कहानी रिश्ते October 6, 2022 / October 6, 2022 by डॉ० शिबन कृष्ण रैणा | Leave a Comment जिस दिन मिस्टर मजूमदार को पता चला कि उनका तबादला अन्यत्र हो गया है, उसी दिन से दोनों पति-पत्नी सामान समेटने और उसके बण्डल बनवाने, बच्चों की टी०सी निकलवाने, दूधवाले, अखबार वाले आदि का हिसाब चुकता करने में लग गए थे। पन्द्रह वर्षों के सेवाकाल में यह उनका चौथा तबादला था। सम्भवत: अभी तक यही […] Read more » रिश्ते
कहानी बेटे की तनख्वाह September 19, 2022 / September 21, 2022 by डॉ० शिबन कृष्ण रैणा | 2 Comments on बेटे की तनख्वाह (कश्मीरी कहानी) संसारचन्द की गुलामी का यह आखिरी दिन था । चालीस साल की गुलामी बिताने के बाद आज वह आज़ाद होने जा रहा था । भीतर से वह एकदम पोला हो चुका था । गूदा खत्म और बाकी रह गया था ऊपर का छिलका । बस, छिलके को वह और अधिक रौंदवाना नहीं चाहता […] Read more » बेटे की तनख्वाह
कहानी तलाक September 15, 2022 / September 15, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment राधिका और नवीन को आज तलाक के कागज मिल गए थे। दोनो साथ ही कोर्ट से बाहर निकले। दोनो के परिजन साथ थे और उनके चेहरे पर विजय और सुकून के निशान साफ झलक रहे थे। चार साल की लंबी लड़ाई के बाद आज फैसला हो गया था। दस साल हो गए थे शादी को […] Read more » divorce तलाक
कहानी अच्छा मुहूर्त September 7, 2022 / September 7, 2022 by डॉ० शिबन कृष्ण रैणा | 1 Comment on अच्छा मुहूर्त इस बार गर्मियों की छुट्टियों में दो-एक सप्ताह के लिए घर जाने की इच्छा को मैं टाल न सका। वह भी समय था जब मैं वर्ष में दो-दो बार घर जाया करता … | जैसे-जैसे गृहस्थी बढ़ती गई वैसे-वैसे मेरे घर जाने की आवृत्ति में भी कमी आती गई ..! अब तो तीन-तीन, चार-चार वर्षों […] Read more »
कहानी छलावा September 3, 2022 / September 4, 2022 by लक्ष्मी अग्रवाल | Leave a Comment शुभ्रा और नीलेश एक ही कॉलेज में साथ पढ़ते थे। दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। लेकिन यह दोस्ती कब मन-मंदिर में प्रेम-पुष्प खिला गए, खुद शुभ्रा को भी पता न चला। वह नीलेश को दिल ही दिल चाहने लगी। पर अपने प्यार का इजहार करने से डरती थी। उसे डर था कि यदि नीलेश की […] Read more »
कहानी दो बूंद गंगाजल June 24, 2022 / June 24, 2022 by अरुण तिवारी | Leave a Comment अरुण तिवारी (वैश्विक तापमान में वृद्धि और इसके परिणामस्वरूप मौसमी परिवर्तन। निःसंदेह, वृद्धि और परिवर्तन के कारण स्थानीय भी हैं, किंतु राजसत्ता अभी भी ऐसे कारणों को राजनीति और अर्थशास्त्र के फौरी लाभ के तराजू पर तौलकर मुनाफे की बंदरबांट में मगन दिखाई दे रही है। जन-जागरण के सरकारी व स्वयंसेवी प्रयासों से जनता तो […] Read more » two drops of gangajal दो बूंद गंगाजल
कहानी मकान का महूर्त April 5, 2022 / April 5, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment ” भैया, परसों नये मकान पे हवन है।छुट्टी का दिन है। आप सभी को सपरिवार आना है, मैं गाड़ी भेज दूँगा।” छोटे भाई श्रीकृष्ण ने बड़े भाई रामकृष्ण से मोबाईल पर बात करते हुए कहा रामकृष्ण ने पूछा, ” क्या तू किराये के किसी दूसरे मकान में शिफ्ट हो रहा है ?”” नहीं भैया,ये अपना […] Read more » मकान का महूर्त
कहानी लास्ट एंड फाउंड March 2, 2022 / March 2, 2022 by दिलीप कुमार सिंह | Leave a Comment मुंबई के उपनगर मीरा रोड के बैंजो लेन में पहले तल पर “जाज “ ओपन एयर रेस्टोरेंट की ये एक उदास शाम थी । इस रेस्टोरेंट में सब कुछ खुला ही था यहां तक किचन भी ,सिर्फ वॉशरूम ढके -मूंदे थे। “जाज “ रेस्टोरेंट की खासियत ये थी कि यहाँ गीत-संगीत हमेशा गुंजायमान रहता था […] Read more » लास्ट एंड फाउंड
कहानी एहसासात -ए – मच्छर October 23, 2021 / October 23, 2021 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़रीगेंडामल को नित्य नये प्रयोग करने का बहुत शौक़ था। रोज़ की तरह एक दिन जब वह बाथरूम में नहाने गया तो अचानक ‘खाये पिये परिवारों’ के कई मोटे मच्छरों ने गेंडामल के निःवस्त्र शरीर की गेंडे जैसी खाल पर डंक चुभोना शुरू कर दिया। पहले तो गेंडामल ने डांस ट्वीस्ट आदि कर उन […] Read more » एहसासात -ए - मच्छर
कहानी कानूनी भ्रष्टाचार October 21, 2021 / October 21, 2021 by मनोहर पुरी | Leave a Comment — मनोहर पुरी —संज्ञावती एक राज्य के मुख्यमंत्री की मुंह लगी थी। कुछ उसे उपपत्नी और कुछ प्रेमिका भी कहते थे। वह राज्य के मुख्यमंत्री महेश कुमार की बचपन की सखी थी,यह सत्य सब जानते थे। दोनों के परिवार एक छोटे से गांव में निर्धनता का जीवन व्यतीत करते थे। उनके पड़ोसी गांव में एक […] Read more » कानूनी भ्रष्टाचार
कहानी मासूम शिव भक्त – एक सच्ची कहानी July 27, 2021 / July 27, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment शंकर एक अनाथ लड़का था। उसको जंगल में रहने वाले शिकारियों के एक गिरोह ने पाला था। उसके पास कोई औपचारिक शिक्षा भी नहीं थी – वह केवल एक चीज जानता था कि उसे कैसे जीवित रहना है। शिकार करना और उनको मारना तथा जंगल के फलों को खाना और नदी के पानी को पीकर […] Read more » शिव भक्त
कहानी ब्रांड न्यू June 24, 2021 / June 24, 2021 by दिलीप कुमार सिंह | Leave a Comment उसने दिहाड़ी के मजदूर रखे थे ,कुल जमा तीन थे , एक रेकी करता था ,दो काम करते थे ।इसके एवज में शाम को तीनों को दिहाड़ी मिला करती थी । शाम को कलेक्शन जमा होता था । नग गिने जाते थे, साबुत पीस आगे भेजे जाते थे , उन्हें धुलकर,प्रेस करके ,फिर नई मोहर […] Read more » brand new kafan ke saydagar