धर्म-अध्यात्म यदि ईश्वर सृष्टि न बनाता तो क्या होता? January 15, 2020 / January 15, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य हम इस संसार में रहते हैं और हमसे पहले हमारे पूर्वज इस सृष्टि में रहते आये हैं। संसार में प्रचलित मत–मतान्तर तो कोई लगभग दो हजार और कोई पन्द्रह सौ वर्ष पुराना है, कुछ इनसे भी अधिक प्राचीन और कुछ अर्वाचीन हैं, परन्तु यह सृष्टि वैदिक मत व गणना के अनुसार […] Read more » ईश्वर
धर्म-अध्यात्म हमें ईश्वर के सत्यस्वरूप की ही उपासना करनी चाहिये असत्य की नहीं January 14, 2020 / January 14, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य किसी भी वस्तु या पदार्थ का स्वरूप कुछ विशिष्ट गुणों को लिये हुए होता है। उन गुणों को जानकर उसके अनुरूप उसके बारे में विचार रखना व उसका सदुपयोग करना ही उचित होता है। ईश्वर भी एक द्रव्य व पदार्थ है जिसमें अपने कुछ गुण, कर्म व स्वभाव आदि हैं। हमें […] Read more » ईश्वर के सत्यस्वरूप की ही उपासना करनी चाहिये
धर्म-अध्यात्म वेदों को हानि उन ब्राह्मण पण्डितों से हुई जिन्होंने सत्य वेदार्थ का अनुसंधान एवं प्रचार नहीं किया January 14, 2020 / January 14, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, वेदों का आविर्भाव सृष्टि के आरम्भ में परमात्मा से हुआ था। सृष्टि के आरम्भ में न कोई भाषा थी न ही ज्ञान। ज्ञान भाषा में ही निहित होता है। मनुष्यों की प्रथम उत्पत्ति से पूर्व भाषा व ज्ञान का होना असम्भव व अनावश्यक था। भाषा तो मनुष्यों की उत्पत्ति के बाद […] Read more » वेदों को हानि
धर्म-अध्यात्म विश्ववार्ता व्यक्तित्व निर्माण में सहायक सिद्ध होता है दान January 13, 2020 / January 13, 2020 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment जो हम देते हैं वो ही हम पाते हैं ‘ दान के विषय में हम सभी जानते हैं। दान, अर्थात देने का भाव, अर्पण करने की निष्काम भावना। भारत वो देश है जहाँ कर्ण ने अपने अंतिम समय में अपना सोने का दांत ही याचक को देकर, ऋषि दधीचि ने अपनी हड्डियां दान करके और […] Read more » donation Donation proves helpful in building personality दान व्यक्तित्व निर्माण में सहायक
धर्म-अध्यात्म माता-पिता के प्रति सन्तानों और ईश्वर के प्रति मानवमात्र के कर्तव्य” January 9, 2020 / January 9, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य विचार करे तो उसे संसार में अपने लिये सबसे अधिक महत्वपूर्ण व उपकारी माता-पिता का संबंध प्रतीत होता है। माता-पिता न होते तो हम व अन्य कोई मनुष्य इस कर्मभूमि रूपी संसार में जन्म नहीं ले सकता था। माता-पिता की भूमिका यदि जन्म तक ही सीमित होती तो भी उनका […] Read more » माता पिता
धर्म-अध्यात्म लेख कलिकाल का मोक्ष द्वार गंगासागर January 9, 2020 / January 9, 2020 by जगदीश यादव | Leave a Comment सागरद्वीप यानी गंगासागर में स्थित कपिलमुनि मंदिर कितना प्राचीन है इसके बारे में कोई भी दावे से कुछ नहीं कह सकता है। लेकिन कहा जाता है कि आज से पांच हजार वर्ष पहले ही आमलोगों को उक्त धर्म स्थली की जानकारी मिल गयी थी।.योगोश चंद्र राय ने अपने ‘पूजापार्वन‘ ग्रंथ में गंगा सागर का उल्लेख […] Read more » ganga sagar कलिकाल का मोक्ष द्वार कलिकाल का मोक्ष द्वार गंगासागर गंगासागर
धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द संसार के अद्वितीय महान युगपुरुष January 8, 2020 / January 13, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य जीवात्मा एक अत्यन्त अल्प परिमाण वाली चेतन सत्ता है। यह अल्प ज्ञान एवं अल्प शक्ति से युक्त होती है। इसका स्वभाव व प्रवृत्ति जन्म व मरण को प्राप्त होना है। जीवात्मा में मनुष्य व अन्य प्राणी–योनियों में जन्म लेकर कर्म करने की सामर्थ्य होती है। मनुष्य योनि में जन्म का कारण […] Read more » ऋषि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म वैदिक धर्म की महत्वपूर्ण देन सृष्टि प्रवाह से अनादि का सिद्धान्त January 7, 2020 / January 7, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य हम इस पृथिवी पर रहते हैं। यह पृथिवी हमारे सौर मण्डल का एक ग्रह है। ऐसे अनन्त सौर्य मण्डल इस ब्रह्माण्ड में हैं। इस सृष्टि व ब्रह्माण्ड को किसने बनाया है? इसका समुचित उत्तर विश्व के वैज्ञानिकों के पास भी नहीं है। वेद और वैदिक धर्म के अनुयायी ऋषि-मुनि व वैदिक […] Read more » vaidik dharam वैदिक धर्म
धर्म-अध्यात्म वैदिक धर्म में ही ऋषियों सहित राम एवं कृष्ण जैसे महापुरुषों को उत्पन्न करने की क्षमता है January 7, 2020 / January 7, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य संसार में सबसे महान धर्म एवं संस्कृति कौन सी है? इसका हमें एक ही उत्तर मिलता है कि 1.96 अरब वर्ष पूर्व लोक लोकान्तर की रचना होने के बाद सृष्टि का आरम्भ हुआ था। तभी परमात्मा ने चार वेदों का आविर्भाव किया था। सृष्टि के आरम्भ में ईश्वर प्रदत्त ज्ञान वेद […] Read more » राम एवं कृष्ण जैसे महापुरुष वैदिक धर्म
धर्म-अध्यात्म ईश्वर की बनाई भौतिक जड़ सत्ता ब्रह्माण्ड में सर्वत्र व्यवस्था व शान्ति है January 3, 2020 / January 3, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य हम इस संसार में रहते हैं। हमारी पृथिवी सौर मण्डल के अन्य ग्रहों व उपग्रहों में से एक है। इसी प्रकार के असंख्य एवं अनन्त सौर मण्डल इस सृष्टि में परमात्मा ने बनाये और धारण किये हुए हैं। यह सारे ग्रह व उपग्रह आकाश में स्थित हैं। इनमें कुछ अपनी धुरी […] Read more » ब्रह्माण्ड
धर्म-अध्यात्म महान मन्त्रद्रष्टा ऋषि दयानन्द के प्रति विख्यात लोगों की सम्मतियां December 29, 2019 / December 29, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द ने वेदों का पुनरुद्धार किया और वेदों के प्रचार के लिये दिनांक 10 अप्रैल, 1875 को मुम्बई में आर्यसमाज नामक संगठन स्थापित किया। वह इतिहास में प्रमुख समाज सुधारक हुए हैं। उनके समाज सुधार का आधार वेद थे। कोई ऐसा अन्धविश्वास, पाखण्ड तथा सामाजिक कुरीति या परम्परा नहीं थी […] Read more » Rishi Dayanand ऋषि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म स्वामी दयानन्द का सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्य मूर्तिपूजा का खंडन December 26, 2019 / December 26, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –लाला लाजपत राय स्वामी दयानन्द जी अभी बालक थे, जब उनको यह बोध हुआ कि मूर्तिपूजा ईश्वर उपासना का सच्चा मार्ग नहीं, वरन बहुत बुरा और भ्रष्टाचार है। यह विचार दृढ़ता से उनके हृदय में जम गया और सारी आयु उनके हृदय से यह विचार कम न हुआ। बालकपन में ही अपने माता-पिता के सामने […] Read more » idol worship Swami Dayanand denied idolatry मूर्तिपूजा का खंडन