पर्यावरण कटते जंगल घटता धरती का आवरण June 5, 2012 / June 5, 2012 by प्रमोद भार्गव | 2 Comments on कटते जंगल घटता धरती का आवरण प्रमोद भार्गव राष्ट्र की अद्वितीय व अटूट प्राकृतिक संपदा और आदिम जातियों की जिजीविषा के प्रमुख साधन रहे जंगल समूचे भारत में तेजी से लुप्त हो रहे हैं। देश का वन विभाग अब तक यह दावा करता रहा था कि भारत के कुल भू-भाग में 19 प्रतिशत जंगल हैं। लेकिन हाल ही में भारतीय वन […] Read more » deforestation and environment कटते जंगल घटता धरती का आवरण
पर्यावरण जागरूकता से ही संभव है पर्यावरण सुरक्षा June 5, 2012 / June 5, 2012 by विनायक शर्मा | Leave a Comment विनायक शर्मा मानव जाति के पोषण और विकास के लिए विभिन्न प्रकार के बढ़ रहे खतरों से बचाव के साथ ही पर्यावरण सरंक्षण की आवश्यकता को समझते हुए पर्यावरण प्रदूषण की समस्या पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने १९७२ में स्टाकहोम (स्वीडन) में एक सम्मेलन का आयोजन किया था. इस सम्मेलन में एक ही पृथ्वी के […] Read more » Environmental Pollution पर्यावरण सुरक्षा
पर्यावरण महाविनाश के मुहाने पर पहुंचा रहा पर्यावरण प्रदूषण June 5, 2012 / June 5, 2012 by राजेश कश्यप | Leave a Comment राजेश कश्यप धरती दिनोंदिन गरमा रही है। मौसम में जो अप्रत्याशित परिवर्तन व असंतुलन निरन्तर बढ़ रहे हैं, असाध्य बीमारियों का जो मकड़जाल लगातार फैलता चला जा रहा है, समय-असमय जो अतिवृष्टि व अनावृष्टि हो रही है, जिस तेजी से भूस्खलन निरन्तर बढ़ रहे हैं, भूकम्प आ रहे हैं, हिमनद सूख रहे हैं और जिस […] Read more » Environmental Pollution पर्यावरण प्रदूषण महाविनाश के मुहाने पर
पर्यावरण पृथ्वी रहेगी तो जीवन बचेगा April 20, 2012 by नवनीत कुमार गुप्ता | Leave a Comment पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल 1970 नवनीत कुमार गुप्ता पृथ्वी पर कल-कल बहती नदियां, माटी की सोंधी महक, विशाल महासागर, ऊंचे-ऊंचे पर्वत, तपते रेगिस्तान सभी जीवन के असंख्य रूपों को अपने में समाए हुए हैं। वास्तव में अन्य ग्रहों की अपेक्षा पृथ्वी पर उपस्थित जीवन इसकी अनोखी संरचना, सूर्य से दूरी एवं अन्य भौतिक कारणों के […] Read more » Earth जीवन
पर्यावरण पानी को प्रदूषण से बचाइए April 11, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment विपिन जोशी कहते हैं कि दुनियां में अगला विश्व युद्ध पीने के पानी के लिए लड़ा जायेगा। जीने के लिए जितना भोजन आवश्यतक है उतना ही पानी जरूरी है। इस धरती पर जन्म लेने वाले तकरीबन सभी जीवों के लिए यह अतिआवश्यक है। वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी का लगभग तीन चौथाई सतह पानी से घिरा […] Read more » water pollution जल प्रदूषण
पर्यावरण आसान नहीं है परस्पर नदियों को जोड़ना March 5, 2012 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव किसी देश की विकासशील अर्थव्यव्स्था के तीन प्रमुख सिरे हैं, पानी, बिजली और आधुनिकतम तकनीक ! तकनीक की उपलब्धता तो भारत में सर्व-सुलभ हो गर्इ है, लेकिन पानी और बिजली की भयावह समस्या से कमोवेश पूरा देश जूझ रहा है। दुनिया का तीन चौथार्इ हिस्सा पानी से लबालब होने के बावजूद करोड़ों लोग […] Read more » joining of all rivers आसान नहीं है परस्पर नदियों को जोड़ना
