कला-संस्कृति लेख सफल जीवन के लिये हम खुद को बदलें December 2, 2022 / December 2, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग –हर रिश्ते को संवेदना से जीने के लिये जरूरी है प्रेम एवं विश्वास। प्यार एवं विश्वास दिलों को जोड़ता है। इससे कड़वे जख्म भर जाते हैं। प्यार की ठंडक से भीतर का उबाल शांत होता है। हम दूसरों को माफ करना सीखते हैं। इनकी छत्रछाया में हम समूह और समुदाय में रहकर शांतिपूर्ण […] Read more »
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म सभी दुःखों से मुक्ति व आनन्दमय मोक्ष की प्राप्ति के चार साधन November 18, 2022 / November 18, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य को अपने पूर्वजन्म के शुभकर्मों के परिणामस्वरूप परमात्मा से यह श्रेष्ठ मानव शरीर मिला है। सब प्राणियों से मनुष्य का शरीर श्रेष्ठ होने पर भी यह प्रायः सारा जीवन दुःख व क्लेशों से घिरा रहता है। दूसरों लोगों को देख कर यह अपनी रुचि व सामथ्र्यानुसार विद्या प्राप्त कर धनोपार्जन […] Read more » Four ways to get rid of all sorrows and attain blissful salvation
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लेख गुरुनानक देव क्रांतद्रष्टा धर्मगुरु एवं ईश्वर के सच्चे प्रतिनिधि November 7, 2022 / November 7, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment गुरुनानक देव जयन्ती- 8 नवम्बर 2022 के उपलक्ष्य में-ललित गर्ग – विभिन्न धर्म-संप्रदायों की भारतभूमि ने मानव जीवन का जो अंतिम लक्ष्य स्वीकार किया है, वह है परम सत्ता या संपूर्ण चेतन सत्ता के साथ तादात्म्य स्थापित करना। यही वह सार्वभौम तत्व है, जो मानव समुदाय को ही नहीं, समस्त प्राणी जगत् को एकता के […] Read more » गुरुनानक देव जयन्ती- 8 नवम्बर
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म प्रवक्ता न्यूज़ वैदिक धर्म एवं संस्कृति की रक्षा में गुरुकुलों का महत्वपूर्ण योगदान November 5, 2022 / November 5, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द ने विश्व प्रसिद्ध ग्रन्थ ‘सत्यार्थप्रकाश’ में प्राचीन भारत में गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति का उल्लेख कर उसके व्यापक प्रचार का मानचित्र प्रस्तुत किया था। यह गुरुकुलीय पद्धति प्राचीन भारत में सृष्टि के आरम्भ से महाभारत काल व उसके बाद भी देश व विश्व की एकमात्र शिक्षा पद्धति रही है। इसी […] Read more » Important contribution of Gurukuls in protecting Vedic religion and culture गुरुकुलों का महत्वपूर्ण योगदान
कला-संस्कृति लेख भगवान विश्वकर्मा, शिल्प कौशल के दिव्य वास्तुकार October 28, 2022 / October 28, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment विश्वकर्मा शिल्प कौशल के हिंदू देवता और देवताओं के वास्तुकार हैं। उन्होंने महलों, विमानों और देवताओं के दिव्य हथियारों को डिजाइन किया और बनाया। वह ब्रह्मांड के वास्तुकार भी हैं। उन्हें समर्पित विश्वकर्मा पुराण नामक एक पुराण है जिसमें उन्हें भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव का निर्माता माना जाता है। विश्वकर्मा शब्द में […] Read more » Divine Architect of Craftsmanship Lord Vishwakarma
कला-संस्कृति पर्व - त्यौहार भगवान सूर्य और छठी माता को समर्पित महापर्व छठ पूजा की शुरुआत 28 अक्टूबर से October 28, 2022 / October 28, 2022 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment देश भर में छठ पूजा की शुरुआत 28 अक्टूबर से होगी. भगवान सूर्य और छठी माता को समर्पित महापर्व छठ पूजा हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है. लोक आस्था का ये पर्व चार दिन तक चलता है. इस साल ये 28 अक्टूबर 2022 से शुरू होगा और […] Read more » छठ पूजा
