धर्म-अध्यात्म

देश की एकता व अखण्डता के लिए अविरुद्ध व समान धार्मिक एवं राजनैतिक विचारधारा का होना आवश्यक

–मनमोहन कुमार आर्य                ऋग्वेद 10/191 में संगठन सूक्त के चार मंत्रों में कहा गया…

हमें पता नहीं इस जन्म में हम कहां से आये और इसके बाद कहां जाना है ?

–मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून।                हम मनुष्यों ने वर्तमान आधुनिक ज्ञान विज्ञान के युग में…

महाभारतकाल के बाद ऋषि दयानन्द ही ने सर्वप्रथम सर्वांगीण सद्धर्म का प्रचार किया

मनमोहन कुमार आर्य धर्म सत्याचरण को कहते हैं। इसके लिए मनुष्य को व्यापक रूप से…