धर्म-अध्यात्म ईश्वर के साथ हमारा पिता-पुत्र संबंध होने के कारण हमें उसके सभी श्रेष्ठ गुणों को धारण करना है. September 2, 2019 / September 2, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य सत्य व चेतन स्वभाव से युक्त प्राणी है। सत्य का अर्थ है कि मनुष्य की सत्ता यथार्थ है। आत्मा की सत्ता काल्पनिक सत्ता नहीं है। चेतन का अर्थ है कि ज्ञान प्राप्ति व कर्म करने की सामथ्र्य से युक्त अल्पज्ञ सत्ता है। आत्मा सुख व दुःख का अनुभव करता है। […] Read more » ईश्वर पिता-पुत्र संबंध
धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार हिन्दू संस्कृति में आदिदेव हैं गणेश August 30, 2019 / August 30, 2019 by ललित गर्ग | Leave a Comment –ललित गर्ग विघ्नहर्ता, प्रथमपूज्य, एकदन्त भगवान श्री गणेश को ऐसे कईं नामों से जाना जाता है। किसी भी शुभ काम की शुरूआत करनी हो या फिर किसी विघ्न को दूर करने की प्रार्थना करनी हो, गजानन सबसे पहले याद आते हैं। कोई भी सिद्धि हो या साधना, विघ्नहर्ता गणेशजी के बिना सम्पूर्ण नहीं मानी जाती। […] Read more » hindu sanskriti lord ganesha
धर्म-अध्यात्म स्वास्थ्य-योग “अग्निहोत्र यज्ञ एक आध्यात्मिक एवं पूर्ण कल्याणप्रद कर्म है” August 28, 2019 / August 28, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। वैदिक धर्म का आरम्भ ईश्वर प्रदत्त वेदज्ञान से सृष्टि के आरम्भ में अमैथुनी सृष्टि में उत्पन्न ऋषियों व मनुष्यों से हुआ। ईश्वर सर्वज्ञ, सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान तथा सर्वानन्दयुक्त सत्ता है। उसका दिया हुआ वेद ज्ञान इस सृष्टि का सत्य ज्ञान है। ईश्वर ने सृष्टि क्यों बनाई है और मनुष्यों को क्या कर्तव्य […] Read more » Agnihotra Yajna spiritual and complete
चिंतन “गोरक्षा व गोपालन मानवीय कार्य होने से वैदिक धर्म का अंग है” August 27, 2019 / August 27, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। मनुष्य का कर्तव्य ‘जियो और जीने दो’ सिद्धान्त का पालन करना है। कोई मनुष्य यह नहीं चाहता दूसरा कोई मनुष्य उसके प्रति हिंसा का व्यवहार करे। अतः उसका भी यह कर्तव्य बनता है कि वह भी किसी मनुष्य या इतर प्राणी के प्रति हिंसा का व्यवहार न करे। हिंसा से मनुष्य […] Read more » are part of Vedic religion Cow protection due to humanitarian work
धर्म-अध्यात्म विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना दिवस पर विशेष August 27, 2019 / August 27, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment विहिप की गौरवशाली ध्येय यात्रा के 55 वर्ष — बृजनन्दन राजू हिन्दू जीवनमूल्य,परम्परा, संस्कृति और मानबिन्दुओं के प्रति श्रद्धा उत्पन्न करने के महान उद्देश्य को लेकर 1964 को “श्रीकृष्ण जन्माष्टमी” के शुभ अवसर पर मुम्बई में स्वामी चिन्मयानंद के आश्रम में पूज्य संतों की उपस्थिति में विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना की गयी। […] Read more » Foundation Day vishwa hindu parishad
धर्म-अध्यात्म “शाहपुराधीश की ऋषि दयानन्द से प्रथम भेंट और शंका समाधान” August 26, 2019 / August 26, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। शाहपुराधीश सर नाहरसिंह वर्मा जी (जन्म कार्तिक कृष्णा त्रयोदशी सम्वत् 1912 विक्रमी एवं मृत्यु आषाढ़ कृष्णा 8, सम्वत् 1989 विक्रमी, जीवनकाल 77 वर्ष) ऋषि दयानन्द के प्रमुख विश्वसनीय शिष्यों में से एक थे। ऋषि दयानन्द कई बार उनके राज्य में गये, वहां रहे और उनको धर्म व राजनीति विषयक अपने उपदेशों […] Read more » and doubt solution first meeting with Rishi Dayanand
