आर्थिकी पर्यावरण आर्थिक विकास मॉडल बदलने से बचेगा पर्यावरण June 20, 2011 / December 11, 2011 by कुन्दन पाण्डेय | 1 Comment on आर्थिक विकास मॉडल बदलने से बचेगा पर्यावरण कुन्दन पाण्डेय दुनिया भर के मानव सम्मिलित रुप से एक वर्ष में करीब 8 अरब मीट्रिक टन कार्बन पर्यावरण में उत्सर्जित करते हैं, जबकि बदले में पर्यावरण का पारिस्थितिकी तंत्र, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की ताजा रिपोर्ट के अनुसार विश्व मानवता को लगभग 3258 खरब रुपये से भी कही अधिक मूल्य की सेवाएं प्रदान करता […] Read more » Nature आर्थिक विकास मॉडल पर्यावरण
धर्म-अध्यात्म पर्यावरण दूसरे यतीन दास की मौत June 16, 2011 / December 11, 2011 by आर. सिंह | 2 Comments on दूसरे यतीन दास की मौत आर. सिंह आज (15 जून) सबेरे-सबेरे जब समाचार पत्र खोला तो प्रथम पृष्ठ पर प्रकाशित एक समाचार ने बरबस मेरा ध्यान खींच लिया और समाचार पढने के बाद तो मैं एक तरह से बुझ सा गया. समाचार था गंगा बचाओ आंदोलन का योद्धा 115 दिनों के अनशन के बाद मौत के मुँह में चला गया. समाचार […] Read more » Swamy Nigmanand गंगा बचाओ आंदोलन स्वामी निगमानंद
पर्यावरण जल संरक्षण – तीन अरब पचास करोड़ लोगों की प्यास June 15, 2011 / December 11, 2011 by मनोज श्रीवास्तव 'मौन' | Leave a Comment मनोज श्रीवास्तव ”मौन” ”क्षिति, जल,पावक, गगन, समीरा। पंच तत्व यह अधम शरीरा॥” उक्त बात इसको प्रमाणित करती है कि मनुष्य के शरीर के लिए आवश्यक तत्व में पानी भी एक अति उपयोगी तत्व है। वर्षा-जल का नियंत्रित और संवर्धित उपयोग करके हम कई शतकों से घरेलू और औद्योगिक उपभोग का लाभ उठाते आ रहे है। […] Read more » Water Conservation जल संरक्षण
पर्यावरण पर्यावरण का करो ख्याल…….. June 5, 2011 / December 11, 2011 by जीतेन्द्र कुमार नामदेव | 1 Comment on पर्यावरण का करो ख्याल…….. दुनिया भर में 5 जून का दिन विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। 1973 में सबसे पहले अमेरिका में विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया गया था। इस वर्ष भी हर वर्ष की तरह पर्यावरण दिवस पर दो-चार पेड़ लगाकर हम अपने दायित्व को पूरा कर लेंगे। लेकिन प्रकृति को समझने […] Read more » Atmosphere पर्यावरण
पर्यावरण समाज आधुनिक बच्चों का टूट रहा है कुदरत से नाता… June 4, 2011 / December 12, 2011 by अशोक बजाज | 1 Comment on आधुनिक बच्चों का टूट रहा है कुदरत से नाता… जैव विविधता को बचाने के काम को वे बच्चे और मुश्किल बना रहे हैं जो टेलीविजन, इंटरनेट, विडियोगेम्स या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक मनोरंजन की गिरफ्त में हैं. संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि ये सब प्रकृति को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने कहा है कि ज्यादातर नौजवान शहरों में […] Read more » Modern kids आधुनिक बच्चों कुदरत से नाता टूट रहा है
पर्यावरण धरती के दायित्वों की अनदेखी करने का भार May 10, 2011 / December 13, 2011 by मनोज श्रीवास्तव 'मौन' | 3 Comments on धरती के दायित्वों की अनदेखी करने का भार मनोज श्रीवास्तव ”मौन” यूरोपीय देश अपने आप को विकसित कहते हैं उन्हें भी धरती की धधकती हुई ज्वालामुखी ने आश्चर्यजनक क्षति दी है। चीन में बर्फबारी ने काफी नुकसान किया है। अमेरिका में कटरिना व रीना तूफान अक्सर तबाही मचाते रहते हैं। जापान और चिली जैसे देश भूकम्प और सूनामी की भेंट चढ़ रहे है। […] Read more » Earth धरती
