पर्यावरण लेख बजट 2025: एमएसएमई के लिए जलवायु वित्त को मजबूत करने की दिशा में कदम February 26, 2025 / February 26, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment लेखिका:नमिता विकास, संस्थापक और प्रबंध निदेशक, ऑक्टस ईएसजीस्वप्ना पाटिल, प्रबंधक, इंडिया, एसएमई क्लाइमेट हब एमएसएमई: अर्थव्यवस्था की रीढ़ और जलवायु परिवर्तन की चुनौती छोटे और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी होते हैं। भारत में इनका योगदान जीडीपी का 30% है। 2025-26 के केंद्रीय बजट में एमएसएमई को बढ़ावा […] Read more » Budget 2025: Steps towards strengthening climate finance for MSMEs एमएसएमई के लिए जलवायु वित्त
पर्यावरण लेख लॉस एंजेलेस में भीषण जंगल की आग: जलवायु परिवर्तन बना खलनायक January 29, 2025 / January 29, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment लॉस एंजेलेस में जनवरी 2025 की शुरुआत में लगी जंगल की आग ने इतिहास में सबसे विनाशकारी आग के रूप में अपनी छाप छोड़ी है। 28 लोगों की मौत, 10,000 से अधिक घरों का नष्ट होना, और लाखों लोगों का जहरीले धुएं से प्रभावित होना इस त्रासदी की भयावहता को दर्शाता है। वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन […] Read more » Climate change becomes the villain Massive wildfire in Los Angeles लॉस एंजेलेस में भीषण जंगल की आग
पर्यावरण लेख ट्रंप का दूसरा कार्यकाल और जलवायु परिवर्तन: क्या अब भी उम्मीद है? January 21, 2025 / January 21, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment 20 जनवरी, 2025 को ट्रंप फिर से राष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले हैं। ट्रंप के पहले कार्यकाल में जलवायु नीति पर जो रुख था, उससे यह साफ है कि उनके आने से अमेरिका में जलवायु परिवर्तन की दिशा में और मुश्किलें आ सकती हैं। उन्होंने पेरिस समझौते से बाहर निकलने का फैसला लिया था, […] Read more » Trump's second term and climate change: Is there still hope जलवायु परिवर्तन
पर्यावरण लेख उफ्फ ये स्मॉग ! January 21, 2025 / January 21, 2025 by डॉ घनश्याम बादल | Leave a Comment डॉ० घनश्याम बादल महानगरों में इन दिनों भारी स्मॉग और कहर बरप रहे हैं. केवल दिल्ली ही नहीं अपितु देश के लगभग हर बड़े नगर के लोग हर साल दिसंबर जनवरी के महीने कोहरे व स्मॉग के शिकार होते ही हैं । जितना बड़ा शहर, उतना ही ज्यादा कोहरा और उससे ज्यादा कोहरे से […] Read more » smog स्मॉग
पर्यावरण लेख 2025 में भी जारी रहेगा तापमान बढ़ने का सिलसिला ! January 3, 2025 / January 3, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment सुनील कुमार महला बढ़ती जनसंख्या, विभिन्न मानवीय गतिविधियों और ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन, वनों की अंधाधुंध कटाई, शहरीकरण, औधोगिकीकरण के कारण धरती पर निरंतर जलवायु परिवर्तन होता चला जा रहा है। कहना ग़लत नहीं होगा कि इस जलवायु परिवर्तन का असर अब पृथ्वी पर साफ दिखने लगा है। सच तो यह है कि आज […] Read more » The trend of increasing temperature will continue in 2025 also जारी रहेगा तापमान बढ़ने का सिलसिला
