धर्म-अध्यात्म विश्व की सभी अपौरुषेय रचनायें ईश्वर के अस्तित्व का प्रमाण हैं May 20, 2020 / May 20, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य अधिकांश मनुष्यों को यह नहीं पता कि संसार में ईश्वर है या नहीं? जो ईश्वर को मानते हैं वह भी ईश्वर के पक्ष में कोई ठोस प्रमाण प्रायः नहीं दे पाते। ऋषि दयानन्द ने अपने समय में ईश्वर की उपस्थिति व अस्तित्व के विषय में विचार कर स्वयं ही ईश्वर के […] Read more » ईश्वर के अस्तित्व का प्रमाण
धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द वेद, योग तथा ब्रह्मचर्य की शक्तियों से देदीप्यमान थे May 20, 2020 / May 20, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द संसार के सभी मनुष्यों व महापुरुषों से अलग थे। उनका जीवन वेदज्ञान, योग सिद्धि तथा ब्रह्मचर्य की शक्तियों से देदीप्यमान था। महाभारत के बाद इन सभी गुणों का विश्व के किसी एक महापुरुष में होना विदित नहीं होता। इन गुणों ने ही उन्हें विश्व का महान महापुरुष बनाया। वेदज्ञान […] Read more » Sage Dayananda was resplendent with the powers of Veda yoga and celibacy. ऋषि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म धार्मिक एवं सामाजिक साहित्य में सत्यार्थप्रकाश का अग्रणीय स्थान May 17, 2020 / May 17, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य संसार में धर्म व नैतिकता विषयक अनेक ग्रन्थ हैं जिनका अपना-अपना महत्व है। इन सब ग्रन्थों की रचना व परम्परा का आरम्भ सृष्टि के आदिकाल में ही ईश्वर प्रदत्त वेदों का ज्ञान देने के बाद से हो गया था। सृष्टि को बने हुए 1.96 अरब वर्ष व्यतीत हो चुके हैं। इस […] Read more » सत्यार्थप्रकाश
धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द ने विश्व को सद्धर्म और उसके लाभों से परिचित कराया May 17, 2020 / May 17, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य महर्षि दयानन्द (1825-1883) ने देश में वैदिक धर्म के सत्यस्वरूप को प्रस्तुत कर उसका प्रचार किया था। उनके समय में धर्म का सत्यस्वरूप विस्मृत हो गया था। न कोई धर्म को जानता था न अधर्म को। धर्म के न जानने व अधर्म से होने वाली हानियों का भी मनुष्यों को ज्ञान […] Read more » ऋषि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म ईश्वर-वेद-देश भक्त, आदर्श महापुरुष तथा विश्व के सच्चे हितैषी ऋषि दयानन्द May 11, 2020 / May 11, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य परमात्मा की सृष्टि में अनेक अनादि, नित्य व शाश्वत् आत्मायें जन्म लेती हैं। अधिकांश ऐसी होती हैं जो जन्म लेती हैं और मर जाती हैं। लोग उन्हें जानते तक नहीं। इनका जीवन अपने सुख व समृद्धि में ही व्यतीत होता है। इसके विपरीत कुछ आत्मायें ऐसी भी होती हैं जो मनुष्य […] Read more » ऋषि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म मनुष्य को सत्य धर्म का अनुसंधान कर उसी का पालन करना चाहिये May 10, 2020 / May 10, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment हमें मनुष्य का जन्म क्यों प्राप्त हुआ है? इसके पीछे कौन सी अदृश्य सत्ता व शक्ति है जिसने निश्चित किया कि हमारी आत्मा को मनुष्य जन्म मिले? इसका उत्तर वैदिक साहित्य को पढ़ने से मिलता है। मनुष्य को मनुष्य जन्म उसकी आत्मा के पूर्वजन्म के कर्मों के आधार पर मिलता है। इन कर्मों को […] Read more »
