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    Homeविविधाभाई राम सिंह - ऊंचे और सुन्दर वास्तु भवन शैली के पिता

    भाई राम सिंह – ऊंचे और सुन्दर वास्तु भवन शैली के पिता

    -फखरे आलम-

    bhai raam singh

    भाई राम सिंह एक नए भवन निर्माण और डिजा लाइन शैली के जनक माने जाते हैं। भाई राम सिंह ने लाहौर, पंजाब और पेशावर में अनगिनत ऐसे सुन्दर और आकर्षक भसन का डिजाइन किया जो आज भी अपने आप में किसी उदाहरण से कम नहीं है। मैंने अपने शोध के क्रम में उन्हें एक कुशल इंजीनियर और आर्टिक पाया उनकी शैली को एक नऐ रूप में देखा ओर उनके कार्यप्रणाली ने मुझे इतना प्रभावित किया कि मैंने उनपर कलम उठाने का मन बना लिया।

    भाई राम सिंह के कला और हुनर का सबसे सुन्दर उदाहरण मैव स्कुल ऑफ आर्ट; लाहौर, पाकिस्तान एक उत्कृष्ट नमूना है। भाई राम सिंह वह प्रथम भारतीय थे जो मैव स्कूल ऑफ आर्ट का प्रथम छात्र रहे, फिर प्रथम भारतीय प्राचार्य बना था। भाई राम सिंह ने इस भवन के निर्माण का कार्य प्रथम प्राचार्य जाून लूक उफड किपलिग के साथ मिलकर डिजाइन किया था। मैव स्कूल ऑफ आर्ट अर्थात एनसीए भवन की कला शैली और लकड़ी का काम चकित कर देने वाला है। भाई राम सिंह एक नए कला शैली और भवन निर्माण शैली के जनक हैं। उन्होंने लाहौर में भवन निर्माण को एक नई दिशा दी। लाहौर विभाजन से पूर्व हिन्दू बहुल शहर था और भारत की औद्योगिक नगरी में सबसे ऊपर।

    भाई राम सिंह बटाला का रहने वाले थे और उन्होंने महज तेरह वर्ष की आयु में डिप्टी कमीश्नर के बेटे का पयानो ठीक करके सभी को चकित कर दिया था। भाई राम सिंह को स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के भवनों को डिजाइन करने का बड़ा शौक था। चैम्पफस कॉलेज का भवन उनके द्वारा डिजाइन कला का उत्कर्ष उदाहरण है। उनके द्वारा डिजाईन किए गए भवनों की बड़ी विशेषता यह है कि उन भवनों में गर्मी का ऐहसास जरा भी नहीं होता है। हवा और प्रकाश का प्रबंध चारों ओर से किया गया है। लाहोर जीपीओ की विशाल भवन, उसी की शैली का जीपीओ दिल्ली का भी भवन है। भाई राम सिंह के द्वारा बनाई गई सभी भवनों को आज एक सौ दस वर्षों से अध्कि हो गए मगर इनकी मजबूती, और भवन शैली की सुन्दरता, अपना अलग ही स्थान रखता है। कव्यिून एण्ड मैरी स्कूली लाहौर का भवन जो 1910 में भाई राम सिंह के द्वारा बनाया गया था, कलियून मैरी स्कूल दिल्ली भी उनके नक्शों पर आधरित भवन है। अल्बर्ट विक्टर अस्पताल, म्यूजियिम, मैनसिपल हॉल, मुनगमरी हॉल टूलेन्टन मार्केट, गर्वेन्मेन्ट कॉलेज लाहौर, काकोडिंगल, टियुपन हाल, माडल टाउफन सोसाइटी का ऑपिफस, कृषि कॉलेज लाइलपुर, अमृतसर के दरबार, केरला स्टेट के बगले, अननिगत भवन और सरकार व गैर सरकारी भवन भाई राम सिंह के द्वारा बनाई गई थी। भाई राम मर गऐ मगर भवन निर्माण ओर आर्चिटेक के इतिहास में उनका नाम अमर है।

    फखरे आलम
    फखरे आलमhttps://www.pravakta.com/author/fakhrealam
    स्वतंत्र वेब लेखक व ब्लॉगर

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