धर्म-अध्यात्म

क्या हम वैदिक ग्रन्थों का स्वाध्याय और ईश्वर का ध्यान करते हैं?

मनमोहन कुमार आर्य                मनुष्य एक चेतन प्राणी है। चेतन प्राणी उसको कहते हैं कि…

अलौकिक साधना वाले विलक्षण संत : आचार्य श्री विद्यानंदजी मुनिराज

आचार्य श्री विद्यानंदजी मुनिराज का देवलोकगमन– ललित गर्ग – दिगंबर जैन परंपरा के सबसे वयोवृद्ध…

“स्वामी विरजानन्द ऋषि दयानन्द के वेदप्रचार कार्यों की प्रेरणा थे”

मनमोहन कुमार आर्य,                 प्रज्ञाचक्षु स्वामी विरजानन्द सरस्वती जी ऋषि दयानन्द के विद्यागुरु थे। उन्होंने…

“काशी शास्त्रार्थ सभी मतों की अविद्यायुक्त उपासना पद्धतियों एवं अन्धविश्वासों को दूर करने की शिक्षा देता है”

काशी शास्त्रार्थ की आगामी 151वीं वर्षगाठ पर- -मनमोहन कुमार आर्य,                 सृष्टि के आरम्भ में…

तुने हमें उत्पन्न किया पालन कर रहा है तू, तुझसे ही पाते प्राण हम दुखियों के कष्ट हर्ता तू

मनमोहन कुमार आर्य                 ईश्वर का सत्यस्वरूप जानना हो तो वह वेद, उपनिषद, सत्यार्थप्रकाश तथा…

श्राद्ध पक्ष(महालय/कनागत/पितृपक्ष) में ब्राह्मण भोजन क्यों हैं आवश्यक ??

धर्म ग्रंथों के अनुसार, ब्राह्मणों के साथ वायु रूप में पितृ भी भोजन करते हैं।…