लेख शख्सियत अभय छजलानी: पत्रकारिता के तपस्वी साधक August 3, 2024 / August 2, 2024 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल‘ इन्दौर आज समूचे भारत में पत्रकारिता की नर्सरी माना जाता है। महनीय सम्पादकीय परम्परा की नींव माने जाने वाले शहर इन्दौर की इमारत की बुलन्दी को खड़ा करने में जिन साधकों के श्रम दर्ज हैं, ऐसे योद्धाओं में एक नाम अभय छजलानी भी है। माँ अहिल्या की नगरी इंदौर में छजलानी परिवार में 4 अगस्त […] Read more » Abhay Chhajlani Ascetic seeker of journalism अभय छजलानी
लेख लोकतंत्र बनाम लाठीतंत्र August 2, 2024 / August 2, 2024 by नवेन्दु उन्मेष | Leave a Comment नवेन्दु उन्मेष लोकतंत्र में लोगों के विकास में लाठी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यहसर्वसत्य है कि बगैर लाठी खाये कोई आगे नहीं बढ़ता है। आगे बढ़ने के लिएलाठी खानी ही पड़ती है। स्कूल में पढ़े तब टीचर की छड़ी खाई। घर में रहे तोमाता-पिता की छड़ी खाई। इससे जाहिर होता है कि लोकतंत्र में […] Read more »
लेख क्यों किसानों के लिए पशुपालन बोझ बनता जा रहा है? August 2, 2024 / August 2, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment उर्मिला कंवरलूणकरणसर, राजस्थानहमारे देश में किसानों के लिए कृषि कार्य जितना लाभकारी है उतना ही पशुपालन भी उनकी आय का एक बड़ा माध्यम है. देश के लगभग सभी किसान कहीं न कहीं खेती के साथ साथ पशुपालन भी ज़रूर करते हैं. इससे जहां उन्हें कृषि संबंधी कार्यों में सहायता मिलती है तो वहीं वह उनके […] Read more » Why is animal husbandry becoming a burden for farmers?
मनोरंजन लेख दोस्ती है जादुई संवेदनाओं को जगाने का सशक्त माध्यम August 2, 2024 / August 2, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment अन्तर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस – 4 अगस्त 2024-ः ललित गर्ग :- मित्रता हर रिश्ते में प्रेम, विश्वास एवं आत्मीयता का रस घोलती है। दोस्ती एक अनूठा एवं विलक्षण रिश्ता है, जिसमें हम बिना संकोच के अपनी वास्तविकता प्रकट कर देते हैं। यह रिश्ता कर्तव्यों, नियमों एवं बंधनों से मुक्त है। यह रिश्ता हमें स्वतंत्रता देता है, जिससे […] Read more » अन्तर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस दोस्ती
लेख रोजगार को गांव तक पहुंचाने की जरूरत है August 2, 2024 / August 2, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment कृष्णा कुमारी मीणाअजमेर, राजस्थान“मैंने 12वीं तक विज्ञान विषय से पढ़ाई की है. फिर घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण रोज़गार की तलाश करने लगा. लेकिन मुझे कहीं भी नौकरी नहीं मिली. जिसके बाद मुझे मार्बल फैक्ट्री में मज़दूर के रूप में काम करना पड़ रहा है. रोज़गार की तलाश में कहीं भी […] Read more » रोजगार को गांव तक पहुंचाने की जरूरत है
पर्यावरण लेख वायनाड त्रासदी: जलवायु परिवर्तन की नज़र से July 31, 2024 / July 31, 2024 by निशान्त | Leave a Comment केरल के वायनाड ज़िले में, ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, डेढ़ सौ से ज़्यादा भरी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में अपनी जान गंवा चुके हैं। वायनाड जिला लगातार मॉनसून बारिश के कारण हुए भूस्खलन से बर्बादी का सामना कर रहा है। 30 जुलाई की शुरुआती घंटों में, कई जगह हुए भूस्खलन ने जिले के कई […] Read more » वायनाड त्रासदी
