सिनेमा

अभिनय के रास्ते राजनीति तक पहुंचनेवाले धर्मेन्द्र सिंह देओल अब समाजसेवा में सिक्का जमायेंगे

-अनिल अनूप धर्मेन्द्र फगवाड़ा में पंजाब राज्य के कपूरथला जिले में पैदा हुए थॆ। उन्होंनॆ

रेखा के रहस्यों को बेनकाब किया रेखा की ‘अनटोल्ड स्टोरी’

भारतीय सिने जगत की सबसे रहस्यमई अदाकारा रेखा के जीवन के कई पन्नों को लोग पढ़ना चाहते थे। उनसे कई सवाल पूछना चाहते थे, लेकिन रेखा ने हर बार लोगों को अपनी वाकपटुता से चुप करवाया है। हर बार लोगों को अपने बारे में कुछ न बताने वाली रेखा अपने जीवन के उन बेहद दिलचस्प पन्नों पर से पर्दा उठाने वाली हैं।

कामेडियन के साथ-साथ अच्छे होस्ट, नायक,गा़यक और प्रोड्युसर भी हैं कपिल शर्मा

कपिल शर्मा भारतीय स्टैंड अप काॅमेडियन, अभिनेता, टीवी एंकर और गायक हैं। उन्होंने 2013 में पहली बार फोब्र्स इंडिया सेलिब्रिटी लिस्ट में जगह बनाई और इसमें उन्हें 93वां स्थान मिला और 2014 में वह 33वें स्थान आ गए। उन्हें एंटरटेनमेंट कैटेगरी में सीएनएन आईबीएन इंडियन आॅफ द ईयर 2013 घोषित किया गया।

युग से आगे की सोच रखती थीं ‘देविका रानी’

देविका को भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च पुरुस्कार दादा साहेब फाल्के पुरुस्कार और सोवियत लैंड नेहरु पुरुस्कार सहित कई दर्जनों सम्मान मिले | फिल्मो में अलग होने के बाद भी वह विभिन्न कलाओं से जुडी रही | अपने दिलकश अभिनय से दर्शको के दिलो पर राज करने वाली देविका 9 मार्च 1994 को 85 वर्ष की उम्र में इस दुनिया से अलविदा कह गयी |

परवीन बॉबी : एक ऐसी अदाकारा जिनकी फिल्मों से ज़्यादा जिन्दगी चर्चित रही……

बड़े पर्दे पर हमेशा ही डिफ्रेंट अंदाज में दिखने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस परवीन बॉबी का जीवन शुरू से ही रहस्यमयी रहा. उनकी जिंदगी हमेशा से तन्हाई में ही बीती और मौत भी उन्हें गुमनाम ही मिली. सन 2005 में 20 जनवरी को आज के ही दिन इस बिंदास एक्ट्रेस ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. परवीन की मौत के दो दिन बाद दुनिया को उसके मृत होने का पता चल सका.

जद्दन बाई : कोठे की जीनत बनकर ऐसी चमकी कि दिलों के साथ-साथ शोहरत व दौलत ने उसके कदम चूमे..

-अनिल अनूप अनुराग कश्यप की बहुचर्चित फिल्म गैंग ऑफ वासेपुर का संगीत देने वाली स्नेहा

खत्म हुई मुश्किल

चूंकि जिन फिल्मों के प्रदर्शन को लेकर विवाद चल रहा है, उन फिल्मों में काम करने वाले कलाकार वैध तरीके से वीजा लेकर काम कर रहे हैं। इसलिए फिल्मों में न तो उन्हें काम देना गलत है और न ही उनका काम करना गलत है। इसलिए इन कलाकारों की फिल्मों पर रोक वैधानिक नहीं कहीं जा सकती थी ? वैसे हमारे यहां अभिव्यक्ति की आजादी को संवैधानिक सुरक्षा प्राप्त है।

भारतीय सिनेमा में मुस्लिम प्रभाव को बढ़ावा

सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान, सैफ अली खान, नसीरुद्दीन शाह, फरहान अख्तर, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, फवाद खान जैसे अनेक नाम हिंदी फिल्मों की सफलता की गारंटी बना दिए गए हैं। अक्षय कुमार, मनोज कुमार और राकेश रोशन जैसे फिल्मकार इन दरिंदों की आंख के कांटे हैं। तब्बू, हुमा कुरैशी, सोहाअलीखान और जरीनखान जैसी प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों का कैरियर जबरन खत्म कर दिया गया क्योंकि वे मुस्लिम हैं और इस्लामी कठमुल्लाओं को उनका काम गैरमजहबी लगता है। फिल्मों की कहानियां लिखने का काम भी सलीम खान और जावेद अख्तर जैसे मुस्लिम लेखकों के इर्द-गिर्द ही रहा जिनकी कहानियों में एक भला-ईमानदार मुसलमान, एक पाखंडी ब्राह्मण, एक अत्याचारी – बलात्कारी क्षत्रिय, एक कालाबाजारी वैश्य, एक राष्ट्रद्रोही नेता, एक भ्रष्ट पुलिस अफसर और एक गरीब दलित महिला होना अनिवार्य शर्त है।