चिंतन “ऋषि दयानन्द के समाज सुधार के कार्य” August 26, 2019 / August 26, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। आर्यसमाज के इतिहास में महात्मा नारायण स्वामी जी का गौरवपूर्ण स्थान है। आप आर्यसमाज के शीर्ष विद्वान एवं ऋषिभक्त प्रभावशाली नेता थे। योग में आपकी गहरी रूचि थी और आपने ध्यान व समाधि का अभ्यास किया था। आपने योगदर्शन का भाष्य भी किया है। हमारे मित्र व गुरु प्रा0 अनूप सिंह […] Read more » ocial reform work of Rishi Dayanand
चिंतन “ईश्वर अनादि काल से हमारा साथी है और हमेशा रहेगा” August 26, 2019 / August 26, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। अथर्ववेद के एक मन्त्र ‘अन्ति सन्तं न जहात्यन्ति सन्तं न पश्यति। देवस्य पश्य काव्यं न ममार न जीर्यति।।’ में कहा गया है कि ईश्वर जीवात्मा के अति समीप है। वह जीवात्मा का त्याग नहीं करता। इसका दूसरा अर्थ यह भी है कि ईश्वर हमारे अति समीप है, जीवात्मा उसका त्याग नहीं […] Read more » always will be God our companion time immemorial
धर्म-अध्यात्म जीवात्मा ईश्वर और प्रकृति के समान अनादि व अविनाशी सत्ता है August 22, 2019 / August 22, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हम दो पैर वाले प्राणी हैं जो ज्ञान प्राप्ति में सक्षम होने सहित बुद्धि से युक्त मनुष्य कहाते हैं। हमारा शरीर भौतिक शरीर है। हमारा शरीर पंचभूतो अग्नि, वायु, जल, पृथिवी व आकाश से मिलकर बना है। पंचभूतों में से किसी एक व सभी अवयवों में चेतन होने का गुण नहीं […] Read more » entity like God and nature soul is eternal and indestructible
चिंतन श्रीकृष्ण महान् क्रांतिकारी नायक August 22, 2019 / August 22, 2019 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग – भगवान श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व भारतीय इतिहास के लिये ही नहीं, विश्व इतिहास के लिये भी अलौकिक एवम् अद्भुत व्यक्तित्व है और सदा रहेगा। वे हमारी संस्कृति के एक विलक्षण महानायक हैं। एक ऐसा व्यक्तित्व जिसकी तुलना न किसी अवतार से की जा सकती है और न संसार के किसी महापुरुष से। उनके […] Read more » great hero revolutniory hero Shri Krishna
चिंतन समग्रता का उपदेश देता गीता का दर्शन August 22, 2019 / August 22, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment ‘क्रोध से सम्मोहन होता है, सम्मोहन से स्मृति लोप. स्मृति के लोप हो जाने से बुद्धि का नाश, और बुद्धि के नाश होने से व्यक्ति का नाश हो जाता है.’- [गीता:२-६६]. जीवन के नाश से बचने के लिए क्यों व्यक्ति को क्रोधादि अपने मानसिक आवेगों पर संयम रखना चाहिए उपरोक्त श्लोक इस बात का हमें […] Read more » gita preaches totality
चिंतन धर्म-अध्यात्म “ऋषि दयानन्द संसार में सबसे महान एवं सर्वोत्तम मनुष्य थे” August 20, 2019 / August 20, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। मनुष्य वह होता है जो अपने सभी निर्णय व कार्य मनन करके करता हे। मनुष्य का शिशु के रूप में अपनी माता के गर्भ से जन्म होता है। समय के साथ शिशु शारीरिक वृद्धि को प्राप्त होते हुए बालक, किशोर व युवा बनता है। विद्या अर्जित करके उसका ज्ञान बढ़ता है। […] Read more » and was the greatest best man in the world Rishi Dayanand