्यागे प्राण

शैलेन्द्र चौहान राजस्थान में सम्पूर्ण शराबबंदी और मजबूत लोकायुक्त कानून बनाए जाने की मांग को