प्रवक्ता न्यूज़ लेख मोदी सरकार में शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने का एक सार्थक प्रयास March 28, 2019 / March 28, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment संसद में २०१७ में शिक्षा का अधिकार अधिनियम में संसोधन विधेयक पारित कराकर ये लक्ष्य निर्धारित किया गया कि ३१ मार्च, २०१९ से पूर्व पूरे देश के सभी प्राथमिक विद्यालयों (सरकारी और निजी दोनों) में कार्यरत शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी की मदद से गुणवत्तापूर्ण शिक्षक प्रशिक्षण पूर्ण कराया जायेगा. भारत में जब भी शिक्षा की […] Read more » right to education in modi rule मोदी सरकार मोदी सरकार में शिक्षा के अधिकार शिक्षा के अधिकार
लेख है अंधेरी रात, पर दीवा जलाना कब मनाना है March 24, 2019 / March 24, 2019 by अरुण तिवारी | 1 Comment on है अंधेरी रात, पर दीवा जलाना कब मनाना है अरुण तिवारीकरोङों हिंदुस्तानियों की तरह नाना ने भी सूखे का संत्रास देखा; आत्महत्या कर चुके किसानों के परिवार वालों के दर्द भरे साक्षात्कार सुने। मैने भी सुने। मेरी हमदर्दी कलम तक सीमित रही, किंतु नाना ने कहा कि टेलीविजन पर देखे दृश्यों से उनका दम घुटने लगा; उनकी नींद उङ गई। उन्होने सोचा – ”जो […] Read more »
लेख ऑनलाइन ट्रेनिंग आपके करियर के लिए कैसे हो सकता है फायदेमंद March 6, 2019 / March 6, 2019 by सर्वेश अग्रवाल | Leave a Comment ग्रेजुएशन की पढ़ाई के बाद, कृति अवसरों की तलाश में थी, लेकिन निरंतर प्रयासों के बाद भी उसे सफलता प्राप्त नहीं हुई। कृति को अहसास हुआ की यह असफलता का कारण पर्याप्त अनुभव न होना और कौशल की कमी है। दुर्भाग्य से, कृति जैसे अनेकों छात्र और छात्राएं हैं जो इस परेशानी से जूझ रहे […] Read more »
लेख कैसे इंटर्नशिप नौकरी पाने में सहायक होती हैं। March 6, 2019 / March 6, 2019 by सर्वेश अग्रवाल | Leave a Comment इंजीनियरिंग छात्रा पूजा मिश्रा को कॉलेज प्लेसमेंट के माध्यम से नौकरी नहीं मिली। अच्छे अकादमिक प्रदर्शन के बावजूद वह इंटरव्यू के तकनीकी राउंड में सफल नहीं हो पायी। एक कॉलेज सीनियर के सुझाव पर उसने इंटर्नशिप करने का निर्णय किया। पूजा की कंटेंट राइटिंग में रुचि थी अतः उसने इस क्षेत्र की इंटर्नशिप के लिए […] Read more »
लेख आज भी प्रासंगिक हैं वीर सावरकर February 26, 2019 / February 26, 2019 by इंद्रभूषण मिश्र | Leave a Comment काल स्वयं मुझसे डरा है.मैं काल से नहीं,कालेपानी का कालकूट पीकर,काल से कराल स्तंभों को झकझोर कर,मैं बार बार लौट आया हूं,और फिर भी मैं जीवित हूं,हारी मृत्यु है, मैं नहीं….।।ऐसे बहुत कम होता है कि जितनी ज्वाला तन में हो उतना ही उफान मन में हो. जिसके कलम में चिंगारी हो उसके कार्यों में […] Read more »
लेख मनुष्य की मृत्य क्यों होती है? February 4, 2019 / February 4, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य अपनी माता से इस संसार में जन्म लेता है। आरम्भ में शैशव अवस्था होती है। समय के साथ उसके शरीर व ज्ञान में वृद्धि होती है। वह माता की बोली को सुनकर उसे समझने लगता है व कुछ समय बाद बोलने भी लगता है। शैशव अवस्था बीतने पर किशोर व […] Read more »
