आर्थिकी लेख मानव निर्मित आपदा: दुनिया में मंदी के साथ महंगाई की मार August 4, 2022 / August 4, 2022 by केवल कृष्ण पनगोत्रा | Leave a Comment केवल कृष्ण पनगोत्रा श्रीलंका में आर्थिक संकट के चलते जिस हाहाकार को दुनिया ने देखा, उसी प्रकार का हाहाकार और जनाक्रोश अब पश्चिमी एशियाई देश लेबनान में देखने को मिल रहा है.अगर हम लेबनान की बात करें तो 1960 की दहाई में यह देश आर्थिक विकास के शिखर पर था.2019 से अब 2022 तक इस […] Read more » Man-made disaster: Inflation hit with recession in the world मंदी के साथ महंगाई की मार
आर्थिकी राजनीति अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ रही है भारतीय रुपए की स्वीकार्यता July 17, 2022 / July 17, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment विशेष रूप से कोरोना महामारी एवं रूस यूक्रेन युद्ध के बाद से अमेरिकी डॉलर की कीमत अन्य देशों की मुद्रा की कीमत की तुलना में अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है। एक अमेरिकी डॉलर आज लगभग 80 रुपए का हो गया है। इसका आश्य यह है कि भारत सहित अन्य देशों […] Read more » The acceptance of the Indian rupee is increasing in the international market
आर्थिकी लेख देश हित को सर्वोपरि मानकर, केंद्र सरकार द्वारा लिए जा रहे हैं आर्थिक निर्णय July 12, 2022 / July 12, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment 1 जुलाई 2022 से केंद्र सरकार ने भारत से निर्यात किए जा रहे पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल पर निर्यात कर बढ़ा दिया है। साथ ही, भारत में आयात किए जा रहे स्वर्ण पर आयात कर में भी भारी इजाफा कर दिया है। भारत में स्वर्ण के आयात को नियंत्रित करने के लिये, स्वर्ण पर […] Read more » economic decisions are being taken by the central government केंद्र सरकार द्वारा लिए जा रहे हैं आर्थिक निर्णय
आर्थिकी राजनीति आर्थिक प्रगति के बल पर भारत पुनः विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर July 8, 2022 / July 8, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment यदि भारत के प्राचीन अर्थतंत्र के बारे में अध्ययन किया जाय तो ध्यान आता है कि प्राचीन भारत की अर्थव्यस्था बहुत समृद्ध थी। ब्रिटिश आर्थिक इतिहास लेखक श्री एंगस मेडिसन एवं अन्य कई अनुसंधान शोधपत्रों के अनुसार ईसा के पूर्व की 15 शताब्दियों तक वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत का हिस्सा 35-40 प्रतिशत बना रहा एवं […] Read more » India is again on the way to become a world leader. On the strength of economic progress भारत पुनः विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर
आर्थिकी राजनीति वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी की शंका के बीच मजबूत होती भारतीय अर्थव्यवस्था July 4, 2022 / July 4, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment कोरोना महामारी के बाद पूरे विश्व में, विशेष रूप से विकसित देशों में, लगातार तेजी से बढ़ रही मुद्रा स्फीति (महंगाई) को नियंत्रित करने के उद्देश्य से ब्याज दरों में की जा रही वृद्धि के चलते अब इन देशों में आर्थिक मंदी आने की सम्भावना व्यक्त की जाने लगी है। आर्थिक मंदी से तात्पर्य वस्तुओं […] Read more » Indian economy growing strong amid doubts of global economic slowdown
आर्थिकी लेख भारत के आर्थिक विकास में बढ़ रहा है मातृशक्ति का योगदान July 2, 2022 / July 2, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारत की 50 प्रतिशत आबादी मातृशक्ति के रूप में विद्यमान है। देश के आर्थिक विकास को यदि पंख लगाने हैं तो इस आधी आबादी को सशक्त कर उन्हें उत्पादक कार्यों में लगाना अनिवार्य है। विशेष रूप से वर्ष 2014 में केंद्र में श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के आने के बाद से भारत में मातृशक्ति […] Read more » The contribution of mother power is increasing in the economic development of India.