कला-संस्कृति भाई -बहन के प्यार, जुड़ाव और एकजुटता का त्यौहार भाई दूज October 25, 2022 / November 28, 2022 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment हमारे देश में हर महिला भाई दूज को अपने भाई के लिए अपना समर्थन और करुणा प्रदर्शित करने के लिए मनाती है। इस दिन सभी बहनें भगवान से अपने भाई के जीवन की खुशियों की कामना करती हैं। यह व्यापक रूप से माना जाता है क्योंकि यमुना को अपने भाई यमराज से यह वादा मिला […] Read more » bhai dooj भाई दूज
कला-संस्कृति लेख रोशनी की लहर बनाते हैं दीपावली के दीये October 23, 2022 / October 23, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment दीपों की कतारें दीपावली का शाब्दिक अर्थ ही नहीं, वास्तविक अर्थ है। कतारों के लिए निरंतरता जरूरी है। और निरंतरता के लिए नपा-तुला क्रम। दीप जब कतार में होते हैं, तो आनंद का सूचक बन जाते हैं। जैसे कोई मूक उत्सव हो- जगर-मगर उजाले का। उजालों की पंक्तियां उल्लास का द्योतक हैं। दीप होते ही प्रेरक हैं। एक बाती, अंजुरी-भर तेल और राह-भर प्रकाश। Read more » Deepawali diyas make a wave of light
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार ‘दीप’ हमारी सभ्यता और संस्कृति की अलौकिकता का प्रतीक है October 23, 2022 / November 5, 2022 by कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल भारतीय धर्म-दर्शन में दीप का अपना अलग महत्व है। हमारे त्यौहार , दैनन्दिनी, पूजा-पाठ सभी दीपक के साथ रीतिबद्ध रहते हैं। प्रत्येक शुभ कार्य के पूर्व दीप प्रज्वलन की अनूठी परम्परा सनातन काल से चली आ रही है, जिसमें सम्भवतः हमारे पूर्वजों का इस पध्दति के पीछे का यही उद्देश्य रहा होगा […] Read more » Diwali दिवाली
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार स्वच्छता व प्रकाश की प्रतीक दीपावली October 23, 2022 / November 5, 2022 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment दिवाली या दीपावली हिंदुस्तान में मनाया जाने वाला एक प्राचीन पर्व है जो कि हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है, इसके पीछे पौराणिक मान्यता है कि दीपावली के दिन हिंदुओं के आराध्य अयोध्या के राजा श्री रामचंद्र अपने चौदह वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या वापस लौटे थे। इससे पूरा अयोध्या अपने राजा […] Read more » दीपावली
कला-संस्कृति स्वच्छता से भी है नरक चतुर्दशी का संबंध October 23, 2022 / October 23, 2022 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment नरक चतुर्दशी (24 अक्तूबर) पर विशेषनरक चतुर्दशी : नरक के भय से मुक्ति– योगेश कुमार गोयलदीवाली के पांच महापर्वों की श्रृंखला में दूसरा पर्व है ‘नरक चतुर्दशी’, जो कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। ‘रूप चतुर्दशी’, ‘काल चतुर्दशी’ ‘नरक चौदस’, ‘छोटी दीपावली’ इत्यादि विभिन्न नामों से जाना जाने वाला यह पर्व हालांकि […] Read more » Narak Chaturdashi नरक चतुर्दशी
कला-संस्कृति दीवाली से जुड़े रोचक तथ्य October 23, 2022 / October 23, 2022 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment – योगेश कुमार गोयलदीपावली पर्व हिन्दू समुदाय में तो विशेष रूप से लोकप्रिय है ही, अन्य समुदायों में भी इसकी लोकप्रियता कम नहीं है। इस बात के स्पष्ट प्रमाण मिलते रहे हैं कि दीपावली का पर्व ईसा पूर्व के बहुत पहले से ही मनाया जाता रहा है। पुरातत्वविदों को मिले करीब 500 ईसा वर्ष पूर्व […] Read more » interesting facts about diwali