पर्यावरण क्या संभव है सफेद शेरों की घर वापसी ? February 17, 2012 / July 22, 2012 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on क्या संभव है सफेद शेरों की घर वापसी ? प्रमोद भार्गव पांच दशक बाद दुर्लभ सफेद शेरों के घर वापसी की तैयारी लगभग पूरी है। इनके पुनर्वास के लिए करीब 50 करोड़ रूपए वन विभाग खर्च करने जा रहा है। इस हेतु सफेद और पीले शेरों के एक-एक जोड़े ओड़ीशा के नंदनकानन वन से यहां लाकर बसाए जाएंगे। इसका दायित्व नंदनकानन उधान को आकार […] Read more » white lions सफेद शेरों सफेद शेरों की घर वापसी
पर्यावरण दलदली जमीन का संरक्षण कीजिए February 1, 2012 / February 1, 2012 by नवनीत कुमार गुप्ता | 1 Comment on दलदली जमीन का संरक्षण कीजिए (2 फरवरी, 2012 विश्व नमभूमि दिवस (वर्ल्ड वेटलैंड डे) के उपलक्ष्य में) नवनीत कुमार गुप्ता नमभूमियां अर्थात दलदल भूमि प्रकृति का एक ऐसा अनोखा और अनुपम स्वरूप है जो हमारे पर्यावरण संरक्षण में विषेश योगदान देते हैं। असल में नमभूमि अपनी अनोखी पारिसिथतिकी संरचना के कारण महत्वूपर्ण हैं। नमभूमियों के अंतर्गत झीलें, तालाब, दलदली क्षेत्र, […] Read more » दलदली जमीन
पर्यावरण खतरे में हैं नमभूमियां और प्रवासी पक्षी February 1, 2012 / February 1, 2012 by नवनीत कुमार गुप्ता | Leave a Comment (19-22 जनवरी, 2012 के दौरान गुजरात में आयोजित द्वितीय ग्लोबल बर्ड वाचर्स कांफ्रेंस पर आधारित लेख) नवनीत कुमार गुप्ता ठंड का मौसम पक्षी निहारकों के लिए सर्वाधिक रोमांचकारी होता है। इसी मौसम में विदेशों से आए प्रवासी पक्षी नदियों, झीलों और नमभूमियों (आद्रभूमि) के आसपास डेरा डाले होते हैं। जिसे करीब से देखना किसी भी […] Read more » प्रवासी पक्षी
पर्यावरण धरती का चीत्कार सुनो! January 16, 2012 / January 16, 2012 by श्रीराम तिवारी | 2 Comments on धरती का चीत्कार सुनो! श्रीराम तिवारी ओपेक देशों की महती कृपा से कच्चे तेल[पेट्रोलियम]petroleum की कीमतों में निरंतर बृद्धि होती आई है।विकाशशील देशों की जरूरतों के मद्देनजर उनके विदेशी मुद्रा भण्डारका अधिकांस भाग इस मद में विलीन होता जाता है।आधुनिक वैज्ञानिक एवं तकनीकि विकाश के लिए अत्यावश्यक उर्जा के रूप में स्थापित पेट्रोलियम उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही […] Read more » hear the sound of earth धरती का चीत्कार सुनो
पर्यावरण अवैध खनन से खोखली होती भूमि January 2, 2012 / January 2, 2012 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment विपिन जोशी प्राकृतिक संपदा के साथ छेड़छाड़ करना मनुष्य की प्रवृति बन चुकी है। औद्योगिकीकरण, विकास और इन सबसे बढ़कर उसकी लालच ने उसे अंधा बना दिया है। जमीन के उपर जंगलों की कटाई तो और जमीन के अंदर से अवैध खनन ने धरती को खोखला बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रखा है। परिणामस्वरूप […] Read more » illegal-mining अवैध खनन
पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है कश्मीर का पर्यावरण December 17, 2011 / December 17, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on प्रदूषित हो रहा है कश्मीर का पर्यावरण मो. रमजान इतिहास साक्षी है कि अपने पहले कश्मीर दौरा के दौरान जब मुगल बादशाह जहांगीर और उसकी पत्नी नूरजहां की नजर इस क्षेत्र पर गई तो बरबस ही उनकी जुबान से फारसी में यह जुमला निकल पड़ा जिसका अर्थ है ‘यदि धरती पर कहीं स्वर्ग है तो यही है यही है यही है।’ अपनी […] Read more » Pollution in kashmir कश्मीर में प्रदूषण