आर्थिकी राजनीति भारत ने विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक में लगाई लम्बी छलांग June 29, 2022 / June 29, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment अभी हाल ही में, 15 जून 2022 को, स्विटजरलैंड स्थित प्रबंधन विकास संस्थान (इन्स्टिटयूट फोर मेनेजमेंट डेवलपमेंट) द्वारा विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक जारी किया गया है। इस सूचकांक में भारत ने, एशिया के सभी देशों के बीच, सबसे लम्बी छलांग लगाते हुए पिछले वर्ष के 43वें स्थान से इस वर्ष 37वां स्थान प्राप्त किया है। उक्त […] Read more » India made a big jump in the World Competitiveness Index विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक में छलांग
आर्थिकी लेख विश्व व्यापार संगठन में भारत का प्रभावी योगदान June 23, 2022 / June 23, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment अभी हाल ही में सम्पन्न हुई विश्व व्यापार संगठन की बैठक में कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जो विशेष रूप से, भारत की अगुवाई में, विकासशील देशों की जीत के रूप में देखे जा रहे हैं। दिनांक 17 जून 2022 का दिन विश्व व्यापार संगठन के इतिहास में स्वर्णअक्षरों में लिखा जाएगा क्योंकि […] Read more » India's effective contribution to the World Trade Organization विश्व व्यापार संगठन
आर्थिकी लेख भारत में लगातार हो रही पत्थरबाजी से कहीं आर्थिक विकास प्रभावित न होने लगे June 15, 2022 / June 15, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment अभी हाल ही में अमेरिकी रेटिंग एजेंसी फिच ने भारतीय अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण (आउटलुक) में सुधार (अपग्रेड) किया है। फिच रेटिंग्स ने भारत की सॉवरेन रेटिंग के आउटलुक को “नकारात्मक” श्रेणी से अपग्रेड कर “स्थिर” श्रेणी में ला दिया है। भारत की सावरन रेटिंग में यह सुधार देश में तेजी से हो रहे आर्थिक सुधारों […] Read more » Economic development should not be affected by the continuous stone pelting in India. पत्थरबाजी से कहीं आर्थिक विकास प्रभावित न होने लगे
आर्थिकी लेख सावधान! बिटॅक्वाइन – एक काल्पनिक मायावी मुद्रा ? June 9, 2022 / June 9, 2022 by अरूण कुमार जैन | 2 Comments on सावधान! बिटॅक्वाइन – एक काल्पनिक मायावी मुद्रा ? आर्थिक जगत में आजकल बिटॅक्वाइन बहुत ही चर्चित है, आखिर बिटॅक्वाइन है क्या? बिटॅक्वाइन को समझने से पहले यहां यह समझ लेना जरूरी है कि किसी भी देश की मुद्रा का चलन और उसकी कुल कीमत उस देश के पास कितना स्वर्ण भण्डार है इस पर निश्चित होता है। अधिकतर देश इसी परिपाटी को अपनाते […] Read more » Attention Bitcoin - a fictitious elusive currency Bitcoin - a fictitious elusive currency बिटॅक्वाइन
आर्थिकी राजनीति चिंता का सबब बनता गिरता हुआ रुपया May 19, 2022 / May 19, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment -सत्यवान ‘सौरभ’ रुपये के मूल्यह्रास का मतलब है कि डॉलर के मुकाबले रुपया कम मूल्यवान हो गया है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 77.44 के सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया। सख्त वैश्विक मौद्रिक नीति, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और जोखिम से बचने, और उच्च चालू खाता घाटे से भारतीय रुपये के लिए गिरावट […] Read more » The falling rupee becomes a cause for concern चिंता का सबब बनता गिरता हुआ रुपया
आर्थिकी लेख भारत में आय में हो रही वृद्धि के चलते महंगाई का तुलनात्मक रूप से कम होता असर May 1, 2022 / May 1, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment महंगाई (मुद्रा स्फीति) का तेजी से बढ़ना, समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेष रूप से समाज के गरीब एवं निचले तबके तथा मध्यम वर्ग के लोगों को आर्थिक दृष्टि से अत्यधिक विपरीत रूप में प्रभावित करता है। क्योंकि, इस वर्ग की आय, जो कि एक निश्चित सीमा में ही रहती है, का एक बहुत बड़ा भाग […] Read more » Due to the increase in income in India the effect of inflation is comparatively less. आय वृद्धि के चलते महंगाई का तुलनात्मक रूप से कम असर