लेख विकास की दौड़ में पीछे छूटते दिव्यांग July 31, 2024 / July 31, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment शगुन कुमारीपटना, बिहारआज के समय में छोटी से छोटी गलियां, मोहल्ले, गांव और शहर विकसित हो रहे हैं. इसके लिए सरकार की ओर से अनेकों योजनाएं भी चलाई जा रही हैं ताकि इसका लाभ समाज के सभी वर्गों को मिले और सभी नागरिक समान रूप से विकसित भारत का हिस्सा बन सकें. इस बार के […] Read more » Disabled left behind in the race of development
लेख मेरे मानस के राम :अध्याय 17 July 31, 2024 / July 31, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment रावण के महल और अशोक वाटिका का चित्रण जब हनुमान जी रावण की राजधानी लंका में पहुंच गए तो वहां उन्होंने बने हुए उत्तम राजप्रासाद के मध्य एक स्वच्छ और निर्मल विशाल भवन को देखा। अब उनकी एक ही इच्छा थी कि यहां पर सीता जी कहां हो सकती हैं ? उस भवन में इधर-उधर […] Read more » मेरे मानस के राम
लेख स्लम बस्तियों में पानी की गंभीर समस्या July 31, 2024 / July 31, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment सुनील सैनीजयपुर, राजस्थान पूरे राजस्थान में मानसून लगभग सक्रिय हो चुका है. अब तक 190 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है. हालांकि यह सामान्य से दो एमएम कम है. लेकिन गर्मी के कारण सूख चुके राज्य के कई जलाशय अब तक लबालब भर चुके हैं. जो न केवल कृषि के लिए फायदेमंद साबित होता है बल्कि […] Read more »
लेख मुगलकाल में अफगानिस्तान की स्थिति July 30, 2024 / July 30, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment अफगानिस्तान का हिंदू वैदिक अतीत नामक पुस्तक से अध्याय 17 हुमायूँ -बाबर की 1530 ई. मृत्यु हो गई तो उसके पश्चात् उसका पुत्र हुमायूँ उसके साम्राज्य का उत्तराधिकारी बना। वह अपनी मातृभूमि विजय के प्रति उसी प्रकार लालायित रहा जैसे उसका पिता रहा था। परंतु वह भी निज भाइयों के असहयोग के कारण इस दिशा […] Read more » मुगलकाल में अफगानिस्तान की स्थिति
राजनीति लेख आर्य समाज और स्वामी रामभद्राचार्य का बयान July 30, 2024 / July 30, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment आर्य समाज के बारे में आज भी पौराणिक साधु संन्यासी उल्टी सीधी धारणाएं बनाने या अफवाह फैलाने का प्रयास करते रहते हैं। कारण कि ऐसा करने से उनका व्यापार फलता फूलता है।रामभद्राचार्य जी के द्वारा यह कहना कि स्वामी दयानंद जी महाराज राम, रामायण ,कृष्ण और गीता को काल्पनिक मानते थे, इसी प्रकार की काल्पनिक […] Read more » Statement of Arya Samaj and Swami Rambhadracharya
लेख बुनियादी सुविधाओं से पीछे क्यों रह जाती हैं स्लम बस्तियां July 29, 2024 / July 29, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment बंदना कुमारीपटना, बिहार “आज भी हमलोग को यहां पीने का पानी भरने के लिए सुबह सुबह नल पर लाइन लगाना पड़ता है. अगर ज़रा देर हो जाती है तो अपना नंबर आते आते पानी चला जाता है. अगर किसी दिन सुबह बिजली चली गई तो फिर पानी मिलना मुश्किल हो जाता है. सारा दिन काम […] Read more » बुनियादी सुविधाओं से पीछे क्यों रह जाती हैं स्लम बस्तियां