पर्यावरण हरित न्यायालय और बढ़ते पर्यावरण मामले May 7, 2011 / December 13, 2011 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव हमारे देश में पर्यावरण विनाश और उसकी पृष्ठभूमि में मानव स्वास्थ पर पड़ने वाले असर से संबधित मामलों में लगातार इजाफा हो रहा हैं। जलवायु परिर्वतन, उधोगों से निकलने वाली क्लोरो फलोरो काँर्बन गैसें, जीएम बीज, कीटनाशक दवाएँ व आधुनिक विकास से उपजे संकट जैव विविधता को खत्म करते हुए पर्यावरण संकट को […] Read more » Green Court हरित न्यायालय
पर्यावरण आ मौत मुझे मार May 2, 2011 / December 13, 2011 by डॉ. राजेश कपूर | 17 Comments on आ मौत मुझे मार जीहाँ कुछ ऐसा ही हो रहा है. जापान के परमाणु हादसे में हज़ारों लोग मर चुके हैं और लाखों के सर पर मौत का ख़तरा मंडरा रहा है. ११ मार्च के भूकंप व सुनामी के बाद फुकुशिमा के परमाणु रिएक्टरों में हुए विध्वंस से शुरू हुए विनाश पर काबू पाने में असफल होने के बाद […] Read more »
पर्यावरण यम की बहन को यमलोक पहुंचाती शीला April 26, 2011 / December 13, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on यम की बहन को यमलोक पहुंचाती शीला लिमटी खरे कभी देश की राजनैतिक राजधानी दिल्ली की शान हुआ करने वाली कल कल बहने वाली यमुना नदी पिछले दो तीन दशकों से गंदे और बदबूदार नाले में तब्दील होकर रह गई है। विडम्बना यह है कि दिल्ली में केंद्र और राज्य सरकार की नाक के नीचे सारी वर्जनाएं तोड़ने वाले प्रदूषण ने यम […] Read more » Yamuna Yamuna Pollution
धर्म-अध्यात्म पर्यावरण फल्गु के बिना क्या मिल पायेगी हमारे पूर्वजों को मुक्ति? March 31, 2011 / December 14, 2011 by सतीश सिंह | Leave a Comment सतीश सिंह सदियों से सभ्यता का विकास नदियों के किनारे होता रहा है। नदी के बिना जीवन की कल्पना असंभव है। बावजूद इसके नदियों की मौत पर हम कभी अफसोस जाहिर नहीं करते। जबकि उनकी मौत के लिए सिर्फ हम हमेशा से जिम्मेदार रहे हैं। कभी हम विकास के नाम पर उनकी बलि चढ़ाते हैं […] Read more » फल्गु
पर्यावरण परमाणु रैनेसां का अंत March 17, 2011 / December 14, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 3 Comments on परमाणु रैनेसां का अंत जापान में प्राकृतिक विनाशलीला का ताण्डव सारी दुनिया को एक नए किस्म के आर्थिक-राजनीतिक संकट की ओर ले जा रहा है। जापान के भूकंप और परमाणु विकिरण का सामाजिक-आर्थिक राजनीतिक प्रभाव सिर्फ जापान तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि इसका असर आने वाले समय में समूची विश्व राजनीति पर पड़ेगा। खासकर वे देश जो परमाणु ऊर्जा […] Read more » Nuclear
पर्यावरण खत्म होते ग्लेशियर और जमती हुई धरती January 26, 2011 / December 16, 2011 by मनोज श्रीवास्तव 'मौन' | 11 Comments on खत्म होते ग्लेशियर और जमती हुई धरती मनोज श्रीवास्तव ”मौन” वैश्विक चिन्तन के विषय के रूप में एक नया अध्याय इस धरती ने स्वत: ही जुड़ गया है क्योंकि सदैव ही हरी भरी दिखने वाली धरा वैश्विक तापवर्द्धन के चपेट में आ गयी है। जिससे धरा की हरितिमा नष्ट होने को अग्रसर है साथ ही 1 अरब 95 करोड़ 58 लाख 85 […] Read more » Glacier ग्लेशियर