पर्यावरण लेख भारत में तेजगति से बढ़ती बिलिनायर (अतिधनाडयों) की संख्या December 31, 2024 / December 31, 2024 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारत में आर्थिक प्रगति की दर लगातार तेज होती दिखाई दे रही है। भारत के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि दर भी अन्य देशों की तुलना में द्रुत गति से आगे बढ़ रही है। भारत आज विश्व की सबसे तेज गति से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है एवं भारतीय अर्थव्यवस्था आज विश्व की पांचवीं अर्थव्यवस्था है तथा शीघ्र ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। भारत का वैश्विक व्यापार भी द्रुत गति से आगे बढ़ रहा है। कुल मिलाकर, भारत आज अर्थ के क्षेत्र में पूरे विश्व में एक चमकते सितारे के रूप उभर रहा है।लगातार तेज तो रही आर्थिक प्रगति का प्रभाव अब भारत में नागरिकों की औसत आय में हो रही वृद्धि के रूप में भी दिखाई देने लगा है। हाल ही में अमेरिका में जारी की गई यूबीएस बिल्यनेर ऐम्बिशन रिपोर्ट के अनुसार भारत में बिलिनायर (अतिधनाडयों) की संख्या 185 तक पहुंच गई है और भारत विश्व में बिलिनायर की संख्या की दृष्टि से तृतीय स्थान पर आ गया है। प्रथम स्थान पर अमेरिका है, जहां बिलिनायर की संख्या 835 हैं एवं द्वितीय स्थान पर चीन है जहां बिलिनायर की संख्या 427 है। इस वर्ष भारत और अमेरिका में जहां बिलिनायर की संख्या में वृद्धि हुई है वहीं चीन में बिलिनायर की संख्या में कमी आई है। अमेरिका में इस वर्ष बिलिनायर की सूची में 84 नए बिलिनायर जुड़े हैं एवं भारत में 32 नए बिलिनायर (21 प्रतिशत की वृद्धि के साथ) जुड़े हैं तो वहीं चीन में 93 बिलिनायर कम हुए हैं। पूरे विश्व में आज बिलिनायर की कुल संख्या 2682 तक पहुंच गई है जबकि वर्ष 2015 में पूरे विश्व में 1757 बिलिनायर थे। भारत में वर्ष 2015 की तुलना में बिलिनायर की संख्या में 123 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। बिलिनायर अर्थात वह नागरिक जिसकी सम्पत्ति 100 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गई है अर्थात भारतीय रुपए में लगभग 8,400 करोड़ रुपए की राशि से अधिक की सम्पत्ति। पिछले एक वर्ष के दौरान भारत में उक्त वर्णित बिलिनायर की सम्पत्ति 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 9,560 करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्तर पर पहुंच गई हैं। जबकि अमेरिका में बिलिनायर की सम्पत्ति वर्ष 2023 में 4 लाख 60 हजार करोड़ अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वर्ष 2024 में 5 लाख 80 हजार करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्तर पर पहुंच गई है। चीन में तो बिलिनायर की सम्पत्ति वर्ष 2023 में एक लाख 80 हजार करोड़ अमेरिकी डॉलर से घटकर वर्ष 2024 में एक लाख 40 हजार करोड़ अमेरिकी डॉलर की हो गई है। पूरे विश्व में बिलिनायर की सम्पत्ति बढ़कर 14 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्तर पर पहुंच गई है। उक्त प्रतिवेदन में यह सम्भावना भी व्यक्त की गई है कि आगे आने वाले 10 वर्षों में भारत में बिलिनायर की संख्या में और तेज गति से वृद्धि होगी। भारत में 108 से अधिक पारिवारिक व्यवसाय में संलग्न परिवार भी हैं जो अपने व्यवसाय को भारतीय पारिवारिक परम्परा के अनुसार आगे बढ़ा रहे हैं और भारत में बिलिनायर की संख्या में वृद्धि एवं भारतीय अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दे रहे हैं। भारतीय बिलिनायर की संख्या केवल भारत में ही नहीं बढ़ रही है बल्कि अन्य देशों में निवास कर रहे भारतीय भी बिलिनायर की श्रेणी में शामिल हो रहे हैं एवं वे अपनी आय के कुछ हिस्से को भारत में भेजकर यहां निवेश कर रहे हैं और इस प्रकार अन्य देशों में निवास कर रहे भारतीय