कला-संस्कृति

चौसठ योगिनी मंदिर, जिसकी अनुकृति से भारतीय संसद भवन बना है

डा. राधेश्याम द्विवेदी योगाभ्यास करने वाली स्त्री को योगिनी या योगिन कहा जाता है। पुरुषों

भगवान परशुराम का समतामूलक एवं क्रांतिकारी समाज सुधारक कार्य

डा.राधेश्याम द्विवेदी हमारे धर्मग्रंथ, कथावाचक ब्राह्मण और दलित राजनीति की रोटी सेकने वाले नेतागण भारत

महाभारत के महान योद्धा बर्बरीक ‘खाटू श्याम’ का शीशदान कथा

बर्बरीक एक यक्ष और महाभारत का महान योद्धा था, उनका पुनर्जन्म एक इंसान के रूप में हुआ था। वह गदाधारी भीमसेन का पोता, नाग कन्या अहिलावती और घटोत्कच का पुत्र था । बाल्यकाल से ही वह बहुत वीर और महान योद्धा था । उन्होंने युद्ध-कला अपनी माँ से सीखी। उनकी माँ ने यही सिखाया था कि हमेशा हारने वाले की तरफ से लड़ना और वह इसी सिद्धांत पर लड़ता भी रहा।

वसिष्ठ के ब्रहम ज्ञान व बसावट से सम्बन्धित गाथा

हर्षि वसिष्ठ का निवास स्थान से सम्बन्धित होने के कारण बस्ती और श्रावस्ती का नामकरण उनके नाम के शब्दों को समेटते हुए पड़ा है। दोनो स्थान आज दो रूप में देखे जा सकते हैं , परन्तु प्राचीन काल में ये एक ही इकाई रहे हैं।इसी क्रम में आज वशिष्ठ के विकास यात्रा के कुछ अनछुये पहलुओं एवं कुछ प्रमुख स्थलों की कहानी का

राष्ट्र्रगान का सम्मान

सर्वोच्च न्यायालय ने देशभर के सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्र्रगान अनिवार्य कर दिया है। इस दौरान सिनेमा के पर्दे पर राष्ट्र्रध्वज की लहराती उपस्थिति भी जरूरी है। अर्थात न्यायालय के इस एक आदेशों में राष्ट्र्रगान और राष्ट्रीय झंडे का सम्मान और गरिमा अंतर्निहित हैं।

मकर संक्रान्ति पर्व के महत्व को जानकर श्रद्धापूर्वक मनायें

मकर संक्रान्ति का पर्व प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को देश भर में मनाया जाता है। आजकल लोग पर्व तो मनाते हैं परन्तु बहुत से बन्धुओं को पर्व का महत्व व उससे जुड़ी हुई घटनाओं का ज्ञान नहीं होता।

नदियों में स्नान का धार्मिक औचीत्य और महर्षि दयानन्द

आज एक आर्य मित्र से प्रातः गंगा स्नान की चर्चा चली तो हमने इस पर उनके साथ विचार किया और हमारे मन में जो जो विचार आये उसे अपने मित्रों से साझा करने का विचार भी आया। हमारी धर्म व संस्कृति संसार के सभी मतों व पन्थों में सबसे प्राचीन व वैज्ञानिक है। प्राचीन काल में परमात्मा ने मनुष्यों को कर्तव्यों व अकर्तव्यों का ज्ञान कराने के लिए चार आदि ऋषियों को चार वेदों का ज्ञान दिया था।