मनोरंजन सिनेमा तारीख बेमिसाल : भारतीय सिनेमा March 14, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment 14 मार्च : पहली बोलती फिल्म आलम आरा के बरक्स मनोज कुमार हर दिन गुजरने के साथ तारीख बदल जाती है. यह क्रम हमारे जीवन में नित्य चलता रहता है किन्तु कुछ तारीखें बेमिसाल होती हैं. बेमिसाल होने के कारण इन तारीखों को हम शिद्दत से याद करते हैं. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की ऐसी कई […] Read more » Featured दादा साहेब फाल्के अवार्ड बेमिसाल तारीख भारतीय सिनेमा सिनेमाहॉल
सिनेमा बॉलीवुड में अश्लील फ़िल्में बन रही कमाई का जरिया February 2, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment भारतीय फ़िल्म जगत की लाजवाब और दिल को झकजोर कर रख देने वाली फिल्मों से शुरू हुई थी। 1913 में सिनेमा की नींव रखने वाले अर्थात् सिनेमा के जनक दादा साहब फाल्के ने अपने संजीदा अनुभव और निर्देशन से इसे एक नई पहचान दी थी। उनके द्वारा ही आज हमारी भारतीय सिनेता की पूरे विश्व […] Read more » बॉलीवुड में अश्लील फ़िल्में बन रही कमाई का जरिया
मनोरंजन सिनेमा ‘चॉक एन डस्टर’ :- शिक्षा के व्यापारीकरण पर कमजोर फिल्म January 21, 2016 / January 21, 2016 by जावेद अनीस | Leave a Comment जावेद अनीस हमने अपनी शिक्षा प्रणाली को व्यापार बना दिया है और इस खेल में सरकार, कॉर्पोरेट, समाज, नेता और पेरेंट्स सभी शामिल हैं. अच्छी शिक्षा तक पहुँच पैसे वालों तक ही सीमित हो गयी है, यह लगातार आम आदमी के पहुँच से बाहर होती जा रही है. राज्य अपनी भूमिका से लगातार पीछे हटा है हालांकि इस […] Read more » 'चॉक एन डस्टर' Featured शिक्षा के व्यापारीकरण पर कमजोर फिल्म
सिनेमा किकू शारदा की गिरफ्तारी से उठते सवाल ? January 19, 2016 by आदर्श तिवारी | Leave a Comment कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में पलक की भूमिका निभाने वाले हास्य कलाकार किकू शारदा को हरियाणा पुलिस ने भावनाएं भड़काने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.कुछ देर बाद एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत भी मिल गई. दरअसल ये केश डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख, संत राम रहीम सिंह के मजाक उड़ाने के बाद […] Read more » Featured questions rising from the jail of comedian kiku sharda किकू शारदा की गिरफ्तारी
सिनेमा बाजीराव मस्तानी से मिलते सबक January 13, 2016 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी इतिहास समय-समय पर सबक सिखाता है। इतिहास बार-बार दोहराया भी जाता है। जो इस इतिहास से सीख लेकर आगे के निर्णय लेते हैं, निश्चित ही वह जाति, धर्म, संप्रदाय, समूह या अकेला मनुष्य ही क्यों न हो, प्रकृति उसका साथ देती हुई दिखाई देती है। किंतु विरोध करने या इतिहास को हल्के […] Read more » Featured बाजीराव मस्तानी से मिलते सबक
विविधा शख्सियत सिनेमा लग जा गले कि हंसी रात हो न हो… December 26, 2015 by हिमांशु तिवारी आत्मीय | 1 Comment on लग जा गले कि हंसी रात हो न हो… जमाना गुजर गया या कहें कि एक पूरा का पूरा दौर अलविदा कह गया लेकिन आधुनिकता के साथ हम सभी अपने भूत को सलामी देकर बीत जाने की इजाजत देते रहे. जिंदगी बड़ी होनी चाहिए….लंबी नहीं जी हां काका की विदाई ने हमारी आंखों से आंसुओं के दरिया को बहने की इजाजत दे दी. फिर […] Read more » Actress Sadhana Featured Sadhana लग जा गले कि हंसी रात हो न हो…