मूल के नागरिक भी भारत के आर्थिक विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। विशेष रूप से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को द्रुत गति से बढ़ाने में भारतीय मूल के इन नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहता आया है। इस समय भारतीय मूल के एक करोड़ 80 लाख से अधिक नागरिक विभिन्न देशों में कार्य कर रहे हैं एवं प्रतिवर्ष वे अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा भारत में जमा के रूप से भेजते हैं। हाल ही में वर्ल्ड बैंक द्वारा जारी किए गए एक प्रतिवेदन में यह बताया गया है कि वर्ष 2024 में 12,900 करोड़ अमेरिकी डॉलर की भारी भरकम राशि अन्य देशों में रह रहे भारतीयों द्वारा भारत में भेजी गई है। भारत पिछले कई वर्षों से इस दृष्टि पूरे विश्व में प्रथम स्थान पर कायम है। वर्ष 2021 में 10,500 करोड़ अमेरिकी डॉलर, वर्ष 2022 में 11,100 करोड़ अमेरिकी डॉलर, वर्ष 2023 में 12,500 करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि भारत में भेजी गई थी। प्रतिवर्ष भारत में भेजी जाने वाली राशि की तुलना यदि अन्य देशों में भेजी जा रही राशि से करें तो ध्यान में आता है कि वर्ष 2024 में मेक्सिको में 6,800 करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि भेजी गई थी, जिसे पूरे विश्व में इस दृष्टि से द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। मेक्सिको में भेजी गई राशि भारत में भेजी गई राशि की तुलना में लगभग आधी है। चीन को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है एवं चीन में 4,800 करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि भेजी गई है, फ़िलिपीन में 4,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर एवं पाकिस्तान में 3,300 करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि अन्य देशों में रह रहे इन देशों के नागरिकों द्वारा भेजी गई है। भारत में भारतीय नागरिकों द्वारा अन्य देशों से भेजी जा रही राशि में उत्तरी अमेरिका, यूरोप, खाड़ी के देशों एवं एशिया के कुछ देशों यथा मलेशिया एवं सिंगापुर का प्रमुख योगदान है। जैसा कि विदित ही है कि प्रतिवर्ष भारत से लाखों युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने की दृष्टि से विकसित देशों की ओर जाते हैं। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत भारतीय युवा इन देशों में ही रोजगार प्राप्त कर लेते हैं एवं अपनी बचत की राशि का बड़ा भाग भारत में भेज देते हैं। आज तक भारतीय मूल के इन नागरिकों द्वारा एक लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि भारत में भेजी गई है। भारत के लिए विदेशी मुद्रा भंडार के संग्रहण में यह राशि बहुत बड़ी भूमिका निभा रही है। वर्ष 2024 में पूरे विश्व में 68,500 करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि विभिन्न देशों के नागरिकों द्वारा अपने अपने देशों को भेजी गई है। यह राशि वर्ष 2023 में भेजी गई राशि से 5.8 प्रतिशत अधिक है। पूरे विश्व में विभिन्न देशों में निवास कर रहे नागरिकों द्वारा भेजी गई उक्त राशि में से 20 प्रतिशत से अधिक की राशि अन्य देशों में निवास कर रहे भारतीयों द्वारा ही अकेले भारत में भेजी गई है। इस प्रकार, भारतीय मूल के नागरिकों की सम्पत्ति न केवल भारत में बल्कि अन्य देशों में भी बहुत तेजी के साथ बढ़ रही है। प्रहलाद सबनानी Read more » The number of billionaires (super-rich) is increasing rapidly in India.