लेख जार्ज फर्नांडीसः कुछ संस्मरण February 2, 2019 / February 2, 2019 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिकजाॅर्ज फर्नांडीस जब 1967 में पहली बार लोकसभा में चुनकर आए तो सारे देश में उनके नाम की धूम मची हुई थी। वे बंबई के सबसे लोकप्रिय मजदूर नेता थे। उन्होंने कांग्रेस के महारथी एस के पाटील को मुंबई में हराया था। तब जाॅर्ज संसोपा के उम्मीदवार थे। संयुक्त समाजवादी पार्टी के नेता […] Read more »
लेख स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, लोकतंत्र सेनानी पेंशन एवं सम्मान निधि, वैधानिक स्थिति – एक विवेचन January 7, 2019 / January 7, 2019 by हरिहर शर्मा | 1 Comment on स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, लोकतंत्र सेनानी पेंशन एवं सम्मान निधि, वैधानिक स्थिति – एक विवेचन लेखक –गोपाल कृष्ण डण्डोतिया (पूर्व सूचना आयुक्त मध्य प्रदेश) मध्यप्रदेश में वर्तमान राज्य सरकार द्वारा लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है | चूंकि हाल के विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को बहुमत प्राप्त नहीं हुआ है, अतः बिना बहुमत सिद्ध किये ही सरकार द्वारा लिये गये इस निर्णय […] Read more » लोकतंत्र सेनानी पेंशन एवं सम्मान निधि
महत्वपूर्ण लेख लेख साहित्य वतन की फिक्र कर नादां मुसीबत आने वाली है December 30, 2018 / December 30, 2018 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on वतन की फिक्र कर नादां मुसीबत आने वाली है राकेश कुमार आर्य ममता दी का प.बंगाल बहुत ही भयानक परिस्थितियों को प्रकट कर रहा है । अनेक ‘ प्रतिबंधों ‘ के बीच जीते हिंदू को लगता है हमने अपनी किसी ‘ करनी ‘ का फल भोगने के लिए अकेला छोड़ दिया है । सचमुच देश के हर देशभक्त के लिए सोचने और विचारने का […] Read more »
लेख साहित्य राष्ट्रवाद के महानायक मालवीय जी December 26, 2018 / December 26, 2018 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment पंडित मदनमोहन मालवीय जी का संपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक जीवन स्वदेश के खोए गौरव को स्थापित करने के लिए प्रयासरत रहा। जीवन-युद्ध में उतरने से पहले ही उन्होंने तय कर लिया था कि देश को आजाद कराना और सनातन संस्कृति की पुर्नस्थापना उनकी प्राथमिकता होगी। 1893 में कानून की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वे इलाहाबाद उच्च […] Read more »
लेख असुरक्षा का भाव : पलायन का एक प्रमुख कारण April 10, 2018 / June 10, 2022 by अरूण कुमार जैन | Leave a Comment ईस्ट इंडिया कंपनी के आने के बाद जिस प्रकार अंग्रेजों एवं अंग्रेजियत ने हिन्दुस्तान को जकड़ लिया था, उससे ऐसा प्रतीत होने लगा था कि हिन्दुस्तान अब गुलामी की जंजीरों में जकड़ा ही रहेगा किंतु देशभक्त क्रांतिकारियों या यूं कहिए कि देशभक्ति से ओत-प्रोत देशवासियों ने अहिंसक एवं बाद में हिंसक तरीकों से अंग्रेजी सरकार […] Read more » a major reason for migration Feeling of insecurity असुरक्षा का भाव पलायन का एक प्रमुख कारण
लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-86 April 9, 2018 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य   गीता का सत्रहवां अध्याय मनुष्य के पतन का कारण कामवासना होती है। बड़े-बड़े सन्त महात्मा और सम्राटों का आत्मिक पतन इसी कामवासना के कारण हो गया। जिसने काम को जीत लिया वह ‘जगजीत’ हो जाता है। सारा जग उसके चरणों में आ जाता है। ऐसे उदाहरण भी हमारे इतिहास में […] Read more » Featured geeta karmayoga of geeta आज का विश्व गीता गीता का कर्मयोग गीता का सत्रहवां अध्याय