पर्यावरण लेख जंगलों में कम होती हाथियों की आबादी August 11, 2020 / August 11, 2020 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment विश्व हाथी दिवस 12 अगस्त पर विशेष प्रभुनाथ शुक्ल हाथी मनुष्य का बेहद करीबी प्राणी है। भीमकाय हाथी इंसान के मामूली अंकुश के इशारे पर नाचता है। सरकस में रिंग मास्टर हाथी को एक इशारे पर नचाता है। गजराज हमारा पर्यावरण मित्र भी हैं। लेकिन […] Read more » Reduced elephant population in forests कम होती हाथियों की आबादी विश्व हाथी दिवस 12 अगस्त
पर्यावरण समझें प्रकृति की मूक भाषा July 28, 2020 / July 28, 2020 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस (28 जुलाई) पर विशेष – योगेश कुमार गोयल आधुनिकीकरण और औद्योगिकीकरण के चलते विश्वभर में प्रकृति के साथ बड़े पैमाने पर जो खिलवाड़ हो रहा है, उसके मद्देनजर आमजन को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करने की जरूरत अब कई गुना बढ़ गई है। कितना ही अच्छा हो, अगर हम […] Read more » प्रकृति की मूक भाषा विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस
खेत-खलिहान पर्यावरण लेख विज्ञान की मुक्ति के लिए संघर्ष की जरूरत July 14, 2020 / July 14, 2020 by प्रमोद रंजन | Leave a Comment -प्रमोद रंजन काेविड-19 से संबंधित तथ्यों को लेकर, जिस प्रकार के असमंजस की स्थिति है, उससे हममें से कई किम्कर्तव्यविमूढ हैं। अनेक लोगों को मीडिया और अपनी सरकारों और विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे संगठनों के माध्यम से प्रचारित करवाए जा रहे अनेक तथ्यों पर संदेह हो रहा है, लेकिन हम प्राय: उन्हें सार्वजनिक मंचों पर […] Read more » Struggle needed for liberation of science बीटी कॉटन बीज विज्ञान की मुक्ति
पर्यावरण बार-बार क्यों काँप रही हरियाणा की धरती July 5, 2020 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment ——–डॉo सत्यवान सौरभएक तरफ जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस जैसी महामारी को झेल रही है, तो वहीं दूसरी तरह प्रकृति भी नाराज है. दुनिया के विभिन्न हिस्सों में आकाशीय बिजली, बाढ़, आगजनी, तेल रिसाव और भूकंप के झटके महसूस करवा रहे है कि मानव तू ठहर जा जरा।। अंधाधुंध विकास कि होड़ में हमने प्रकृति कि […] Read more » earthquake in rohtak frequent in Haryana हरियाणा की धरती
पर्यावरण देश में प्रकृति और विकास के बीच संतुलन बनाते हुए ही आर्थिक प्रगति हो June 17, 2020 / June 17, 2020 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment कोरोना वायरस महामारी के चलते लगभग 2 माह के लॉक डाउन के बाद भारत सहित विश्व के लगभग 75 प्रतिशत देश अपनी अर्थव्यवस्थाएँ धीरे धीरे खोलते जा रहे हैं। अब आर्थिक गतिविधियाँ पुनः तेज़ी से आगे बढ़ेंगी। परंतु लॉक डाउन के दौरान जब विनिर्माण सहित समस्त प्रकार की आर्थिक गतिविधियाँ बंद रहीं तब हम […] Read more » प्रकृति और विकास के बीच संतुलन
पर्यावरण जैव-विविधता प्रकृति की स्वभाविक संपत्ति है इसका क्षय प्रकृति का क्षय June 10, 2020 / June 10, 2020 by अवधेश कुमार सिंह | Leave a Comment अवधेश कुमार सिंह पर्यावरण, मानव जीवन का अभिन्न अंग है, इसके बिना स्वस्थ जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। एक स्वच्छ वातावरण शांतिपूर्ण तथा स्वस्थ जीवन जीने के लिए बहुत आवश्यक है। पर्यावरण का मतलब है सभी प्राकृतिक परिवेश जैसे की भूमि, वायु, जल, पौधें, पशु, ठोस सामग्री, कचरा, धूप, जंगल और […] Read more » Biodiversity is a natural property of nature its decay of nature. जैव-विविधता विश्व पर्यावरण दिवस
