खेल जगत खेल के माध्यम से बढ़ता शब्दज्ञान September 29, 2010 / December 22, 2011 by विजय कुमार | Leave a Comment -विजय कुमार कहते हैं कि यदि व्यक्ति में सीखने की इच्छा हो, तो वह जीवन भर जिज्ञासु छात्र की तरह कुछ न कुछ सीखता ही रहता है। दिल्ली में होने जा रहे खेलों के बारे में पुलिस-प्रशासन वाले कई दिन से समाचार पत्रों में विज्ञापन छपवा रहे हैं कि आप हमारे आंख और कान बनें। […] Read more » Sport खेल शब्द ज्ञान
खेल जगत नौकरशाह बनाम दिल्ली के विद्यार्थी September 22, 2010 / December 22, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on नौकरशाह बनाम दिल्ली के विद्यार्थी -लालकृष्ण आडवाणी पिछले सप्ताह जब राष्ट्रमण्डल खेलगांव अनौपचारिक रुप से खोला गया तो जिसने देखा वही उसकी भूरि-भूरि प्रशंसा करने लगा। वेल्स के चे्फ डि मिशन ने जो कहा वह छपा है: ”अपनी सुविधाओं और वैभव से परिपूर्ण विलेज असामान्य है।” इससे मुझे एनडीए सरकार के समय जब पहली बार नई दिल्ली में यह खेल […] Read more » Commanwealth Games राष्ट्रमेंडल खेल
खेल जगत दिल्लीवालों के लिए अझेल हुआ कॉमनवेल्थ September 16, 2010 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on दिल्लीवालों के लिए अझेल हुआ कॉमनवेल्थ -प्रभाष झा कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू होने में मात्र 15 दिन बचे हैं लेकिन इससे जुड़ी कोई भी अच्छी खबर नहीं मिल रही है। तैयारियां अभी भी पूरी नहीं हुई हैं और डर बना हुआ है कि पूरी हो भी पाएंगी या नहीं। साथ ही गेम्स के लिए आवंटित फंड्स के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के कारण […] Read more » राष्ट्रमंडल खेल
खेल जगत भ्रष्टमंडल खेल बना राष्ट्र की प्रतिष्ठा का सवाल August 20, 2010 / December 22, 2011 by अवनीश राजपूत | 2 Comments on भ्रष्टमंडल खेल बना राष्ट्र की प्रतिष्ठा का सवाल -अवनीश सिंह जैसे-जैसे राष्ट्रमंडल खेलों की घडियां नजदीक आती जा रही हैं, वैसे-वैसे खेल से जुडी परियोजनाओं के आयोजकों की परेशानी बढती जा रही हैं। राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का कहना है कि यह देश के लिए इज्जत का सवाल है। ऐसे में हम सब को एकजुट होकर […] Read more » Commanwealth Games राष्ट्रमंडल खेल
खेल जगत समाज राष्ट्रमंडल खेलों के बहाने मीडिया को नारी पूजा याद आयी? August 12, 2010 / December 22, 2011 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 26 Comments on राष्ट्रमंडल खेलों के बहाने मीडिया को नारी पूजा याद आयी? डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ खबरें बेचने के लिये मीडिया अनेक प्रकार के तरीके ईजाद करने लगा है। यदि घटनाएँ नहीं हो तो पैदा की जाती हैं। वैसे घटनाएँ रोज घटित होती हैं, लेकिन कितने लोगों को लूटा गया, कितनी स्त्रियों के साथ बलात्कार हुआ, कितनों की दुर्घटना में मौत हुई, कितने करोड किसने डकारे आदि […] Read more » Commanwealth Games राष्ट्रमंडल खेल
खेल जगत क्या हम आजाद भारत गणराज्य में हैं! August 12, 2010 / December 22, 2011 by लिमटी खरे | 8 Comments on क्या हम आजाद भारत गणराज्य में हैं! -लिमटी खरे भारत गणराज्य के संसदीय इतिहास में पहली मर्तबा एसा हुआ होगा कि किसी कबीना मंत्री ने देश के माननीय कहे जाने वाले संसद सदस्यों के अधिकार क्षेत्र को ही चुनौति दे डाली हो। राष्ट्रमण्डल खेलों में हो रहे जबर्दस्त भ्रष्टाचार के बारे में सवाल जवाब और हंगामों के दौर के बीच भारत के […] Read more » Commanwealth Games राष्ट्रमंडल खेल