पर्यावरण लेख अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में भारत गढ़ रहा नये प्रतिमान December 17, 2024 / December 17, 2024 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment सुनील कुमार महला आत्मनिर्भर भारत अभियान या आत्मनिर्भर भारत अभियान आज नए भारत का नया विजन है। 12 मई 2020 को, भारत के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र से आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत करने का आह्वान किया था और आज भारत विभिन्न क्षेत्रों में स्वयं को स्थापित करने की दिशा में लगातार […] Read more » India is creating new paradigms in the renewable energy sector. अक्षय ऊर्जा
पर्यावरण लेख ऊर्जा का अपव्यय धरती और हम सबके लिए हानिकारक December 12, 2024 / December 12, 2024 by सुरेश सिंह बैस शाश्वत | Leave a Comment 14 दिसंबर ऊर्जा संरक्षण दिवस हर कोई जानता है कि पृथ्वी पर ग्लोबल वार्मिंग दिन- प्रतिदिन बढ़ रही है और वातावरण में अपने विभिन्न प्रकार के हानिकारक परिणाम छोड़ रही है। ग्लोबल वार्मिंग के पर्यावरण पर बहुत बुरे घातक प्रभाव हैं जैसे अत्यधिक वर्षा, अत्यधिक गर्मी के दिन (शुष्क मौसम), बाढ़ ,भूस्खलन कैंसर पैदा करने वाली पराबैंगनी किरणें, आदि। यह […] Read more » ऊर्जा का अपव्यय
पर्यावरण लेख विकास लक्ष्यों को पर्यावरणीय उद्देश्यों के साथ जोड़ना अत्यन्त आवश्यक December 12, 2024 / December 12, 2024 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment हम पाते हैं कि सामाजिक लक्ष्यों का पीछा करना, आम तौर पर, उच्च पर्यावरणीय प्रभावों से जुड़ा होता है। हालाँकि, देशों के बीच बातचीत बहुत भिन्न होती है और विशिष्ट लक्ष्यों पर निर्भर करती है। दोनों ही बातचीत में, कार्बन भूमि और पानी की तुलना में छोटे बदलावों का अनुभव करता है। हालाँकि उच्च और […] Read more »
पर्यावरण लेख क्या मंडरा रहा है हम पर ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ़्लड का खतरा? December 3, 2024 / December 3, 2024 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment सुनील कुमार महला ग्लोबल वार्मिंग आज भारत ही नहीं , संपूर्ण विश्व की एक बड़ी समस्या है। आज धरती पर ग्रीन हाउस गैसों में निरंतर बढ़ोत्तरी हो रही है। प्रदूषण में भी बढ़ोत्तरी का क्रम लगातार जारी है। ग्रीन हाउस गैसों की अधिकता, बढ़ते प्रदूषण से धरती पर कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, सीएफसी की मात्रा […] Read more » glacial lake outburst flood ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ़्लड
पर्यावरण लेख पर्यावरण को लेकर विकसित देशों की दोहरी नीति पर भारत की खरी खरी November 29, 2024 / November 29, 2024 by रामस्वरूप रावतसरे | Leave a Comment रामस्वरूप रावतसरे अजरबैजान की राजधानी बाकू में हाल ही में एक समझौता हुआ है। यह समझौता संयुक्त राष्ट्र की जलवायु परिवर्तन वाली शाखा ने सीओपी-29 बैठक में करवाया है। इसके तहत विश्व के विकसित और अमीर देश राजी हुए हैं कि वह 300 बिलियन डॉलर 2035 से विकासशील या गरीब देशों को देना चालू करेंगे। यह पैसा जलवायु […] Read more » पर्यावरण
पर्यावरण मनोरंजन लेख विविधा बचाइए वन्यजीवों को, आहार-प्रवास के हों पुख्ता प्रयास November 26, 2024 / November 28, 2024 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment हरिओम शर्मा मरुधरा के नाम से मशहूर राजस्थान के अभयारण्यों में न केवल बाघ बल्कि बघेरों का कुनबा भी तेजी से बढ़ रहा है। पूरे प्रदेश में जहां जहां भी टाइगर रिजर्व हैं, वहां इनकी आबादी में तेजी से वृद्धि हो रही है। आम आदमी और वन्यजीवों में रुचि रखने वाले तो इस बात से […] Read more » बचाइए वन्यजीवों को