पर्यावरण जीने के लिए महासागरों को बचाना होगा June 9, 2020 / June 9, 2020 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment प्रियंका सौरभ जीवन में महासागरों के महत्व को समझते हुए पर हम पृथ्वी वासियों का ध्यान महासागरों के अस्तित्व को अक्षुण्ण रखने की ओर अवश्य ही जाना चाहिए। वर्तमान में मानवीय गतिविधियों का असर समुद्रों पर भी दिखने लगा है। समुद्र में ऑक्सीजन का स्तर लगातार घटता जा रहा है और तटीय क्षेत्रों में समुद्री जल […] Read more » world ocean day आठ जून के दिन विश्व महासागर दिवस विश्व महासागर दिवस
पर्यावरण पर्यावरण के लिए स्वच्छता और वृक्षारोपण June 9, 2020 / June 9, 2020 by डॉ. राकेश राणा | Leave a Comment डॉ0 राकेश राणा जीवन की दृष्टि से पर्यावरण मानव के लिए सर्वोच्च जरुरत है। जल, जंगल और जीमीन तीनों उसके प्रमुख आधार है। विकास के माजुदा मॉडल की विफलता यह कि जीवन के इन तीनों आधारों को प्रदूषण ने लील दिया है। यही वजह है आज देश की आबादी का बडा हिस्सा स्वच्छ व […] Read more » पर्यावरण पर्यावरण के लिए वृक्षारोपण पर्यावरण के लिए स्वच्छता वृक्षारोपण
पर्यावरण ये समय है घायल पर्यावरण को सँवारने का June 9, 2020 / June 9, 2020 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment प्रियंका सौरभलॉकडाउन के माध्यम से संघर्ष करने के बाद, नई चिंताओं और तनाव की बाढ़ के साथ, अंत में आराम करने का समय आ गया है। यह निश्चित है कि, सामान्य स्थिति ’का एक संकेत हमारी घायल पृथ्वी पर लौटने और पर्यावरण को सँवारने का है तो, इस बार विश्व पर्यावरण दिवस मनाने के लिए, हमें […] Read more » It is time to decorate the injured environment घायल पर्यावरण
पर्यावरण मानव जीवन के अस्तित्व का आधार है प्रकृति June 8, 2020 / June 8, 2020 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment मानव प्रकृति का हिस्सा है|प्रकृति व मानव एक दूसरे के पूरक हैं |प्रकृति के बिना मानव की परिकल्पना नहीं की जा सकती|प्रकृति दो शब्दों से मिलकर बनी है – प्र और कृति|प्र अर्थात प्रकृष्टि (श्रेष्ठ/उत्तम) और कृति का अर्थ है रचना |ईश्वर की श्रेष्ठ रचना अर्थात सृष्टि|प्रकृति से सृष्टि का बोध होता है |प्रकृति अर्थात […] Read more » Nature is the basis of existence of human life प्रकृति मानव जीवन के अस्तित्व का आधार
पर्यावरण पढ़ कुदरत की पीर ! June 4, 2020 / June 4, 2020 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में ठहराव का यह दौर बेशक बहुत चिंताजनक है, लेकिन पर्यावरण पर सकारात्मक असर पड़ा है। जाने-अनजाने मनुष्य पर्यावरण के खिलाफ जो काम करता था, वह पिछले कुछ महीनों से बंद हो गये। इसके बाद ताजी हवा के झोंकों, साफ नदियों और नीले आसमान की दुनियाभर से जो तस्वीरें आयीं, उन्हें देख […] Read more » world environment day पढ़ कुदरत की पीर !
पर्यावरण पर्यावरण पर हावी होती आपदाएं June 4, 2020 / June 4, 2020 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment पर्यावरण प्रकृति का हिस्सा है|प्रकृति व पर्यावरण एक दूसरे के पूरक हैं |प्रकृति के बिना पर्यावरण की परिकल्पना नहीं की जा सकती|प्रकृति दो शब्दों से मिलकर बनी है – प्र और कृति|प्र अर्थात प्रकृष्टि (श्रेष्ठ/उत्तम) और कृति का अर्थ है रचना |ईश्वर की श्रेष्ठ रचना अर्थात सृष्टि|प्रकृति से सृष्टि का बोध होता है |प्रकृति अर्थात […] Read more » world environment day पर्यावरण