कविता साहित्य फिर नरेंदर ! April 15, 2019 / April 15, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment सर्वेश सिंह तूं ही कविता, तूं ही मंतर सुखकारी बाहर आभ्यंतर स्वर्गिक धूनी अंदर नवल धवल मन्वंतर फिर नरेंदर ! रोग-ग्रस्त भूगोल दिखे है अड़गड़ जोग मचे है मुंह बिराते पंजर फिर नरेंदर ! देख दीखावा सब है धूल की ढेरी ढलता सूरज ढलता चँदा देश विरोधी नेता डोलें बन कर मस्त कलंदर फिर नरेंदर […] Read more » phir narendra vote for narendra फिर नरेंदर !
कविता ऐसा लगता लाल किला मर्दानी भाषा बोल गया।। April 15, 2019 / April 15, 2019 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on ऐसा लगता लाल किला मर्दानी भाषा बोल गया।। वर्षों बन्द कुबेर खजाने का दरवाजा खोल गया। गोरा बादल शत्रु कंठ को तलवारों से तोल गया। सात दशक का पाप जाप की अग्नि शिखा से डोल गया। ऐसा लगता लाल किला मर्दानी भाषा बोल गया।। अद्भुत चतुर खिलाड़ी आया दाग गोल पर गोल गया। ऐसा लगता लाल किला मर्दानी भाषा बोल गया।। सैनिक की […] Read more » ऐसा लगता लाल किला मर्दानी भाषा बोल गया।।
कविता मानव आज कितना सिमट गया है | April 12, 2019 / April 12, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment मानव आज कितना सिमट गया है | केवल वह मोबाइल से चिपट गया है || उसे फुर्सत नहीं है किसी से मिलने की | उसे फुर्सत नहीं है किसी को सुनने की || वह तो अपने आप में कही खो गया है | मानव आज कितना सिमट गया है || न रही फुर्सत उसे अपने […] Read more » मानव आज कितना सिमट गया है |
कविता मतदान व मतदाता April 12, 2019 / April 12, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment मत का दान जो करे,वह मतदाता कहलाय | मत का दान जो ले,वह सीधा नेता बन जाय || मन भेद न कीजिये,भले ही मत भेद हो जाय | सही सच्चा रास्ता,कभी भी दुःख न हो पाय || मतदान से पहले नेता,मतदाता के चक्कर लगाय | मतदान के बाद , मददाता नेता के चक्कर लगाय || […] Read more » Vote voters मतदाता मतदान मतदान व मतदाता
कविता आया आज बैशाखी का त्यौहार | April 10, 2019 / April 10, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आया आज बैशाखी का त्यौहार | जिसमे होती है अन्न की बौछार || इन दिनों खेतो में अन्न पाक जाता | पक कर अन्न घरो पर है आ जाता || फिर झूम जाते है सभी कृषक परिवार | मनाते ख़ुशी से ये बैशाखी का त्यौहार || आया आज बैशाखी का त्यौहार | जिसमे होती है […] Read more »
कविता प्रकृति क्यों बदला लेती है ? April 10, 2019 / April 10, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment घनघोर घटायें घिर रही,घन भी घडघडाहट कर रहे |दामिनी दम दम दमक रही,ये दिन को रात कर रहे || ओलावृष्टि भी हो रही,धरती भी सफेद चादर ओढ़ रही |चारो और हाहाकार मचा,कैसी भू पर अनावृष्टि हो रही || चारो तरफ जीवन अस्त-वयस्त है,बिजली भी चली गयी |चारो तरफ अँधेरा छा गया ये कैसी हालत हमारी […] Read more »
कविता माँ ! अम्बे कैसे उतारू तेरी आरती ? April 8, 2019 / April 8, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment माँ ! अम्बे कैसे उतारू तेरी आरती ?जब संकट में पड़ी है मेरी माँ भारती || चारो तरफ जब चुनाव माहौल बना हुआ है |उजाले में भी चारो ओर अँधेरा बना हुआ है ||ये नेता जब कोरा झूठ बोल रहे है |वोटरों को हर तरह से ये छोल रहे है ||इनका कोई धर्म ईमान न […] Read more »
कविता नवरात्र में माँ फिर आईं हैं April 8, 2019 / April 8, 2019 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment नवरात्र में माँ फिर आईं हैं प्रकृति ने भी धरती सजाई है शाखों पर नए पत्ते शर्मा रहे हैं पेड़ों पर नए पुष्प इठला रहे है खेतों में नई फसलें लहलहा रही हैं चिड़ियाँ चहक रही हैं कोयल गा रही है सम्पूर्ण सृष्टि स्वागत गान गा रही है हे शक्ति की देवी समृद्धि की देवी […] Read more » chaiti navratra maa durga in chaitra maas नवरात्र
कविता नववर्ष मंगलमय हो ! April 3, 2019 / April 3, 2019 by आलोक पाण्डेय | Leave a Comment सत्य सनातन सभ्यता के रक्षक , हे उन्नत विचारों वाले , क्रुर , दु:सह दु:ख – जड़ता का विध्वंसक , हे उन्मत्त ! सुधारों वाले ! सत्यता की मलिन दशा क्यों हो गयी है आज , बन्धु लूटे खूब बान्धव को , है नहीं बची कुछ लाज ! लूट रही संपदा विविध , सर्वत्र लगी […] Read more » नववर्ष
कविता बुरा मत मानिए कि देखिए इलेक्शन है।। April 2, 2019 / April 2, 2019 by अजय एहसास | Leave a Comment बुरा मत मानिए कि देखिए इलेक्शन है।। बदले है भेष और करते हैं द्वेष, मगर आते ही चुनाव बढ़ जाता परफेक्शन है। आशीष जो देते नही छूने लगे हैं पैर, बुरा मत मानिए कि देखिए इलेक्शन है।। जनता की जेब खाली उनकी गाड़ी ए०सी० वाली, एकाउन्ट में इनके तो अरबों का कलेक्शन है। मरने के […] Read more » इलेक्शन
कविता चुनाव का बाजार लगा हुआ है | April 2, 2019 / April 2, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment चुनाव का बाजार लगा हुआ है | देखो ! ये कितना सजा हुआ है || चारो तरफ पोस्टर लगे हुये है | बैनर और झंडे भी लगे हुये है || कोई नहीं यहाँ दुकान व सामान | बिक रहा है यहाँ धर्म व इमान || वोट व वोटर की कीमत यहाँ लगती | झूठे आश्वानो […] Read more » election market marketing in election चुनाव चुनाव का बाजार
कविता हर हर मोदी घर घर मोदी,मच रहा चारो तरफ शोर | April 1, 2019 / April 1, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment हर हर मोदी घर घर मोदी,मच रहा चारो तरफ शोर |राहुल भैया शोर मचा रहे ,देश का चोकीदार है चोर || कौन है चोर कौन है चोकीदार,ये तो समय ही बतायेगा |23 मई को जब रिजल्ट आयेगा,सबको पता चल जायेगा || जनता को मत बेवकूफ समझो,वह सब कुछ जानती है |बहुत दिनों तक बेवकूफ बनाया,वह […] Read more » मच रहा चारो तरफ शोर हर हर मोदी घर घर मोदी