खेल जगत खेल के बाद होगी जांच, मतलब तब तक भ्रष्टाचार की खुली है छूट August 12, 2010 / December 22, 2011 by लिमटी खरे | 3 Comments on खेल के बाद होगी जांच, मतलब तब तक भ्रष्टाचार की खुली है छूट -लिमटी खरे देश की नाक का सवाल बन चुके राष्ट्रमण्डल खेलों के लिए सरकार तैयार हो अथवा न हो, स्टेडियम तैयार हों या न हों, पर मेहमानवाजी के लिए ‘‘अपराधियों‘ ने अपनी कमर कस रखी है। कामन वेल्थ गेम्स देश की नाक बचा सकें या न बचा सकें पर आयोजन समिति से जुडे लोगों की […] Read more » Commanwealth Games राष्ट्रमंडल खेल
खेल जगत देश से बड़ी है सोनिया! August 10, 2010 / December 22, 2011 by दानसिंह देवांगन | 9 Comments on देश से बड़ी है सोनिया! कलमाड़ी की नजर में देश का कोई मायने नहीं -दानसिंह देवांगन जब से कामनवेल्थ गेम्स में भ्रष्टाचार का खुलासा होना शुरू हुआ है। देश का हर व्यक्ति सहम सा गया है। उन्हें समझ ही नहीं आ रहा है कि उनकी खून-पसीने की कमाई को कलमाड़ी एंड कंपनी ने कैसे अपनी तिजोरियों में बंद करने का […] Read more » Soniya Gandhi राष्ट्रमंडल खेल सुरेश कलमाड़ी सोनिया गांधी
खेल जगत गुलाममंडल खेल और नेहरू स्टेडियम August 8, 2010 / December 22, 2011 by विजय कुमार | 9 Comments on गुलाममंडल खेल और नेहरू स्टेडियम -विजय कुमार दिल्ली में होने वाले गुलाममंडल खेलों के उद्धाटन, समापन आदि के लिए बना जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम भी अंतत: तैयार हो ही गया। इसका नाम नेहरू स्टेडियम बिल्कुल ठीक ही रखा गया है, क्योंकि अंग्रेजों के जाने के बाद भारत में गुलाम परम्पराओं को जीवित रखने के सबसे बड़े अपराधी नेहरू ही हैं। […] Read more » Commamwealth Games राष्ट्रमंडल खेल
खेल जगत खेल खेल में अरबों का खेल August 6, 2010 / December 22, 2011 by लिमटी खरे | 1 Comment on खेल खेल में अरबों का खेल -लिमटी खरे महज तेरह दिनों के लिए आयोजित राष्ट्रमण्डल खेलों के लिए भारत गणराज्य की सरकार पैसे को पानी की तरह बहाने से नहीं चूक रही है। भारत पर आधी सदी से ज्यादा राज करने वाली कांग्रेस को इस बात से कोई लेना देना नहीं है कि उसके राज में भारत गणराज्य की जनता किस […] Read more » Commanwealth Games राष्ट्रमंडल खेल
खेल जगत इंसान पर भारी खेल August 3, 2010 / December 22, 2011 by सतीश सिंह | Leave a Comment -सतीश सिंह राष्ट्रमंडल खेल के शुरु होने से पहले खेल की तैयारी को लेकर जिस तरह से रोज नाटक हो रहे हैं, वह निश्चित रुप से अफसोसजनक है। भारत विश्व का ही एक हिस्सा है और यहाँ पर होने वाले हलचलों से विश्व के अन्य देश भी बखूबी अवगत हैं। ऐसे में दिल्ली को सजाने-संवारने […] Read more » Commanwealth Games राष्ट्रमंडल खेल
खेल जगत अय्यर उवाच: शैतान ही पैसे की बरबादी का कर सकते समर्थन July 30, 2010 / December 22, 2011 by लिमटी खरे | 3 Comments on अय्यर उवाच: शैतान ही पैसे की बरबादी का कर सकते समर्थन -लिमटी खरे एक तरफ कांग्रेसनीत केंद्र और कांग्रेस की ही दिल्ली सरकार द्वारा भारत की प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुके राष्ट्रमण्डल खेलों के लिए माकूल माहौल तैयार करने में दिन रात एक की जा रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता और पिछले दरवाजे (बरास्ता राज्य सभा) संसद में अपनी आमद देने […] Read more » Commonwealth Game मणिशंकर अय्यर राष्ट्रमंडल खेल