धर्म-अध्यात्म वेद और आर्यसमाज देश व समाज की प्रमुख सम्पत्ति व शक्ति हैं May 10, 2020 / May 10, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, आर्यसमाज का अस्तित्व वेद पर आधारित है। वेद ईश्वरीय ज्ञान और सब सत्य विद्याओं का पुस्तक है। वेद ज्ञान व विज्ञान से युक्त व इनके सर्वथा अनुकूल है। वेद विद्या के ग्रन्थ हैं। वेद में अन्य ग्रन्थों के समान, कहानी किस्से व किसी आचार्य व मत प्रवर्तक के उपदेश नहीं हैं […] Read more » वेद और आर्यसमाज
धर्म-अध्यात्म ईश्वर से प्रतिदिन स्वस्थ जीवन एवं दीर्घायु की प्रार्थना करनी चाहिये May 8, 2020 / May 8, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य अपने जीवन में सुख चाहता है। सुख का आधार हमारा स्वास्थ्य होता है। सुख की यदि परिभाषा पर विचार करें तो वह सुख शब्द से ही प्राप्त होती है। सुख शब्द सु व ख इन दो अक्षर व पदों की सन्धि से बना एक शब्द व पद है। सु का […] Read more » Every day one should pray to God for a healthy life and longevity ईश्वर
धर्म-अध्यात्म लेख विश्वगुरु मार्ग का मील पत्थर – बुद्धत्व May 7, 2020 / May 7, 2020 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment भारत किसी समय मे विश्वगुरु यूं ही नहीं कहलाता था। भारत एक ऐसा देवदुर्लभ, बिरला, अनोखा राष्ट्र है जिसने कभी किसी राष्ट्र की सीमाओं पर हमला नहीं किया। कभी स्वयं की सीमाओं के विस्तार का प्रयास नहीं किया। साथ ही भारत एक ऐसा भी बिरला राष्ट्र है जो बिना आक्रमण ही विश्व भर मे अपनी सीमाओं को […] Read more » बुद्धत्व
धर्म-अध्यात्म धर्म की रक्षा, पालन व पोषण करना सभी सत्पुरुषों का कर्तव्य है May 7, 2020 / May 7, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य धर्म क्या है इसका ज्ञान देश देशान्तर के सभी मनुष्यों को नहीं है। अधिकांश लोग मत विशेष को ही धर्म मानते हैं। धर्म संस्कृत भाषा का शब्द है। यह शब्द किसी भी विदेशी भाषा में नहीं है। धर्म से कुछ मिलते जुलते विदेशी शब्द रिलीजन व मजहब आदि हैं परन्तु वह […] Read more » सत्पुरुषों का कर्तव्य
धर्म-अध्यात्म मनोरंजन बुद्ध पूर्णिमा 2020 (वैशाख पूर्णिमा) May 7, 2020 / May 7, 2020 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment — हिंदू धर्म में बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्व माना गया है। बैशाख महीने की पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। पण्डित दयानन्द शास्त्री जी के अनुसार भगवान बुद्ध को श्री हरि विष्णु का अवतार माना जाता है। माना जाता है कि इसी दिन उनको बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। […] Read more » Buddha Purnima 2020 Buddha Purnima 2020 (Vaisakh Purnima) Vaisakh Purnima बुद्ध पूर्णिमा 2020 बुद्ध पूर्णिमा 2020 (वैशाख पूर्णिमा) वैशाख पूर्णिमा
धर्म-अध्यात्म लेख कलियुग में दैहिक नहीं, चारित्रिक रूप में करें श्रीकृष्ण की पहचान May 6, 2020 / May 6, 2020 by केवल कृष्ण पनगोत्रा | 1 Comment on कलियुग में दैहिक नहीं, चारित्रिक रूप में करें श्रीकृष्ण की पहचान केवल कृष्ण पनगोत्रा यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् ।धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥(गीता: अध्याय 4, श्लोक 7)इस श्लोक में श्री कृष्ण कहते हैं, “जब-जब इस पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है और अधर्म आगे बढ़ता है, तब-तब मैं इस पृथ्वी पर जन्म लेता हूँसज्जनों और साधुओं […] Read more » Identify Shri Krishna as a character not a corporal in Kali Yuga कल्कि भगवान चारित्रिक रूप में करें श्रीकृष्ण की पहचान श्रीकृष्ण की पहचान