लेख शिक्षा से वंचित बच्चों का भविष्य August 6, 2024 / August 6, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment नरेंद्र शर्माजयपुर, राजस्थान “मेरे चार बच्चे हैं. इन्हें स्कूल भेजना तो दूर, खाना खिलाने के लिए भी पैसे नहीं होते हैं. कभी मज़दूरी मिलती है और कभी नहीं मिलती है. ऐसे में मैं इनके खाने की व्यवस्था करूं, या इनकी शिक्षा के लिए चिंता करें? पहले स्कूल में एडमिशन कराने का भी प्रयास किया था. […] Read more » शिक्षा से वंचित बच्चों का भविष्य
लेख रोज़गार के वास्ते पलायन की मजबूरी August 6, 2024 / August 6, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment लक्ष्मी देवीगया, बिहार हमारा देश जिन बुनियादी आवश्यकताओं से जूझ रहा है उसमें रोज़गार एक प्रमुख मुद्दा है. विशेषकर हमारा ग्रामीण इलाका इससे बहुत अधिक प्रभावित है. जिसके कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण शहरों, महानगरों और औद्योगिक इलाकों की ओर पलायन करने को मजबूर होता है. परिवार के लिए दो वक़्त की रोटी की व्यवस्था करने […] Read more » compulsion to migrate for employment रोज़गार के वास्ते पलायन की मजबूरी
खेल जगत लेख मनु ने लौटाया शूटिंग का स्वर्णिम दौर August 6, 2024 / August 6, 2024 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment – योगेश कुमार गोयलपेरिस ओलंपिक के आठवें दिन भारत का प्रत्येक व्यक्ति ओलंपिक में पहला स्वर्ण पदक जीतने की पक्की उम्मीदें लगाए बैठा था और ये उम्मीदें टिकी थी भारत की ‘मिरेकल गर्ल’ मनु भाकर पर। पूरी उम्मीद थी कि ‘मिरेकल गर्ल’ मनु भाकर ओलंपिक में अपनी ऐतिहासिक हैट्रिक पूरी करते हुए इस स्पर्धा में […] Read more » Manu returned the golden era of shooting
धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार लेख वर्त-त्यौहार सावन के तीसरे सोमवार को लगता है आगरा का सुप्रसिद्ध कैलाश मेला August 5, 2024 / August 5, 2024 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment हमारे भारत देश में एक समृद्ध आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत के साथ, कई धर्मों का पालन किया जाता है। नतीजतन धार्मिक त्योहारों की एक बड़ी संख्या को मनाया जाता है। ऐसा ही एक त्योहार आगरा का सुप्रसिद्ध कैलाश मेला है। आगरा का यह सुप्रसिद्ध कैलाश मेला हर वर्ष सावन महीने के तीसरे सोमवार को लगता […] Read more »
पर्यावरण लेख हम तो डूबे हैं सनम तुमको भी ले डूबेंगे August 5, 2024 / August 5, 2024 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री मानसून की आमद हो चुकी है। इस मौसम में देश के किसी न किसी भाग से बाढ़,जलप्रलय,भूस्खलन,बादल फटने जैसी प्राकृतिक […] Read more »
धर्म-अध्यात्म लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 19 August 5, 2024 / August 5, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment रावण ने दिया सीता जी को दो माह का समय जब सीता जी ने रावण को लताड़ते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि चाह जो हो जाए, पर वह कभी उसकी भार्या नहीं बन सकतीं तो रावण अत्यधिक क्रोध में आ गया। तब उसने सीता जी से कहा कि तुम्हारे पास दो महीने का समय […] Read more » Ram of my mind
लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 18 August 5, 2024 / August 5, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment अध्याय 18 सीता जी और रावण का संवाद उस अशोक वाटिका में हनुमान जी ने एक ऊंचे उठे हुए गोलाकार भवन को देखा। यह भवन अत्यंत निर्मल था और ऊंचाई में आकाश से बातें करता था। उस भवन को देखते हुए हनुमान जी ने मैले वस्त्रों से युक्त रक्षसियों से घिरी हुई, उपवास करने से […] Read more » मेरे मानस के राम
लेख शख्सियत अभय छजलानी: पत्रकारिता के तपस्वी साधक August 3, 2024 / August 2, 2024 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल‘ इन्दौर आज समूचे भारत में पत्रकारिता की नर्सरी माना जाता है। महनीय सम्पादकीय परम्परा की नींव माने जाने वाले शहर इन्दौर की इमारत की बुलन्दी को खड़ा करने में जिन साधकों के श्रम दर्ज हैं, ऐसे योद्धाओं में एक नाम अभय छजलानी भी है। माँ अहिल्या की नगरी इंदौर में छजलानी परिवार में 4 अगस्त […] Read more » Abhay Chhajlani Ascetic seeker of journalism अभय छजलानी
लेख लोकतंत्र बनाम लाठीतंत्र August 2, 2024 / August 2, 2024 by नवेन्दु उन्मेष | Leave a Comment नवेन्दु उन्मेष लोकतंत्र में लोगों के विकास में लाठी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यहसर्वसत्य है कि बगैर लाठी खाये कोई आगे नहीं बढ़ता है। आगे बढ़ने के लिएलाठी खानी ही पड़ती है। स्कूल में पढ़े तब टीचर की छड़ी खाई। घर में रहे तोमाता-पिता की छड़ी खाई। इससे जाहिर होता है कि लोकतंत्र में […] Read more »
लेख क्यों किसानों के लिए पशुपालन बोझ बनता जा रहा है? August 2, 2024 / August 2, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment उर्मिला कंवरलूणकरणसर, राजस्थानहमारे देश में किसानों के लिए कृषि कार्य जितना लाभकारी है उतना ही पशुपालन भी उनकी आय का एक बड़ा माध्यम है. देश के लगभग सभी किसान कहीं न कहीं खेती के साथ साथ पशुपालन भी ज़रूर करते हैं. इससे जहां उन्हें कृषि संबंधी कार्यों में सहायता मिलती है तो वहीं वह उनके […] Read more » Why is animal husbandry becoming a burden for farmers?
मनोरंजन लेख दोस्ती है जादुई संवेदनाओं को जगाने का सशक्त माध्यम August 2, 2024 / August 2, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment अन्तर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस – 4 अगस्त 2024-ः ललित गर्ग :- मित्रता हर रिश्ते में प्रेम, विश्वास एवं आत्मीयता का रस घोलती है। दोस्ती एक अनूठा एवं विलक्षण रिश्ता है, जिसमें हम बिना संकोच के अपनी वास्तविकता प्रकट कर देते हैं। यह रिश्ता कर्तव्यों, नियमों एवं बंधनों से मुक्त है। यह रिश्ता हमें स्वतंत्रता देता है, जिससे […] Read more » अन्तर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस दोस्ती
लेख रोजगार को गांव तक पहुंचाने की जरूरत है August 2, 2024 / August 2, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment कृष्णा कुमारी मीणाअजमेर, राजस्थान“मैंने 12वीं तक विज्ञान विषय से पढ़ाई की है. फिर घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण रोज़गार की तलाश करने लगा. लेकिन मुझे कहीं भी नौकरी नहीं मिली. जिसके बाद मुझे मार्बल फैक्ट्री में मज़दूर के रूप में काम करना पड़ रहा है. रोज़गार की तलाश में कहीं भी […] Read more » रोजगार को गांव तक पहुंचाने की जरूरत है