मनोरंजन सिनेमा कमर्शियल फिल्मों का कॉमर्स December 24, 2015 by शैलेन्द्र चौहान | Leave a Comment शैलेन्द्र चौहान पिछले दिनों अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की गिरफ्तारी के बाद सारे देश में एक हलचल सी मच गई। बॉलीवुड की दुनिया भी इससे अछूती नहीं रही। जाहिर है बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड एक दूसरे के प्रति हमेशा से आकर्षित रहे हैं। बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड का रिश्ता बहुत अजीब है, इन दोनों के बीच निकटता […] Read more » Featured कमर्शियल फिल्मों का कॉमर्स
विविधा सिनेमा कस्बाई पत्रकार का अनूठा कमाल December 10, 2015 / December 10, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भः- दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म मेला- गौर के पुनर्वास पर बनाई फिल्म प्रमोद भार्गव प्रथम तो यह कि हमारे देश में यह पहली बार संभव हुआ है कि किसी वन्य जीव का सफल पुनर्वास हुआ है,वह भी बड़ी संख्या में! दूसरे यह कि इस पुनर्वास की हरेक गतिविधि का फिल्म के रूप में दस्तावेजीकरण किया गया […] Read more » Featured
मीडिया सिनेमा हिंसा के परतों के बीच “तितली” November 3, 2015 by जावेद अनीस | Leave a Comment जावेद अनीस जौहर,चोपड़ा और बड़जात्या की फिल्मों में अमूमन सुखी और संपन्न परिवारों के बारे में बताया जाता है,जहाँ नैतिकता व संस्कारों का ध्यान हद दर्जे तक रखा जाता है.वहां कोई टकराहट नहीं होती है और ये हर तरह से एक आदर्श परिवार होते हैं जहाँ सभी लोग खुश रहते हैं. यह सब दर्शकों को […] Read more » “तितली”
विविधा सिनेमा कहाँ से पहुंचे कहाँ तक, हिन्दी फिल्में और दिल्ली October 21, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment नलिन चौहान देश में आरंभ से ही हिंदी फिल्मों का दूसरा मतलब बंबई और अब मुंबई रहा है और इसका सबसे बड़ा प्रमाण हाॅलीवुड की नकल पर बालीवुड का नाम रहा है। ऐतिहासिक कारणों से हिंदी फिल्मों के निर्माण से लेकर कथानक तक में बंबई का वर्चस्व रहा। सन् 1947 में देश को आजादी मिलने […] Read more » कहाँ से पहुंचे कहाँ तक हिन्दी फिल्में हिन्दी फिल्में और दिल्ली
सिनेमा प्यार का पंचनामा 2 October 17, 2015 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment कलाकार: कार्तिक आर्यन, ओमकार कपूर, सनी सिंह, नुसरत भरूचा, इशिता राज, सोनाली सहगल, शरत सक्सेना निर्माता: अभिषेक पाठक निर्देशक: लव रंजन संगीत: हितेश सोनिक, शरीब साबरी, तोषी साबरी स्टार: 2.5 एक घोर नारी विरोधी फिल्म मगर देखने वाले दर्शकों में लड़कियों की संख्या ज्यादा है, आज का युवा वर्ग जिस गालियों की भाषा में सहज […] Read more » प्यार का पंचनामा 2
खेल जगत सिनेमा भोजपुरी इण्डस्ट्री की सबसे बड़ी और सार्थक फ़िल्म “प्रेम-बिद्रोही” October 15, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment नया कीर्तिमान रचेगी भोजपुरी इण्डस्ट्री की सबसे बड़ी और सार्थक फ़िल्म “प्रेम-बिद्रोही” पुरवइया इंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रदर्शन को तैयार भोजपुरी की बहुप्रतीक्षित फ़िल्म प्रेम~बिद्रोही अतिशीघ्र बिहार के चलचित्र गृहों में धूम मचाने को तैयार है। फ़िल्म में उत्तर प्रदेश और बिहार की जातिगत राजनीति, सामाजिक दुर्व्यवस्था, आरक्षण जैसे मुद्दों को बड़ी बारीकी से फिल्माया […] Read more » "प्रेम-बिद्रोही"