विश्ववार्ता

हे पाकिस्तान….अब तेरा क्या होगा?

उरी हमले की निन्दा देश के सभी दल एक स्वर में कर रहे हैं। निन्दा करनी भी चाहिए । भारत अपनी बहुत-सी विशेषताओं के लिए सदा प्रसिद्ध रहा है। जिसमें यह भी है कि भारत बहुत ही सोच समझ कर प्रत्येक कदम उठाता है। क्योंकि भारत एक शान्तिप्रिय राष्ट्र है, अतः शान्ति बनाये रखना इसका परम कर्तव्य स्वतः ही बन जाता है किन्तु शान्तिप्रिय होने का तात्पर्य यह भी नहीं है कि कोई हमारे एक गाल पर थप्पड़ मारे और हम दूसरा गाल आगे बढ़ाते हुए यह कहे कि ये भी बाकि है। सहने की भी कोई सीमा होती है, जब सीमा पूर्ण हो जाती है तब कुछ निश्चयात्मक सोचना ही पड़ता है। ऐसा ही कुछ भारत को सोचना और करना पड़ा।

ब्रिक्स से पाकिस्तान को कड़ा संदेश देने की जरूरत

भारत की ताजा फैसलों से पाकिस्तान घबराया-बौखलाया हुआ है। जिसका परिणाम यह हुआ है कि वहाँ के आईएसआई प्रमुख कि छुट्टी कर दी गयी है। पाकिस्तान के साथ 46 अरब डालर कि सीपेक( चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) को लेकर चीन चिंतित है।

भारत के ख़िलाफ़ चीन का फ़िर दिखा दोहरा चरित्र

चीन के बलबूते पर ही पाकिस्तान भारत को परमाणु हथियार के इस्तेमाल का भय दिखाता हैं। चीन ने ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी की जलधारा रोककर भारत के खिलाफ जाने की कोशिश की है,और भारत के सिंधु जल संधि के पुनर्विचार को झटका पाकिस्तान के पक्ष में आकर लिया है।चीन बांध के जरिये पनबिजली बनाने के लिए जलधारा को रोकने की बात कह रहा हैं।

पाक के लिए भष्मासुर बनता आतंकवाद

भारत ने बिना हिंसा के हर वो कदम उठाया जो एक शांतिप्रिय देश उठा सकता है, लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। किसी ने ठीक ही कहा है लातों के भूत बातों ने नहीं मानते। पाकिस्तान के सामने बड़ा संकट है, यदि वह विश्व बिरादरी में इस हमले की बात उठाता है तो उसे यह स्वीकारना होगा कि उसके यहां आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर संचालित किए जाते हैं, यह उसके लिए और भी परेशानी वाली बात होगी।

‘अखंड भारत’ के गांधार ‘बलूचिस्तान’ में मानवाधिकारों का योजनाबद्ध उल्लंघन

डा. राधेश्याम द्विवेदी ‘अखंड भारत’ का प्राचीन इतिहास : अखंड भारत पिछले 15,000 वर्षों से